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एस्मा के बावजूद हड़ताल को लेकर सरकार कर्मचारी आमने-सामने
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 29 Jun 2016 12:37 AM IST
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बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जाने को प्रतिबद्ध हैं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजली कर्मियों की हड़ताल को लेकर सरकार व कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। सरकार ने बिजली निगम के माध्यम से मंगलवार रात दस बजे से शुरू होने वाली हड़ताल को रोकने व हड़ताल की स्थिति में जहां कड़े कदम उठाने के आदेश दिए हैं। वहीं एस्मा लगाए जाने के बावजूद कर्मचारी हड़ताल पर जाने को प्रतिबद्ध हैं। मंगलवार को दिनभर अधिकारी हड़ताल की स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए मंथन करते नजर आए।
1366 बिजली कर्मी
कैथल सर्कल में इस समय कुल 1366 बिजली कर्मचारी हैं। जिनमें से 842 कर्मचारी पक्के कर्मचारी हैं। 347 कर्मचारी डीसी रेट पर लगे हैं। 177 कर्मचारी ठेके पर लगे हैं। पक्के कर्मचारियों में से 90 प्रतिशत के हड़ताल पर रहने की संभावनाएं हैं। वहीं डीसी रेट व ठेके पर लगे कर्मचारियों में से काफी के काम पर रहने की संभावनाएं हैं।
18 अधिकारियों व 24 आपातकालीन टीमों के भरोसे रहेगी दो दिन बिजली आपूर्ति
जिले में हड़ताल की स्थिति में बुधवार व वीरवार को अधीक्षक अभियंता, 3 कार्यकारी अभियंता सहित 12 एसडीओ व हड़ताल के चलते दो एसडीएओ व 1 अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता की कैथल सर्कल में ड्यूटी लगाई गई है। जो बिजली आपूर्ति सहित बिजली की लाइनों को ठीक रखने में पुलिस प्रशासन की मदद से काम करेंगे। इन अधिकारियों के लिए ब्रेक डाउन की स्थिति में 24 आपातकालीन टीमें गठित की गई हैं। जिसमें हड़ताल पर न जाने वाले कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
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80 बिजली घरों में से चार बड़े बिजली घरों पर रहेगी विशेष नजर
जिले में कुल 80 बिजली घर हैं। इनमें से गांव तितरम, बात्ता, कौल व चीका में 220 केवी के बड़े बिजली घर हैं। जहां हर समय पुलिस की तैनाती रहेगी। वहीं शेष बिजली घरों में आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल के साथ कर्मचारी पहुंचेंगे। विभाग संबंधित गांवों से बिजली घरों में ठीकरी पहरा लगाने की भी अपील कर रहा है।
11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट रखेंगे नजर
जिले के 80 बिजली घरों के एरिया को 11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट में विभाजित किया गया है। ये ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस सहायता से इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बहाल रखेंगे। आपातकालीन स्थिति में इन अधिकारियों को हर संभव फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है।
बिजली संबंधी परेशानी हो तो इन नंबरों पर करें संपर्क
विभाग ने इमरजेंसी के लिए नंबर भी जारी किए हैं। जिसमें यदि कोई व्यक्ति बिजली आपूर्ति में तोडफ़ोड़ करता है या फिर बिजली आपूर्ति बाधित करता है तो आम जनता 9354726182 व 01746-234332 पर संपर्क कर सकता है।
1 करोड़ यूनिट हर रोज हो रही है कैथल सर्कल में खर्च
इस समय गर्मी का मौसम होने के कारण बिजली की खपत भी खूब बढ़ी हुई है। इस अवधि में औसतन 1 करोड़ बिजली यूनिट हर रोज जरूरत पड़ रही है। ऐसे में हड़ताल के बीच विभाग के लिए बिजली आपूर्ति को सुचारु रखना मुश्किल साबित हो सकता है। गर्मी में बिजली की लाइनों में खराबी सहित ट्रांसफॉर्मर्स में भी खराबी आम बात है।
ये हैं विभाग के निर्देश
बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता डीवीएस धनखड़ ने कहा कि विभाग ने हड़ताल की स्थिति मेें बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए हर संभव तैयारी कर ली है। इसके अलावा विभागीय आदेशों से प्रत्येक कर्मचारी को अवगत करवा दिया गया है। जिसमें विभाग ने कहा है कि:-
1. बिना किसी दूसरे को ड्यूटी सौंपे यदि कोई कर्मचारी जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर भी हो सकती है।
2. बिजली लाइनों में कर्मचारियों के लिए एरिया निर्धारित कर दिया गया है। किसी जगह खराबी आने पर दुरुस्त न होने की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।
3. डीसी व कांट्रेक्ट रेट पर लगे कर्मचारियों को कहा गया है कि हड़ताल पर गए तो घर बैठ सकते हैं। उन्हें अनुभव का लाभ नहीं दिया जाएगा।
4. 20 से ज्यादा बिजली घरों पर वीडियोग्राफर तैनात
हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी
वहीं कर्मचारी यूनियन के नेताओं सतपाल राविश व बलबीर सिंह ने कहा कि जनहित व कर्मचारियों के हितों को देखते हुए कर्मचारियों ने मजबूरन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। एस्मा जैसे कानून को लागू कर सरकार कर्मचारियों की आवाज का दमन करना चाहती है। दो दिन कर्मचारी शत-प्रतिशत हड़ताल पर रहेंगे।
