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Kaithal News: सड़कों, कच्चे रास्तों पर धान डालना बताया मजबूरी
Sun, 06 Oct 2024 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 06 Oct 2024 02:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने जिला कमेटी की बैठक कर मंडी में धान की फसल की खरीद शुरू करने की मांग की। कहा कि मजबूरी में सड़कों, कच्चे रास्तों पर धान डाला जा रहा है।
बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार मंडियों में धान की फसल की बेकद्री हो रही है। सरकार समस्या का समाधान करने की बजाए उसको उलझाने का काम कर रही है। 15 दिनों से किसान अपना कामकाज छोड़कर मंडियों में बैठे हुए है कि कब कोई धान को खरीदने वाला आए।
उन्होंने कहा कि मंडियां फुल हो चुकी है। किसान सड़कों और कच्चे जगहों पर धान डालने को मजबूर हो रहे है। बेसहारा पशु मंडी व सडकों पर धान की ढेरियों में मुंह मार रहे हैं। उनसे भी हमले का खतरा बना रहता है। जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने कहा कि इस समय राइस मिलर्स भी किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
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सरकार और राइस मिलर्स अपनी नूरा कुश्ती बंद कर मंडियों में खरीद शुरू करें और उठान व भुगतान की जिम्मेदारी लें। ताकि किसान अपनी फसल को बेच कर आगामी फसल की बिजाई की तैयारी कर सके। इस मौके पर राज्य कमेटी सदस्य कामरेड बाबूराम, रामसरुप, संजू, रामकिशन व सुभाष चंद्र मौजूद रहे।
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ढांड। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने जिला कमेटी की बैठक कर मंडी में धान की फसल की खरीद शुरू करने की मांग की। कहा कि मजबूरी में सड़कों, कच्चे रास्तों पर धान डाला जा रहा है।
बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार मंडियों में धान की फसल की बेकद्री हो रही है। सरकार समस्या का समाधान करने की बजाए उसको उलझाने का काम कर रही है। 15 दिनों से किसान अपना कामकाज छोड़कर मंडियों में बैठे हुए है कि कब कोई धान को खरीदने वाला आए।
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उन्होंने कहा कि मंडियां फुल हो चुकी है। किसान सड़कों और कच्चे जगहों पर धान डालने को मजबूर हो रहे है। बेसहारा पशु मंडी व सडकों पर धान की ढेरियों में मुंह मार रहे हैं। उनसे भी हमले का खतरा बना रहता है। जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने कहा कि इस समय राइस मिलर्स भी किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
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सरकार और राइस मिलर्स अपनी नूरा कुश्ती बंद कर मंडियों में खरीद शुरू करें और उठान व भुगतान की जिम्मेदारी लें। ताकि किसान अपनी फसल को बेच कर आगामी फसल की बिजाई की तैयारी कर सके। इस मौके पर राज्य कमेटी सदस्य कामरेड बाबूराम, रामसरुप, संजू, रामकिशन व सुभाष चंद्र मौजूद रहे।