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Kaithal News: साइबर अपराधों के खतरे और बचाव के तरीके बताए
Sun, 19 Oct 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 19 Oct 2025 01:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। साइबर जागरूकता माह के तहत, एसपी उपासना के निर्देशानुसार थाना साइबर क्राइम के एसएचओ पीएसआई शुभ्रांशु की टीम ने चीका दा इंडियन हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों, उनके आधुनिक तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। एसएचओ शुभ्रांशु ने कहा कि डिजिटल युग में सुविधा के साथ-साथ खतरे भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग फर्जी लिंक, लुभावने ऑफर, ओटीपी शेयरिंग, बैंक कॉल, स्क्रीन शेयरिंग ऐप, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक जॉब ऑफर और ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, किसी के साथ बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या ओटीपी साझा न करने, मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने की सलाह दी। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर अनजान रिक्वेस्ट स्वीकार न करने और प्रोफाइल में निजी जानकारी सार्वजनिक न करने पर विशेष जोर दिया।
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कार्यक्रम में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और शिकायत पोर्टल की जानकारी भी दी गई, ताकि किसी भी ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत की जा सके और समय रहते कार्रवाई हो।
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कैथल। साइबर जागरूकता माह के तहत, एसपी उपासना के निर्देशानुसार थाना साइबर क्राइम के एसएचओ पीएसआई शुभ्रांशु की टीम ने चीका दा इंडियन हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों, उनके आधुनिक तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। एसएचओ शुभ्रांशु ने कहा कि डिजिटल युग में सुविधा के साथ-साथ खतरे भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग फर्जी लिंक, लुभावने ऑफर, ओटीपी शेयरिंग, बैंक कॉल, स्क्रीन शेयरिंग ऐप, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक जॉब ऑफर और ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
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उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, किसी के साथ बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या ओटीपी साझा न करने, मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने की सलाह दी। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर अनजान रिक्वेस्ट स्वीकार न करने और प्रोफाइल में निजी जानकारी सार्वजनिक न करने पर विशेष जोर दिया।
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कार्यक्रम में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और शिकायत पोर्टल की जानकारी भी दी गई, ताकि किसी भी ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत की जा सके और समय रहते कार्रवाई हो।