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Kaithal News: रामनाथ डेरे पर लगा मेला
Sun, 17 Aug 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 17 Aug 2025 01:31 AM IST
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70 कैथल। पाई के करोड़ा गांव में लगे मेले में जुटी लोगों की भीड़। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। करोड़ा गांव स्थित बाबा रामनाथ डेरे पर रविवार को विशाल मेला आयोजित हुआ। इस अवसर पर हवन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
महंत खुशी नाथ ने बताया कि यहां करीब 700 वर्षों से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। बाबा रामनाथ ने इसी स्थान पर जीवित समाधि ली थी। समाधि स्थल पर देशी घी की अखंड ज्योत जल रही है और बाबा की श्रद्धा अनुसार प्रतिदिन हुक्का ताजा भरकर रखा जाता है। मान्यता है कि बाबा रात्रि के समय हुक्का पीने आते हैं, इसलिए उनके कमरे में रात्रि को किसी को जाने की अनुमति नहीं है।
महंत ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष सप्तमी को ही बाबा ने समाधि ली थी, इसलिए हर वर्ष इस दिन मेले, हवन और भंडारे का आयोजन होता है।
बाबा रामनाथ का जन्म नंगूरा गांव में हुआ था। बचपन से ही वे चमत्कारी माने जाते थे। गुरु के आदेश पर वे करोड़ा आए और गांव के उद्धार के लिए जंगल में तपस्या कर जीवित समाधि ली थी।
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इस अवसर पर बाबा रामफल नाथ, सोमवार नाथ, सागर नाथ सहित अनेक ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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पाई। करोड़ा गांव स्थित बाबा रामनाथ डेरे पर रविवार को विशाल मेला आयोजित हुआ। इस अवसर पर हवन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
महंत खुशी नाथ ने बताया कि यहां करीब 700 वर्षों से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। बाबा रामनाथ ने इसी स्थान पर जीवित समाधि ली थी। समाधि स्थल पर देशी घी की अखंड ज्योत जल रही है और बाबा की श्रद्धा अनुसार प्रतिदिन हुक्का ताजा भरकर रखा जाता है। मान्यता है कि बाबा रात्रि के समय हुक्का पीने आते हैं, इसलिए उनके कमरे में रात्रि को किसी को जाने की अनुमति नहीं है।
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महंत ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष सप्तमी को ही बाबा ने समाधि ली थी, इसलिए हर वर्ष इस दिन मेले, हवन और भंडारे का आयोजन होता है।
बाबा रामनाथ का जन्म नंगूरा गांव में हुआ था। बचपन से ही वे चमत्कारी माने जाते थे। गुरु के आदेश पर वे करोड़ा आए और गांव के उद्धार के लिए जंगल में तपस्या कर जीवित समाधि ली थी।
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इस अवसर पर बाबा रामफल नाथ, सोमवार नाथ, सागर नाथ सहित अनेक ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।