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Kaithal News: सेहत पर भारी पड़ रही सूखी ठंड, ओपीडी दोगुनी
Sat, 06 Jan 2024 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 06 Jan 2024 12:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मौसम की बेरुखी से बारिश न होने पर पड़ रही ठंड का लोगोंं की सेहत पर असर पड़ रहा है। ठंड से हाथ-पैर सुन्न पड़ने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ गई हैं। दरअसल, शुष्क ठंड के कारण लोग गले के दर्द, खांसी, जुकाम, सिर दर्द व अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी दोगुनी हो गई है। दूसरी ओर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी ऐसे ही हालात दो-तीन दिन और रह सकते हैं।
सर्द हवाओं के साथ ठंड से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। लोगों का कहना है कि कोहरे के साथ पाला पड़ने से जब ओस की बूंदें टपकती हैं तो हाथ-पैर काम नहीं करते। शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहने से दिनभर सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। बारिश की स्थिति तो बनी पर पानी नहीं गिरा। हालांकि तड़के और शाम को ओस की बूंदों और हवा के मिश्रण ने ठंड में इजाफा जरूर कर दिया। सर्दी के चलते बाजार भी सुनसान ही दिखाई दिए। लोग सर्दी के चलते जरूरत की चीजें की लेने के लिए बाहर निकल रहे हैं।
दूसरी ओर किसानों का कहना है कि ऐसे ही सूखा पाला अधिक समय तक पड़ता रहा तो इससे सब्जी की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। धूप न निकलने से तापमान भी स्थिर बना रहा। अधिकतम तापमान 14.1 डिग्री व न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, वायु गुणवत्ता का स्तर पर सामान्य श्रेणी में पहुंच गया है। शुक्रवार को एक्यूआई का स्तर 72 दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी में है। यह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा हानिकारक नहीं माना जाता।
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एक दिन पहले वीरवार को अधिक कोहरा होने से मात्र 50 मीटर की दृश्यता ही रही थी। शुक्रवार सुबह के समय एक बार फिर से अचानक मौसम में बदलाव हुआ है। अल सुबह तो अधिक कोहरा दिखाई दे रहा था, सुबह सात बजे शीतलहर के चलते कोहरा तो छट गया और सूखा पाला पडऩे लगा। जिससे लोग दिनभर ठिठुरते रहे। बाजार में दुुकानदारों ने अलाव का सहारा लेकर सर्दी से निजात पाई। वहीं लोग शाम के समय रेहडिय़ों पर गर्म सूप पीते वह गर्म चीजें खाते हुए दिखे। सड़कों पर लग रही मूंगफली, छुआरे, गज्जक, खजूर की रेेहड़ियों पर लोग खरीदारी करते हुए दिखाई दिए। सब्जी उत्पादक किसान राजेश रहेजा, रिंकू, गुरदयाल व जरनैल सिंह ने बताया कि सब्जी व अन्य फसलों को अभी सर्दी से नुकसान नहीं है। यदि सूखा पाला जमने लगा तो सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। पाले जमने से गेहूं की फसलों को नुकसान नहीं होता।
अस्पतालों में बढ़े सामान्य बुखार के मरीज
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजीव मित्तल ने बताया कि सर्दी में बच्चे व बुजुर्ग अधिक समय तक बाहर न घूमें। अधिक सर्दी से शरीर में जकडऩ हो सकती। सर्दी के कारण रक्त जमने से हृदय की बीमारी होने का खतरा बना रहता है। सर्दी के चलते बच्चों में वायरल बुखार बढ़ रहा है। जहां पर पहले 30 से 40 ओपीडी होती थी, अब वहां पर 90 से 100 ओपीडी होने लगी है। सबसे ज्यादा बुखार के मरीज मिल रहे है। इसके अलावा खांसी व जुकाम के मरीज भी सामने आ रहे हैं। 150-200 की ओपीडी की जगह 300-400 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
कई दिनों तक मौसम स्थिर बने रहने की संभावना है। सात जनवरी के बाद धूप निकलने की संभावना है। सर्दी से अब तक सब्जी व फसलों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। शनिवार का तापमान में बढ़ोतरी होना संभावित है। -डॉ. रमेश चंद वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।
