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समझने की शक्ति कम करता है नशा : रेणू
Sat, 20 Sep 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:32 AM IST
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19केएलटी46: राजकीय आइटीआइ में मुख्य अतिथि पार्षद रेणू धानियां को अभिनंदन करते प्राचार्य भूपेंद्
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सभागार, कलायत में नशा एक बुराई विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड-1 से पार्षद रेणू धानियां ने शिरकत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्राचार्य भूपेंद्र पाल सिंह ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में जिला नागरिक अस्पताल कैथल से डॉ. विनय गुप्ता मौजूद रहे। मंच पर पार्षद संजय सिंगला, वर्ग अनुदेशक दलशेर सिंह, रामफल सिंह, प्लेसमेंट ऑफिसर रविंद्र कुमार सहित पूरा स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि रेणू धानियां ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जो व्यक्ति, परिवार और समाज को गहराई तक प्रभावित करता है। यह शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उन्नति की राह में सबसे बड़ी बाधा है। शराब, तंबाकू और ड्रग्स जैसे नशे से व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है। नशे की लत अपराध, दुर्घटनाओं और पारिवारिक कलह को जन्म देती है। युवा पीढ़ी इसके प्रभाव में आकर अपने भविष्य को अंधकारमय बना लेती है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस अवसर पर सेवा पखवाड़ा के तहत नशा जैसी बुराई के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज में नशामुक्ति की चेतना फैलाना है।
डॉ. विनय गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की दुनिया केवल अंधकार से भरी है। विवाह-शादी जैसे सामाजिक आयोजनों में नशा लेने की शुरुआत व्यक्ति को नशे की दलदल में धकेल देती है। एक बार नशे की आदत लगने पर व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाता है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और जीवन के लक्ष्यों पर केंद्रित रहने का संदेश दिया।
बेरोजगार हाथों को काम देने की क्षमता पैदा करें विद्यार्थीआईटीआई प्राचार्य भूपेंद्र पाल सिंह ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को सफलता की राह दिखाने का काम करते हैं। सकारात्मक सोच और सही दिशा से युवा नशे से दूर रहकर करियर और जीवन को उज्ज्वल बना सकते हैं।
प्राचार्य ने संस्थान से जुड़ी उपलब्धियों की क्रमवार जानकारी प्रस्तुत की और कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान करना है, जिनसे वे न केवल अपने पैरों पर खड़े हो सकें बल्कि बेरोजगार हाथों को भी काम देने की क्षमता उनमें विकसित हो।
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कलायत। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सभागार, कलायत में नशा एक बुराई विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड-1 से पार्षद रेणू धानियां ने शिरकत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्राचार्य भूपेंद्र पाल सिंह ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में जिला नागरिक अस्पताल कैथल से डॉ. विनय गुप्ता मौजूद रहे। मंच पर पार्षद संजय सिंगला, वर्ग अनुदेशक दलशेर सिंह, रामफल सिंह, प्लेसमेंट ऑफिसर रविंद्र कुमार सहित पूरा स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि रेणू धानियां ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जो व्यक्ति, परिवार और समाज को गहराई तक प्रभावित करता है। यह शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उन्नति की राह में सबसे बड़ी बाधा है। शराब, तंबाकू और ड्रग्स जैसे नशे से व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है। नशे की लत अपराध, दुर्घटनाओं और पारिवारिक कलह को जन्म देती है। युवा पीढ़ी इसके प्रभाव में आकर अपने भविष्य को अंधकारमय बना लेती है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस अवसर पर सेवा पखवाड़ा के तहत नशा जैसी बुराई के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज में नशामुक्ति की चेतना फैलाना है।
डॉ. विनय गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की दुनिया केवल अंधकार से भरी है। विवाह-शादी जैसे सामाजिक आयोजनों में नशा लेने की शुरुआत व्यक्ति को नशे की दलदल में धकेल देती है। एक बार नशे की आदत लगने पर व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाता है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और जीवन के लक्ष्यों पर केंद्रित रहने का संदेश दिया।
बेरोजगार हाथों को काम देने की क्षमता पैदा करें विद्यार्थीआईटीआई प्राचार्य भूपेंद्र पाल सिंह ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को सफलता की राह दिखाने का काम करते हैं। सकारात्मक सोच और सही दिशा से युवा नशे से दूर रहकर करियर और जीवन को उज्ज्वल बना सकते हैं।
प्राचार्य ने संस्थान से जुड़ी उपलब्धियों की क्रमवार जानकारी प्रस्तुत की और कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान करना है, जिनसे वे न केवल अपने पैरों पर खड़े हो सकें बल्कि बेरोजगार हाथों को भी काम देने की क्षमता उनमें विकसित हो।

19केएलटी46: राजकीय आइटीआइ में मुख्य अतिथि पार्षद रेणू धानियां को अभिनंदन करते प्राचार्य भूपेंद्