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आरोप लगाने और बिल पास होने के बाद सफाई करवाने का प्रयास
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विधायक लीला राम द्वारा गांवों में सफाई के नाम पर घोटाले के आरोपों के बीच शुक्रवार को नया घटनाक्रम हुआ। जिसमें कई गांवों में कुछ लोग नालों की सफाई करने के लिए पहुंच गए। जब विधायक को इस बात की भनक लगी तो उन्होंने अधिकारियों से बात की। जिसमें सीईओ जिला परिषद ने ऐसे कोई आदेश जारी करने से इंकार कर दिया। विधायक ने कहा कि यदि पहले बिल पास कर दिए गए थे तो अब सफाई कौन करवा रहा है? यदि पहले सफाई नहीं हुई तो बिल पास क्यों किए गए। बिल पास होने के बाद अब जो सफाई करवाई जा रही है, वह निश्चित तौर पर सीधा सीधा घोटाले को छुपाने का प्रयास है।
विधायक लीला राम ने सीएम को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके हल्के के कई गांवों में नालियों की सफाई के नाम पर घोटाला हुआ है। दस लाख रुपये से नीचे के वर्क ऑर्डर जारी करके अधिकारियों ने मिलीभगत करके संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से जिला परिषद की पूरी की पूरी ग्रांट हड़प ली। जबकि जिस गांव में सफाई हुई है, उस गांव के सरपंच, एसडीएम व अन्य अधिकारियों को पता तक नहीं चला था। सीएम ने इस मामले की विजिलेंस से जांच करवाए जाने की मांग की थी।
इसी बीच शुक्रवार को विधायक लीला राम ने चंडीगढ़ से फोन पर बताया कि उनके पास गांव कुतुबपुर, मानस, सिरटा, दुंधरेहड़ी व पाड़ला सहित कई गांवों से सूचना मिली है कि शुक्रवार को गांवों में कुछ लोग पहुंच कर नालियों की सफाई कर रहे हैं। सरपंचों तक को इन लोगों की जानकारी नहीं है कि ये किसने भेजे हैं। विधायक ने कहा कि उन्होंने सीईओ जिला परिषद से बात की। उन्होंने भी इन लोगों को भेजने से इंकार कर दिया। अब सवाल उठता है कि यदि पहले बिल पास कर लिए गए तो क्या अब उस घोटाले पर पर्दा डालने के लिए सफाई करवाकर खानापूर्ति की जा रही है। या फिर पहले बिल पास क्या बिना सफाई करवाए ही कर दिए गए। यह सब बड़ा गोलमाल है। जिसकी जांच करके दोषी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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डीडीपीओ व जिला परिषद के डिप्टी सीईओ जसविंद्र सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से अब विशेष रूप से कोई सफाई नहीं करवाई जा रही। शुक्रवार को जो बात सामने आई है, उसके लिए सीईओ जिला परिषद ने एसडीओ व जेई जिला परिषद को नोटिस जारी करके पूछा है कि यह सफाई क्यों और कौन करवा रहा है।
जिला परिषद के सीईओ कुलधीर सिंह ने कहा कि उन्होंने अब गांवों में सफाई करवाए जाने के कोई विशेष आदेश जारी नहीं किए हैं। शुक्रवार को कुछ लोगों ने बताया कि कई गांवों में विशेष रूप से सफाई करवाई जा रही है। इसका पता करवाया जा रहा है।
तबादला होने से पूर्व हुई बातचीत में डीसी सुजान सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने सीईओ जिला परिषद को कहा है कि जांच की जाए कि यह सफाई कौन और क्यों करवा रहा है।
जिला परिषद के वार्ड नंबर 12 से जिला पार्षद भाग सिंह खनौदा ने विधायक आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि जिला परिषद में अब 15 करोड़ से अधिक के घोटाले को बड़ी ही सफाई से अंजाम दिया गया है। न सरपंचों को, न कई जिला पार्षदों को बताया गया। अब लीपापोती करते हुए सफाई करवाई जा रही है। इस मामले में शीघ्र ही निवर्तमान पार्षदों की बैठक बुलाकर मामले की जांच की मांग की जाएगी। उनके साथ रामकुमार नैन व अन्य भी मौजूद थे।
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विधायक लीला राम ने सीएम को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके हल्के के कई गांवों में नालियों की सफाई के नाम पर घोटाला हुआ है। दस लाख रुपये से नीचे के वर्क ऑर्डर जारी करके अधिकारियों ने मिलीभगत करके संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से जिला परिषद की पूरी की पूरी ग्रांट हड़प ली। जबकि जिस गांव में सफाई हुई है, उस गांव के सरपंच, एसडीएम व अन्य अधिकारियों को पता तक नहीं चला था। सीएम ने इस मामले की विजिलेंस से जांच करवाए जाने की मांग की थी।
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इसी बीच शुक्रवार को विधायक लीला राम ने चंडीगढ़ से फोन पर बताया कि उनके पास गांव कुतुबपुर, मानस, सिरटा, दुंधरेहड़ी व पाड़ला सहित कई गांवों से सूचना मिली है कि शुक्रवार को गांवों में कुछ लोग पहुंच कर नालियों की सफाई कर रहे हैं। सरपंचों तक को इन लोगों की जानकारी नहीं है कि ये किसने भेजे हैं। विधायक ने कहा कि उन्होंने सीईओ जिला परिषद से बात की। उन्होंने भी इन लोगों को भेजने से इंकार कर दिया। अब सवाल उठता है कि यदि पहले बिल पास कर लिए गए तो क्या अब उस घोटाले पर पर्दा डालने के लिए सफाई करवाकर खानापूर्ति की जा रही है। या फिर पहले बिल पास क्या बिना सफाई करवाए ही कर दिए गए। यह सब बड़ा गोलमाल है। जिसकी जांच करके दोषी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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डीडीपीओ व जिला परिषद के डिप्टी सीईओ जसविंद्र सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से अब विशेष रूप से कोई सफाई नहीं करवाई जा रही। शुक्रवार को जो बात सामने आई है, उसके लिए सीईओ जिला परिषद ने एसडीओ व जेई जिला परिषद को नोटिस जारी करके पूछा है कि यह सफाई क्यों और कौन करवा रहा है।
जिला परिषद के सीईओ कुलधीर सिंह ने कहा कि उन्होंने अब गांवों में सफाई करवाए जाने के कोई विशेष आदेश जारी नहीं किए हैं। शुक्रवार को कुछ लोगों ने बताया कि कई गांवों में विशेष रूप से सफाई करवाई जा रही है। इसका पता करवाया जा रहा है।
तबादला होने से पूर्व हुई बातचीत में डीसी सुजान सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने सीईओ जिला परिषद को कहा है कि जांच की जाए कि यह सफाई कौन और क्यों करवा रहा है।
जिला परिषद के वार्ड नंबर 12 से जिला पार्षद भाग सिंह खनौदा ने विधायक आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि जिला परिषद में अब 15 करोड़ से अधिक के घोटाले को बड़ी ही सफाई से अंजाम दिया गया है। न सरपंचों को, न कई जिला पार्षदों को बताया गया। अब लीपापोती करते हुए सफाई करवाई जा रही है। इस मामले में शीघ्र ही निवर्तमान पार्षदों की बैठक बुलाकर मामले की जांच की मांग की जाएगी। उनके साथ रामकुमार नैन व अन्य भी मौजूद थे।