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तितरम मोड़ पर तीन घंटे तक जाम लगाकर सरकार के खिलाफ गरजे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 12:06 AM IST
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farmer protest
farmer protest - फोटो : Kaithal
किसानों ने रविवार को तितरम मोड़ पर जींद-कैथल रोड और एनएच-152 पर तीन घंटे जाम लगाकर कृषि संबंधी कानून को जमकर विरोध किया। जिससे हिसार, जींद, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद से चंडीगढ़, कैथल आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गांवों के लिंक मार्गों से लोगों को वाहन निकालने पड़े। दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक जाम के दौरान मौके पर पहुंचे किसानों ने लगातार सरकार विरोधी नारे लगाए। आढ़तियों ने भी जाम में पहुंच कर समर्थन दिया। जाम की अगुवाई भाकियू के जिलाध्यक्ष होशियार सिंह गिल व भाकियू के युवा अध्यक्ष विक्रम कसाना ने की। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा लगाया गया यह जाम सिर्फ उनके लिए नहीं था, बल्कि प्रदेश के मजदूरों, आढ़तियों और मुनीमों के लिए भी था। सरकार ने जो तीन कानून किसानों पर थोपे हैं, वे किसी तरह से भी किसानों के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों में से उनके पास एक बिल पर विचार होने की सूचना आई है, लेकिन किसान चाहते हैं कि पंजाब की तरह हरियाणा सरकार भी किसान विरोधी इन तीनों अध्यादेशों को रद्द करे।
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जिला प्रधान ने कहा कि अगर सरकार द्वारा 25 सितंबर तक उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो 25 सितंबर का पूरे प्रदेश को बंद रखेंगे। हो सका तो देश में मंडियों को बंद किया जाएगा व जाम भी लगाया जाएगा। इस दौरान न तो कोई किसान अपनी फसल बेचेगा और न ही कोई आढ़ती फसल खरीद करवाएगा। जाम के दौरान कांग्रेस, इनेलो, आम आदमी पार्टी व कई सामाजिक संगठन, जाट आरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े लोग भी मौके पर पहुंचे और किसानों को समर्थन दिया। किसान नेताओं ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि अगर वे किसान हित में कुछ बोलना चाहते हैं तो किसान बनकर ही बोलें न कि किसी पार्टी के नेता बनकर। किसानों ने समर्थन के लिए उनका आभार भी जताया।
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किसानों ने जाम के दौरान एंबुलेंस जैसे वाहनों को निकलने क रास्ता दिया। तितरम मोड़ पर जाम के दौरान कुछ वाहन लिंक मार्गों से निकलते दिखाई दिए, जिन्हें बाद में ट्रैक्टर-ट्रालियों से रोका गया। एनएच के साथ लगती लिंक रोड जो गांव तितरम को जाती है, वहां भी जाम लगाया गया। इस बीच यात्रियों से भरी रोडवेज बस सहित कई भारी व हल्के वाहन जाम में फंसे रहे। दोपहिया वाहन तो वापस जाकर दूसरे मार्गों से चले गए, लेकिन बस व भारी वाहन चालकों को जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा। डीएसपी दलीप सिंह ने बताया कि सामान्य वाहनों की आवाजाही के लिए अंबाला-जींद मार्ग पर राधा स्वामी सत्संग भवन से बाईपास होकर गांव चंदाना से नरवाना रोड पर रूट का डायवर्ट किया गया। यातायात लगभग सुचारु रूप से जारी रहा। किसी प्रकार की अनहोनी और सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर करीब 500 पुलिसकर्मी, तीन डीएसपी और प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में अधिकारी तैनात किए गए। एसडीएम संजय कुमार, जिला परिषद की सीईओ कमलप्रीत कौर और नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह भी मौके पर मौजूद थे। नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से जाम को लेकर सभी प्रबंध पुख्ता किए गए थे। जिले में 700 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान अश्वनी शोरेवाला और पुरानी मंडी के प्रधान श्याम बहादुर खुरानियां भी आढ़तियों के साथ जामस्थल पर पहुंचे और समर्थन किया। जाम में राजनीतिक पार्टियों व संगठनों से सुल्ताल सिंह जडौला, राजा राम माजरा, धर्मपाल छौत, प्रवीन किछाना, संदीप भारती, बिल्लू चंदाना, सुखबीर सिंह, सुरेश कौथ, अमरेंद्र खारा, नरेश कुमार, सूरजभान, जगबीर सिंह व अन्य शामिल थे।
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तीनों कानूनों के विरोध में अनाज मंडी में किसानों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके पश्चात शहर में भी किसानों द्वारा सरकार के खिलाफ जलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल किसानों ने कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। सीवन अनाज मंडी में किसान नेता अमरेंद्र खारा सहित अन्य किसान नेताओं ने कहा कि सरकार अपने फैसले पर फिर से विचार करे। तीनों अध्यादेशों से किसान बर्बाद हो जाएगा। इस अवसर पर रामफल, विनोद, सोहन, अमरीक, नरेंद्र, सुभाष, सतीश, चंद्रभान, जसवंत, राजेंद्र, जोगिंद्र, लक्की, पाला, सुक्खा, जंगीर सिंह ज्ञान, अभिजीत, हर्ष, बलवान, रोशन, कर्ण, रणधीर, जस्सा, प्रदीप व जोगा मौजूद थे।

किसान संगठनों के आह्वान पर सिरसा ब्रांच नहर के पुल पर करनाल-पटियाला मार्ग को किसानों ने रोष-प्रदर्शन कर चक्का जाम किया। दोपहर 12 से 2.30 बजे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। वहीं किसानों के प्रदर्शन के कारण करनाल से ढांड और ढांड से करनाल आने वाले ट्रैफिक को गांवों की सड़कों से निकाला गया। इस कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना पड़ा। किसानों से हाइवे पर लगे जाम को खेलने का आग्रह करने थाना ढांड के एसएचओ राजेश कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान ट्रैफिक को सुचारु ढंग से चलने में प्रशासन की मदद करें। किसान अपना प्रदर्शन पुल से हटकर दूसरे स्थान पर लगाएं। किसानों ने एसएचओ के आग्रह को स्वीकार कर लिया और जाम खोलने पर सहमत हुए।

farmer protest

farmer protest- फोटो : Kaithal

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