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Kaithal News: शिक्षिका भी नहीं बता सकीं शिक्षा मंत्री का सही नाम
Sat, 30 Nov 2024 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 30 Nov 2024 12:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। पूंडरी से भाजपा के विधायक सपताल जांबा ने शुक्रवार को ढांड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा मंत्री का नाम पूछा तो कोई बच्चा नहीं बता सका। इस पर उन्होंने अध्यापिका से कहा कि आप ही नाम बता दीजिए तो शिक्षा मंत्री का नाम वह भी नहीं बता सकीं।
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले विधायक ने प्रधानाचार्य के कार्यालय में जाकर स्टाफ की हाजिरी का रजिस्टर जांचा। इसके बाद विधायक ने क्लास रूम में जाकर बच्चों से पूछा कि आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है तो बच्चों ने जवाब दिया कि बहुत अच्छी चल रही है सर। विधायक ने नौवीं कक्षा की छात्राओं से हरियाणा के शिक्षा मंत्री का नाम पूछा तो कोई भी छात्रा सही से जवाब नहीं दे सकी। तब विधायक ने कक्षा में मौजूद महिला अध्यापक से पूछा कि मैडम आप ही बच्चों को बता दें कि हमारे शिक्षा मंत्री कौन हैं? लेकिन उनको भी शिक्षा मंत्री का नाम नहीं पता था।
इस पर विधायक ने हैरानी जाहिर की कि जब टीचर को ही सही ढंग से पता नही तो बच्चों को क्या सिखा पाएंगे, यह हमारे लिए चिंता का विषय है। यहां तक कि विधायक के पूछने पर बच्चे खेल मंत्री, कृषि मंत्री तक का नाम नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि इस लिए तो प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की बजाए सरकारी स्कूलों का स्तर गिरता जा रहा है। इसके बाद सातवीं कक्षा में कंप्यूटर रूम में लड़कियों को विधायक ने राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए और बोला कि जो बच्ची सबसे पहले तिरंगा झंडा बनाएगी उसे वह 500 रुपये का पुरस्कार देंगे, लेकिन विडंबना की बात रही कि कोई भी बच्ची कंप्यूटर पर तिरंगा झंडा नहीं बना पाई।
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विधायक ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी नहीं है कि उनके 500 रुपये बच गए, बल्कि मुझे इस बात का गम है कि बच्चियां तिरंगा झंडा नही बना पाई। इसके बाद विधायक ने मिड-डे-मील में बनने वाले खाने की जांच की तो 125 बच्चों के लिए केवल आधा पतीला नमकीन चावल ही बनाया हुआ था। विधायक ने पूछा कि 125 बच्चे इससे कैसे पेट भर पाएंगे तो कोई संतोषजनक जवाब नही मिला।
विद्यालय की छोटी दीवार को ऊंचा कराने को कहा
सुरक्षा की दृष्टि से विधायक ने विद्यालय की छोटी दीवार को ऊंचा कराने के भी निर्देश दिए। प्रधानाचार्य से पूछा कि जब उन्होंने स्कूल के अंदर प्रवेश किया तो बच्चे दीवार फांद कर बाहर जा रहे थे। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि दीवार छोटी है उसे ऊंचा उठाया जाए। इसके बाद विधायक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर देखा तो वहां बैड पर बिछी हुई चादर साफ नही थी। धूल मिट्टी चादर पर देखने को मिली। विधायक ने सफाई के लिए फटकार लगाई और कहा कि भविष्य में अगर सफाई व्यवस्था सही मिली तो कार्रवाई अवश्य होगी। कहा कि स्कूलों में मच्छरों की भरमार है। डेंगू से बचाव के लिए वहां पर दवाई का स्प्रे करवाया जाए।
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ढांड। पूंडरी से भाजपा के विधायक सपताल जांबा ने शुक्रवार को ढांड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा मंत्री का नाम पूछा तो कोई बच्चा नहीं बता सका। इस पर उन्होंने अध्यापिका से कहा कि आप ही नाम बता दीजिए तो शिक्षा मंत्री का नाम वह भी नहीं बता सकीं।
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले विधायक ने प्रधानाचार्य के कार्यालय में जाकर स्टाफ की हाजिरी का रजिस्टर जांचा। इसके बाद विधायक ने क्लास रूम में जाकर बच्चों से पूछा कि आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है तो बच्चों ने जवाब दिया कि बहुत अच्छी चल रही है सर। विधायक ने नौवीं कक्षा की छात्राओं से हरियाणा के शिक्षा मंत्री का नाम पूछा तो कोई भी छात्रा सही से जवाब नहीं दे सकी। तब विधायक ने कक्षा में मौजूद महिला अध्यापक से पूछा कि मैडम आप ही बच्चों को बता दें कि हमारे शिक्षा मंत्री कौन हैं? लेकिन उनको भी शिक्षा मंत्री का नाम नहीं पता था।
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इस पर विधायक ने हैरानी जाहिर की कि जब टीचर को ही सही ढंग से पता नही तो बच्चों को क्या सिखा पाएंगे, यह हमारे लिए चिंता का विषय है। यहां तक कि विधायक के पूछने पर बच्चे खेल मंत्री, कृषि मंत्री तक का नाम नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि इस लिए तो प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की बजाए सरकारी स्कूलों का स्तर गिरता जा रहा है। इसके बाद सातवीं कक्षा में कंप्यूटर रूम में लड़कियों को विधायक ने राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए और बोला कि जो बच्ची सबसे पहले तिरंगा झंडा बनाएगी उसे वह 500 रुपये का पुरस्कार देंगे, लेकिन विडंबना की बात रही कि कोई भी बच्ची कंप्यूटर पर तिरंगा झंडा नहीं बना पाई।
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विधायक ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी नहीं है कि उनके 500 रुपये बच गए, बल्कि मुझे इस बात का गम है कि बच्चियां तिरंगा झंडा नही बना पाई। इसके बाद विधायक ने मिड-डे-मील में बनने वाले खाने की जांच की तो 125 बच्चों के लिए केवल आधा पतीला नमकीन चावल ही बनाया हुआ था। विधायक ने पूछा कि 125 बच्चे इससे कैसे पेट भर पाएंगे तो कोई संतोषजनक जवाब नही मिला।
विद्यालय की छोटी दीवार को ऊंचा कराने को कहा
सुरक्षा की दृष्टि से विधायक ने विद्यालय की छोटी दीवार को ऊंचा कराने के भी निर्देश दिए। प्रधानाचार्य से पूछा कि जब उन्होंने स्कूल के अंदर प्रवेश किया तो बच्चे दीवार फांद कर बाहर जा रहे थे। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि दीवार छोटी है उसे ऊंचा उठाया जाए। इसके बाद विधायक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर देखा तो वहां बैड पर बिछी हुई चादर साफ नही थी। धूल मिट्टी चादर पर देखने को मिली। विधायक ने सफाई के लिए फटकार लगाई और कहा कि भविष्य में अगर सफाई व्यवस्था सही मिली तो कार्रवाई अवश्य होगी। कहा कि स्कूलों में मच्छरों की भरमार है। डेंगू से बचाव के लिए वहां पर दवाई का स्प्रे करवाया जाए।