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आज ट्रायल का लें आनंद, कल से देना होगा टोल टैक्स
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20-कैथल। राष्ट्रीय राजमार्ग का दृश्य।
- फोटो : Kaithal
कैथल। जिले का दूसरा राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी शनिवार को रविवार तक ट्रॉयल के लिए खोल दिया गया। इसके बाद पहली अगस्त से टोल टेक्स के साथ विधिवत रूप से यह राजमार्ग शुरू हो जाएगा। इस मार्ग पर जिला में मोहना व चंदलाना से प्रवेश कर वाहन फर्राटा भर सकेंगे। हालांकि इस पर दोपहिया वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, ई-रिक्शा और जुगाड़ गाड़ी जैसे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
इस मार्ग से गुजरने वाले हर वाहन की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। मार्ग के हर 10 किलोमीटर पर रडार सिस्टम लगा है। स्पीड लिमिट या अन्य ट्रैफिक नियम तोड़ने पर एनआईसी के जरिए ऑनलाइन चालान जेनरेट होकर वाहन मालिक के पास पहुंचेगा। राजमार्ग पर कार आदि हल्के वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटे और भारी वाहनों की 80 किमी प्रति घंटे तय की गई है।
इस संबंध में एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर केएम शर्मा ने बताया कि इस्माइलाबाद से नारनौल बाईपास के बीच बनकर तैयार हरियाणा का पहला छह लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर ट्रायल के लिए खोल दिया गया है। 31 जुलाई तक वाहनों का परिचालन ट्रायल के आधार पर होगा लेकिन पहली अगस्त को सुबह आठ बजे से टोल शुल्क की भी वसूली शुरू कर दी जाएगी।
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गौरतलब है कि आठ जिलों से निकाले जाने वाले एनएच 152-डी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी 39 फीसदी अकेले कैथल की है। 1700 हेक्टेक्टर में तैयार होने वाले राजमार्ग के लिए कैथल के 16 गांवों की 650 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया है। भूमि का सबसे ज्यादा हिस्सा गांव करोड़ा का 124 हेक्टेयर और सबसे कम सलेमपुर महदूद का पांच हेक्टेयर भूमि रहा है। इसमें कुरुक्षेत्र-जींद रेलवे लाइन पर पबनावा गांव में रेलवे ओवर ब्रिज बनाया है। सिरसा ब्रांच पर गांव कौल में बड़ा पुल बनाया गया है। जिले में एक आरओबी, तीन फ्लाईओवर, 85 छोटे अंडरपास व 11 बड़े अंडरपास तैयार किए गए हैं। तीन बड़े पुल और 23 छोटे पुलों सहित 230 पुलियाओं का पानी निकासी के लिए निर्माण किया है।
इन गांवों से निकला है राष्ट्रीय राजमार्ग
करोड़ा, पूंडरी, पबनावा, डुलियानी, कौल, मोहना, चंदलाना, हजवाना, संगरोली, खेड़ी मटरवा, बरसाना, मंडवाल, फरल, जांबा, थेहबनेड़ा व सलेमपुर महदूद गांव से यह राष्ट्रीय राजमार्ग निकाला गया है। इसे केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत ट्रांस हरियाणा ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट में इस परियोजना को शामिल किया है। इस मार्ग को साउथ कॉरिडोर का नाम दिया गया है।
ये रहेगी टोल की दरें
इस पर किलोमीटर के हिसाब से टोल दरें तय की गई हैं। 227.2 किमी. के पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार के लिए 335 रुपये चुकाने होंगे। जिले में कुरुक्षेत्र की ओर अंतिम गांव सलेमपुर महदूद में टोल बैरियर बनाया है। कार-जीप व छोटे वाहनों के लिए टोल के 335 रुपये, कामर्शियल वाहनों के लिए 540, बस व ट्रक के लिए 1135, 3 एक्सल वाले कामर्शियल वाहनों के लिए 1235 रुपये, मल्टी एक्सल अथवा 4 से 6 एक्सल के वाहनों के लिए 1775 रुपये और ओवरसाइज अथवा 7 से अधिक एक्सल वाले वाहनों के लिए 2165 रुपये एक तरफ के वसूले जाएंगे। ये दरें पूरे एक्सप्रेस-वे यानी 227.2 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग की हैं। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों से उतना ही टोल वसूला जाएगा, जितने किलोमीटर वे इस पर चलेंगे।
