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पेयजल संकट : कनिष्ठ अभियंता की कार घेरकर बोनट पर बैठीं महिलाएं
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कलायत विधानसभा में पेयजल संकट समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पेयजल संकट की गंभीर समस्या को लेकर कलायत वार्ड 2, 10, 11 के साथ-साथ गांव लांबा खेड़ी और बात्ता गांव के लोग जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में पहुंचे। वार्ड 2 स्थित पुराना गुरुद्वारा के साथ लगते आवासीय क्षेत्र का मुख्य पेयजल लाइन से कनेक्शन काटने से गुस्साई महिलाओं ने जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में अधिकारियों का घेराव किया। इस दौरान जब कनिष्ठ अभियंता अजय ढुल अपनी निजी गाड़ी में सवार होकर कार्यालय से बाहर निकलने लगे तो कुछ महिलाएं वाहन को घेर कर बोनट पर बैठ गईं।
प्रदर्शन में शामिल अन्य महिलाओं ने समूह बनाकर वाहन के समक्ष जमीन पर डेरा डाल लिया। इन परिस्थितियों में आखिरकार कनिष्ठ अभियंता को गाड़ी मौके पर छोड़कर कार्यालय कक्ष के अंदर वापस लौटना पड़ा। बाद सहयोगी कर्मी ने मौके से गाड़ी को साइड में लगाया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनके घरों में पानी नहीं आता तब तक उनका कार्यालय में पड़ाव रहेगा। करीब दो घंटे पेयजल समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन चला। उसके बाद अधिकारियों की तरफ से समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने पर प्रदर्शनकारी घरों को लौट गए। प्रदर्शन में शामिल संतरों, जानकी, छोटी, रेखा, पालो, राजेश और अनिल कुमार ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में कई दिनों से पानी मुहैया नहीं हो रहा है। मुख्य पेयजल लाइन से आवासीय क्षेत्र का कनेक्शन काटे जाने के कारण वे पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। विभागीय अधिकारियों के परामर्श अनुसार अपने स्तर पर मुख्य लाइन में पानी कनेक्शन जोड़ने के लिए करीब 10 हजार रुपये खर्च किए थे। इस राशि से पाइप सहित संबंधित सामान खरीदा गया था। तर्क दिया गया था कि फिलहाल विभाग के पास सामान खरीदने के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। वे उस समय हैरान रह गए जब अचानक उनका पेयजल कनेक्शन मुख्य लाइन से काट दिया गया। इसके कारण बड़ी संख्या में किसान व मजदूर तबके के लोगों को पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। मजबूरन उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा।
मेहमान घर में बैठे हैं घर में पीने को पानी की एक बूंद नहीं: जन स्वास्थ्य विभाग में वार्ड 11 के लोगों का शिष्टमंडल भी पहुंचा। इनमें शामिल एक नागरिक की समस्या हैरान करने वाली थी। उनका कहना था कि घर में मेहमान आए हुए हैं, लेकिन पानी की एक बूंद भी नहीं है। इसी तरह वार्ड 10 रामलाल ने पेयजल संकट को लेकर लिखित शिकायत अधिकारियों को दी। गांव बात्ता के नथवान पट्टी के राजकुमार, प्रदीप सिंह और कुलदीप ने कहा कि उनके आवासीय क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में पेयजल संकट गहराया है।
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कलायत जन स्वास्थ्य विभाग कनिष्ठ अभियंता अजय ढुल ने कहा कि हर घर में पानी पहुंचाने के लिए विभागीय रोस्टर में फेरबदल किया गया है। अब सभी जोनों में प्रतिदिन पेयजल सप्लाई होगी। जबकि सिरसा नहर में पानी न उपलब्ध होने के कारण पहले एक दिन छोड़कर अगले दिन जोन में पानी की सप्लाई होती थी। महिलाओं द्वारा किए गए घेराव पर जेई ने कहा कि संबंधित समस्या के लिए मौके पर टीम भेजी गई है। समस्या को दूर किया जाएगा।
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प्रदर्शन में शामिल अन्य महिलाओं ने समूह बनाकर वाहन के समक्ष जमीन पर डेरा डाल लिया। इन परिस्थितियों में आखिरकार कनिष्ठ अभियंता को गाड़ी मौके पर छोड़कर कार्यालय कक्ष के अंदर वापस लौटना पड़ा। बाद सहयोगी कर्मी ने मौके से गाड़ी को साइड में लगाया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनके घरों में पानी नहीं आता तब तक उनका कार्यालय में पड़ाव रहेगा। करीब दो घंटे पेयजल समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन चला। उसके बाद अधिकारियों की तरफ से समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने पर प्रदर्शनकारी घरों को लौट गए। प्रदर्शन में शामिल संतरों, जानकी, छोटी, रेखा, पालो, राजेश और अनिल कुमार ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में कई दिनों से पानी मुहैया नहीं हो रहा है। मुख्य पेयजल लाइन से आवासीय क्षेत्र का कनेक्शन काटे जाने के कारण वे पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। विभागीय अधिकारियों के परामर्श अनुसार अपने स्तर पर मुख्य लाइन में पानी कनेक्शन जोड़ने के लिए करीब 10 हजार रुपये खर्च किए थे। इस राशि से पाइप सहित संबंधित सामान खरीदा गया था। तर्क दिया गया था कि फिलहाल विभाग के पास सामान खरीदने के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। वे उस समय हैरान रह गए जब अचानक उनका पेयजल कनेक्शन मुख्य लाइन से काट दिया गया। इसके कारण बड़ी संख्या में किसान व मजदूर तबके के लोगों को पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। मजबूरन उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा।
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मेहमान घर में बैठे हैं घर में पीने को पानी की एक बूंद नहीं: जन स्वास्थ्य विभाग में वार्ड 11 के लोगों का शिष्टमंडल भी पहुंचा। इनमें शामिल एक नागरिक की समस्या हैरान करने वाली थी। उनका कहना था कि घर में मेहमान आए हुए हैं, लेकिन पानी की एक बूंद भी नहीं है। इसी तरह वार्ड 10 रामलाल ने पेयजल संकट को लेकर लिखित शिकायत अधिकारियों को दी। गांव बात्ता के नथवान पट्टी के राजकुमार, प्रदीप सिंह और कुलदीप ने कहा कि उनके आवासीय क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में पेयजल संकट गहराया है।
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कलायत जन स्वास्थ्य विभाग कनिष्ठ अभियंता अजय ढुल ने कहा कि हर घर में पानी पहुंचाने के लिए विभागीय रोस्टर में फेरबदल किया गया है। अब सभी जोनों में प्रतिदिन पेयजल सप्लाई होगी। जबकि सिरसा नहर में पानी न उपलब्ध होने के कारण पहले एक दिन छोड़कर अगले दिन जोन में पानी की सप्लाई होती थी। महिलाओं द्वारा किए गए घेराव पर जेई ने कहा कि संबंधित समस्या के लिए मौके पर टीम भेजी गई है। समस्या को दूर किया जाएगा।