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Kaithal News: प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक के फायदे बताए
Sat, 07 Jun 2025 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 07 Jun 2025 12:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में आरंभ किए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को नागल, लैंडर पीर जादा और गोहरा गांव में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक के फायदे बताए गए।
इस कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, धान की सीधी बुआई, खरपतवार नियंत्रण, पशुपालन, मिट्टी व जल प्रबंधन और अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं टीम लीडर डॉ. जसबीर सिंह ने कहा कि खेती को रसायनों से मुक्त करने की दिशा में हमें प्राकृतिक खेती की ओर लौटना होगा। इससे न केवल खान-पान शुद्ध होगा, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। साथ ही, धान की सीधी बुआई तकनीक से भूजल स्तर में सुधार और पानी की बचत होगी। वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार ने खरीफ फसलों के लिए खरपतवार नियंत्रण के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसान धान की सीधी बुआई करते हैं तो उन्हें कद्दू करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कार्यक्रम में विशेष रूप से करनाल से आए वैज्ञानिक डॉ. अनुराग सक्सेना (भारतीय डेयरी अनुसंधान संस्थान), डॉ. अमोद कुमार एवं डॉ. अवतार सिंह ने भी भाग लिया। उन्होंने पशुओं के लिए संतुलित आहार, नस्ल सुधार, खराब जल व मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार तथा इनसे किसानों को मिलने वाले लाभों पर जानकारी साझा की।
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डॉ. ईश्वर सिंह, डॉ. हरप्रीत गिल, सूर्य प्रकाश ने विभिन्न विभागों की योजनाओं, अनुदान व तकनीकी सहायता की जानकारी किसानों को दी। इन योजनाओं से लाभ उठाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया व संपर्क सूत्रों के बारे में भी बताया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय किसानों सतपाल गोहरा, जसवंत सिंह उपस्थित रहे।
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सीवन। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में आरंभ किए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को नागल, लैंडर पीर जादा और गोहरा गांव में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक के फायदे बताए गए।
इस कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, धान की सीधी बुआई, खरपतवार नियंत्रण, पशुपालन, मिट्टी व जल प्रबंधन और अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं टीम लीडर डॉ. जसबीर सिंह ने कहा कि खेती को रसायनों से मुक्त करने की दिशा में हमें प्राकृतिक खेती की ओर लौटना होगा। इससे न केवल खान-पान शुद्ध होगा, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। साथ ही, धान की सीधी बुआई तकनीक से भूजल स्तर में सुधार और पानी की बचत होगी। वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार ने खरीफ फसलों के लिए खरपतवार नियंत्रण के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसान धान की सीधी बुआई करते हैं तो उन्हें कद्दू करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कार्यक्रम में विशेष रूप से करनाल से आए वैज्ञानिक डॉ. अनुराग सक्सेना (भारतीय डेयरी अनुसंधान संस्थान), डॉ. अमोद कुमार एवं डॉ. अवतार सिंह ने भी भाग लिया। उन्होंने पशुओं के लिए संतुलित आहार, नस्ल सुधार, खराब जल व मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार तथा इनसे किसानों को मिलने वाले लाभों पर जानकारी साझा की।
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डॉ. ईश्वर सिंह, डॉ. हरप्रीत गिल, सूर्य प्रकाश ने विभिन्न विभागों की योजनाओं, अनुदान व तकनीकी सहायता की जानकारी किसानों को दी। इन योजनाओं से लाभ उठाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया व संपर्क सूत्रों के बारे में भी बताया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय किसानों सतपाल गोहरा, जसवंत सिंह उपस्थित रहे।