पुलिस का काम कानून व्यवस्था कायम रखने का है। प्रशासन को जहां भी जरूरत पड़ेगी, वहां पुलिस तुरंत उपलब्ध रहेगी। पुलिस कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। यदि कोई कानून अपने हाथ में लेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुमित कुमार, एसपी कैथल।
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1366 बिजली कर्मी
कैथल सर्कल में इस समय कुल 1366 बिजली कर्मचारी हैं। जिनमें से 842 कर्मचारी पक्के कर्मचारी हैं। 347 कर्मचारी डीसी रेट पर लगे हैं। 177 कर्मचारी ठेके पर लगे हैं। पक्के कर्मचारियों में से 90 प्रतिशत के हड़ताल पर रहने की संभावनाएं हैं। वहीं डीसी रेट व ठेके पर लगे कर्मचारियों में से काफी के काम पर रहने की संभावनाएं हैं।
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18 अधिकारियों व 24 आपातकालीन टीमों के भरोसे रहेगी दो दिन बिजली आपूर्ति
जिले में हड़ताल की स्थिति में बुधवार व वीरवार को अधीक्षक अभियंता, 3 कार्यकारी अभियंता सहित 12 एसडीओ व हड़ताल के चलते दो एसडीएओ व 1 अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता की कैथल सर्कल में ड्यूटी लगाई गई है। जो बिजली आपूर्ति सहित बिजली की लाइनों को ठीक रखने में पुलिस प्रशासन की मदद से काम करेंगे। इन अधिकारियों के लिए ब्रेक डाउन की स्थिति में 24 आपातकालीन टीमें गठित की गई हैं। जिसमें हड़ताल पर न जाने वाले कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
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80 बिजली घरों में से चार बड़े बिजली घरों पर रहेगी विशेष नजर
जिले में कुल 80 बिजली घर हैं। इनमें से गांव तितरम, बात्ता, कौल व चीका में 220 केवी के बड़े बिजली घर हैं। जहां हर समय पुलिस की तैनाती रहेगी। वहीं शेष बिजली घरों में आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल के साथ कर्मचारी पहुंचेंगे। विभाग संबंधित गांवों से बिजली घरों में ठीकरी पहरा लगाने की भी अपील कर रहा है।
11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट रखेंगे नजर
जिले के 80 बिजली घरों के एरिया को 11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट में विभाजित किया गया है। ये ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस सहायता से इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बहाल रखेंगे। आपातकालीन स्थिति में इन अधिकारियों को हर संभव फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है।
बिजली संबंधी परेशानी हो तो इन नंबरों पर करें संपर्क
विभाग ने इमरजेंसी के लिए नंबर भी जारी किए हैं। जिसमें यदि कोई व्यक्ति बिजली आपूर्ति में तोडफ़ोड़ करता है या फिर बिजली आपूर्ति बाधित करता है तो आम जनता 9354726182 व 01746-234332 पर संपर्क कर सकता है।
1 करोड़ यूनिट हर रोज हो रही है कैथल सर्कल में खर्च
इस समय गर्मी का मौसम होने के कारण बिजली की खपत भी खूब बढ़ी हुई है। इस अवधि में औसतन 1 करोड़ बिजली यूनिट हर रोज जरूरत पड़ रही है। ऐसे में हड़ताल के बीच विभाग के लिए बिजली आपूर्ति को सुचारु रखना मुश्किल साबित हो सकता है। गर्मी में बिजली की लाइनों में खराबी सहित ट्रांसफॉर्मर्स में भी खराबी आम बात है।
ये हैं विभाग के निर्देश
बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता डीवीएस धनखड़ ने कहा कि विभाग ने हड़ताल की स्थिति मेें बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए हर संभव तैयारी कर ली है। इसके अलावा विभागीय आदेशों से प्रत्येक कर्मचारी को अवगत करवा दिया गया है। जिसमें विभाग ने कहा है कि:-
1. बिना किसी दूसरे को ड्यूटी सौंपे यदि कोई कर्मचारी जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर भी हो सकती है।
2. बिजली लाइनों में कर्मचारियों के लिए एरिया निर्धारित कर दिया गया है। किसी जगह खराबी आने पर दुरुस्त न होने की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।
3. डीसी व कांट्रेक्ट रेट पर लगे कर्मचारियों को कहा गया है कि हड़ताल पर गए तो घर बैठ सकते हैं। उन्हें अनुभव का लाभ नहीं दिया जाएगा।
4. 20 से ज्यादा बिजली घरों पर वीडियोग्राफर तैनात
हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी
वहीं कर्मचारी यूनियन के नेताओं सतपाल राविश व बलबीर सिंह ने कहा कि जनहित व कर्मचारियों के हितों को देखते हुए कर्मचारियों ने मजबूरन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। एस्मा जैसे कानून को लागू कर सरकार कर्मचारियों की आवाज का दमन करना चाहती है। दो दिन कर्मचारी शत-प्रतिशत हड़ताल पर रहेंगे।
पुलिस का काम कानून व्यवस्था कायम रखने का है। प्रशासन को जहां भी जरूरत पड़ेगी, वहां पुलिस तुरंत उपलब्ध रहेगी। पुलिस कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। यदि कोई कानून अपने हाथ में लेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुमित कुमार, एसपी कैथल।