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फल्गु महोत्सव का समापन
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Falgu Festival concludes
- फोटो : Kaithal
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फल्गु महोत्सव के तीसरे दिन हरियाणा कला परिषद अंबाला मंडल और फल्गु मंदिर सुधार समिति के संयुक्त तत्वाधान में हरियाणवी सांग आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अनुभव मेहता एचसीएस सीईओ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कुरुक्षेत्र और अध्यक्ष के रूप में हरियाणा कला परिषद के अतिरिक्त निदेशक नागेंद्र कुमार शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन से की। इसमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य उपेंद्र सिंहल, राजेश शांडिल्य और राष्ट्रकवि प्रो. सारस्वत मोहन मनीषी की उपस्थिति रही। इसके बाद आयोजक समिति और हरियाणा कला परिषद अंबाला मंडल की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
मुख्य अतिथि अनुभव मेहता को हरियाणा ग्रंथ अकादमी से फल्गु तीर्थ की महत्ता पर प्रकाशित दिनेश शर्मा की पुस्तक फल्गु तीर्थ का सांस्कृतिक महात्म्य भेंट की गई। हरियाणवी सांग लोक कलाकार बसेसर सिंह ने महान राजा विक्रमादित्य की कथा को सांग के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया। देर रात तक चले सांग का दर्शकों ने खूब आनंद लिया। सांग को सुनने के लिए आस पास के कई गांवों से बड़ी संख्या में हरियाणवी सांग प्रेमी घंटों बैठे रहे। सांग के समापन पर मुख्य अतिथि अनुभव मेहता ने हरियाणवी संस्कृति के महत्व पर अपने विचार रखे और कहा कि हरियाणवी संस्कृति को मद्देनजर रखते हुए हमें मिलकर अपनी संस्कृति को बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए। मंच संचालक दिनेश शर्मा ने अथितियों, कलाकारों व कला परिषद अंबाला मंडल का धन्यवाद किया।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अनुभव मेहता एचसीएस सीईओ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कुरुक्षेत्र और अध्यक्ष के रूप में हरियाणा कला परिषद के अतिरिक्त निदेशक नागेंद्र कुमार शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन से की। इसमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य उपेंद्र सिंहल, राजेश शांडिल्य और राष्ट्रकवि प्रो. सारस्वत मोहन मनीषी की उपस्थिति रही। इसके बाद आयोजक समिति और हरियाणा कला परिषद अंबाला मंडल की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
मुख्य अतिथि अनुभव मेहता को हरियाणा ग्रंथ अकादमी से फल्गु तीर्थ की महत्ता पर प्रकाशित दिनेश शर्मा की पुस्तक फल्गु तीर्थ का सांस्कृतिक महात्म्य भेंट की गई। हरियाणवी सांग लोक कलाकार बसेसर सिंह ने महान राजा विक्रमादित्य की कथा को सांग के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया। देर रात तक चले सांग का दर्शकों ने खूब आनंद लिया। सांग को सुनने के लिए आस पास के कई गांवों से बड़ी संख्या में हरियाणवी सांग प्रेमी घंटों बैठे रहे। सांग के समापन पर मुख्य अतिथि अनुभव मेहता ने हरियाणवी संस्कृति के महत्व पर अपने विचार रखे और कहा कि हरियाणवी संस्कृति को मद्देनजर रखते हुए हमें मिलकर अपनी संस्कृति को बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए। मंच संचालक दिनेश शर्मा ने अथितियों, कलाकारों व कला परिषद अंबाला मंडल का धन्यवाद किया।
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