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Kaithal News: सर्वधर्म आस्था के प्रतीक बाबा नौगजा पीर पर लगा मेला
Fri, 13 Dec 2024 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 13 Dec 2024 01:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। सर्वधर्म की आस्था के प्रतीक फकीर नौगजा पीर की मजार पर रोशनी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। दूर-दराज से पूजा के लिए आए श्रद्धालुओं ने तेल की ज्योत जलाकर पूजा-अर्चना की व रेवडिय़ों का प्रसाद बांटकर मजार पर नीले रंग का कपड़ा चढ़ा मन्नतें मांगी।
रोशनी के त्योहार पर कुछ श्रद्धालु यहां नंगे पांव और कुछ दंडवत करते हुए भी आकर पूजा-अर्चना करते हैं। नौगजा पीर पर पूजा करने के बाद इसके पास ही बने तालाब से मिट्टी निकालने का सिलसिला भी पुराने समय से चला आ रहा है। सभी समुदायों के लोग यहां सरसों के तेल की ज्योत जगाकर मन्नतें मांगते हैं।
पर्व के लिए मेला भी लगा, जिसमें महिलाओं व बच्चों ने खरीदारी की। इस दौरान विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। पर्व का आगाज धार्मिक स्थल मुख्य महंत प्रकाश मुनि की अगुवाई में हवन से हुआ।
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इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, बड़े-बुजुर्गों और बच्चों ने आहुतियां डालते हुए विश्व शांति की कामना की। बाद में पूजा-अर्चना और बाबा की मजार पर नीली चादर चढ़ाने का क्रम शुरू हुआ।
श्रद्धालुओं ने बाबा नौगजा पीर के साथ-साथ परिसर में स्थिति देवी-देवताओं और महान विभूतियों को नमन-वंदन करते हुए विश्व शांति की कामना की। बाबा प्रकाश मुनि ने कहा कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना.. की मिसाल पेश करते हुए बाबा नौगजा पीर धार्मिक स्थल परिसर में सभी धर्मों और जातियों की आस्था से जुड़ी प्रतिमाओं को स्थापित करने का सिलसिला जारी है।
सजूमा रोड से लेकर बाबा नौगाजा पीर की मजार के बीच सु-व्यस्थित ढंग से मेले में दुकानें सजाई गई थी।
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कलायत। सर्वधर्म की आस्था के प्रतीक फकीर नौगजा पीर की मजार पर रोशनी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। दूर-दराज से पूजा के लिए आए श्रद्धालुओं ने तेल की ज्योत जलाकर पूजा-अर्चना की व रेवडिय़ों का प्रसाद बांटकर मजार पर नीले रंग का कपड़ा चढ़ा मन्नतें मांगी।
रोशनी के त्योहार पर कुछ श्रद्धालु यहां नंगे पांव और कुछ दंडवत करते हुए भी आकर पूजा-अर्चना करते हैं। नौगजा पीर पर पूजा करने के बाद इसके पास ही बने तालाब से मिट्टी निकालने का सिलसिला भी पुराने समय से चला आ रहा है। सभी समुदायों के लोग यहां सरसों के तेल की ज्योत जगाकर मन्नतें मांगते हैं।
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पर्व के लिए मेला भी लगा, जिसमें महिलाओं व बच्चों ने खरीदारी की। इस दौरान विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। पर्व का आगाज धार्मिक स्थल मुख्य महंत प्रकाश मुनि की अगुवाई में हवन से हुआ।
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इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, बड़े-बुजुर्गों और बच्चों ने आहुतियां डालते हुए विश्व शांति की कामना की। बाद में पूजा-अर्चना और बाबा की मजार पर नीली चादर चढ़ाने का क्रम शुरू हुआ।
श्रद्धालुओं ने बाबा नौगजा पीर के साथ-साथ परिसर में स्थिति देवी-देवताओं और महान विभूतियों को नमन-वंदन करते हुए विश्व शांति की कामना की। बाबा प्रकाश मुनि ने कहा कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना.. की मिसाल पेश करते हुए बाबा नौगजा पीर धार्मिक स्थल परिसर में सभी धर्मों और जातियों की आस्था से जुड़ी प्रतिमाओं को स्थापित करने का सिलसिला जारी है।
सजूमा रोड से लेकर बाबा नौगाजा पीर की मजार के बीच सु-व्यस्थित ढंग से मेले में दुकानें सजाई गई थी।

कुरुक्षेत्र। प्रतिभागियों को संबोधि करती हुई समिति अध्यक्ष डॉ. सुनीता सिरोहा। संवाद