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कैथल। मौसम की बेरुखी से बारिश न होने पर पड़ रही ठंड का लोगोंं की सेहत पर असर पड़ रहा है। ठंड से हाथ-पैर सुन्न पड़ने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ गई हैं। दरअसल, शुष्क ठंड के कारण लोग गले के दर्द, खांसी, जुकाम, सिर दर्द व अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी दोगुनी हो गई है। दूसरी ओर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी ऐसे ही हालात दो-तीन दिन और रह सकते हैं।
सर्द हवाओं के साथ ठंड से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। लोगों का कहना है कि कोहरे के साथ पाला पड़ने से जब ओस की बूंदें टपकती हैं तो हाथ-पैर काम नहीं करते। शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहने से दिनभर सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। बारिश की स्थिति तो बनी पर पानी नहीं गिरा। हालांकि तड़के और शाम को ओस की बूंदों और हवा के मिश्रण ने ठंड में इजाफा जरूर कर दिया। सर्दी के चलते बाजार भी सुनसान ही दिखाई दिए। लोग सर्दी के चलते जरूरत की चीजें की लेने के लिए बाहर निकल रहे हैं।
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दूसरी ओर किसानों का कहना है कि ऐसे ही सूखा पाला अधिक समय तक पड़ता रहा तो इससे सब्जी की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। धूप न निकलने से तापमान भी स्थिर बना रहा। अधिकतम तापमान 14.1 डिग्री व न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, वायु गुणवत्ता का स्तर पर सामान्य श्रेणी में पहुंच गया है। शुक्रवार को एक्यूआई का स्तर 72 दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी में है। यह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा हानिकारक नहीं माना जाता।
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एक दिन पहले वीरवार को अधिक कोहरा होने से मात्र 50 मीटर की दृश्यता ही रही थी। शुक्रवार सुबह के समय एक बार फिर से अचानक मौसम में बदलाव हुआ है। अल सुबह तो अधिक कोहरा दिखाई दे रहा था, सुबह सात बजे शीतलहर के चलते कोहरा तो छट गया और सूखा पाला पडऩे लगा। जिससे लोग दिनभर ठिठुरते रहे। बाजार में दुुकानदारों ने अलाव का सहारा लेकर सर्दी से निजात पाई। वहीं लोग शाम के समय रेहडिय़ों पर गर्म सूप पीते वह गर्म चीजें खाते हुए दिखे। सड़कों पर लग रही मूंगफली, छुआरे, गज्जक, खजूर की रेेहड़ियों पर लोग खरीदारी करते हुए दिखाई दिए। सब्जी उत्पादक किसान राजेश रहेजा, रिंकू, गुरदयाल व जरनैल सिंह ने बताया कि सब्जी व अन्य फसलों को अभी सर्दी से नुकसान नहीं है। यदि सूखा पाला जमने लगा तो सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। पाले जमने से गेहूं की फसलों को नुकसान नहीं होता।
अस्पतालों में बढ़े सामान्य बुखार के मरीज
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजीव मित्तल ने बताया कि सर्दी में बच्चे व बुजुर्ग अधिक समय तक बाहर न घूमें। अधिक सर्दी से शरीर में जकडऩ हो सकती। सर्दी के कारण रक्त जमने से हृदय की बीमारी होने का खतरा बना रहता है। सर्दी के चलते बच्चों में वायरल बुखार बढ़ रहा है। जहां पर पहले 30 से 40 ओपीडी होती थी, अब वहां पर 90 से 100 ओपीडी होने लगी है। सबसे ज्यादा बुखार के मरीज मिल रहे है। इसके अलावा खांसी व जुकाम के मरीज भी सामने आ रहे हैं। 150-200 की ओपीडी की जगह 300-400 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
कई दिनों तक मौसम स्थिर बने रहने की संभावना है। सात जनवरी के बाद धूप निकलने की संभावना है। सर्दी से अब तक सब्जी व फसलों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। शनिवार का तापमान में बढ़ोतरी होना संभावित है। -डॉ. रमेश चंद वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।