चावल निर्यातकों को मिलेगा फायदा
इस राजमार्ग से कैथल के चावल निर्यातकों को फायदा मिलेगा। यहां का चावल महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मुंबई सहित अन्य राज्यों में जाता है।
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इस मार्ग से गुजरने वाले हर वाहन की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। मार्ग के हर 10 किलोमीटर पर रडार सिस्टम लगा है। स्पीड लिमिट या अन्य ट्रैफिक नियम तोड़ने पर एनआईसी के जरिए ऑनलाइन चालान जेनरेट होकर वाहन मालिक के पास पहुंचेगा। राजमार्ग पर कार आदि हल्के वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटे और भारी वाहनों की 80 किमी प्रति घंटे तय की गई है।
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इस संबंध में एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर केएम शर्मा ने बताया कि इस्माइलाबाद से नारनौल बाईपास के बीच बनकर तैयार हरियाणा का पहला छह लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर ट्रायल के लिए खोल दिया गया है। 31 जुलाई तक वाहनों का परिचालन ट्रायल के आधार पर होगा लेकिन पहली अगस्त को सुबह आठ बजे से टोल शुल्क की भी वसूली शुरू कर दी जाएगी।
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गौरतलब है कि आठ जिलों से निकाले जाने वाले एनएच 152-डी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी 39 फीसदी अकेले कैथल की है। 1700 हेक्टेक्टर में तैयार होने वाले राजमार्ग के लिए कैथल के 16 गांवों की 650 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया है। भूमि का सबसे ज्यादा हिस्सा गांव करोड़ा का 124 हेक्टेयर और सबसे कम सलेमपुर महदूद का पांच हेक्टेयर भूमि रहा है। इसमें कुरुक्षेत्र-जींद रेलवे लाइन पर पबनावा गांव में रेलवे ओवर ब्रिज बनाया है। सिरसा ब्रांच पर गांव कौल में बड़ा पुल बनाया गया है। जिले में एक आरओबी, तीन फ्लाईओवर, 85 छोटे अंडरपास व 11 बड़े अंडरपास तैयार किए गए हैं। तीन बड़े पुल और 23 छोटे पुलों सहित 230 पुलियाओं का पानी निकासी के लिए निर्माण किया है।
इन गांवों से निकला है राष्ट्रीय राजमार्ग
करोड़ा, पूंडरी, पबनावा, डुलियानी, कौल, मोहना, चंदलाना, हजवाना, संगरोली, खेड़ी मटरवा, बरसाना, मंडवाल, फरल, जांबा, थेहबनेड़ा व सलेमपुर महदूद गांव से यह राष्ट्रीय राजमार्ग निकाला गया है। इसे केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत ट्रांस हरियाणा ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट में इस परियोजना को शामिल किया है। इस मार्ग को साउथ कॉरिडोर का नाम दिया गया है।
ये रहेगी टोल की दरें
इस पर किलोमीटर के हिसाब से टोल दरें तय की गई हैं। 227.2 किमी. के पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार के लिए 335 रुपये चुकाने होंगे। जिले में कुरुक्षेत्र की ओर अंतिम गांव सलेमपुर महदूद में टोल बैरियर बनाया है। कार-जीप व छोटे वाहनों के लिए टोल के 335 रुपये, कामर्शियल वाहनों के लिए 540, बस व ट्रक के लिए 1135, 3 एक्सल वाले कामर्शियल वाहनों के लिए 1235 रुपये, मल्टी एक्सल अथवा 4 से 6 एक्सल के वाहनों के लिए 1775 रुपये और ओवरसाइज अथवा 7 से अधिक एक्सल वाले वाहनों के लिए 2165 रुपये एक तरफ के वसूले जाएंगे। ये दरें पूरे एक्सप्रेस-वे यानी 227.2 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग की हैं। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों से उतना ही टोल वसूला जाएगा, जितने किलोमीटर वे इस पर चलेंगे।
चावल निर्यातकों को मिलेगा फायदा
इस राजमार्ग से कैथल के चावल निर्यातकों को फायदा मिलेगा। यहां का चावल महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मुंबई सहित अन्य राज्यों में जाता है।