{"_id":"5d30aebe8ebc3e6d1c214f44","slug":"dm-arrested-kaithal-news-rtk505654699","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेफेड के पूर्व डीएम राजेश कुमार को कैथल पुलिस ने किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेफेड के पूर्व डीएम राजेश कुमार को कैथल पुलिस ने किया गिरफ्तार
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थाना सिविल लाइन पुलिस ने फतेहबाद के कन्हड़ी गांव में रेड करके हेफेड के पूर्व डीएम राजेश कुमार को धोखाधड़ी सहित भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व डीएम के खिलाफ मार्च माह में पुलिस ने उक्त मामला दर्ज किया था। जिसमें न्यायालय में पेश करके राजेश कुमार को दो दिन के रिमांड पर लिया है। उनके ऊपर डिफॉल्टर मिलों को पिछले सीजन में धान अलॉट करने व 10 मिलों को तय क्षमता से अधिक धान अलॉट करने के साथ-साथ धान अलॉटमेंट पॉलिसी में कई तरह की अनियमितताओं का आरोप है। 7 मार्च को आरोपी डीएम को सस्पेंड भी किया जा चुका था।
27 मार्च को दर्ज मामले में ये था आरोप:पुलिस में दी शिकायत में डीएम हेफेड वीपी मलिक ने कहा था कि हेफेड के पूर्व डीएम राजेश कुमार, जो इस समय सस्पेंड चल रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018-19 के दौरान कस्टम मिलिंग के लिए निजी राइस मिलों में कुछ ऐसे राइस मिलों धान अलॉट कर दिया, जो पहले से ही डिफॉल्टर थे। जिसके कारण हैफेड को 16 करोड़ करोड़ रुपये की वित्तीय हानि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में अलॉट हुई धान की मिलिंग में एमएस श्रीरामजी राइस लैंड नामक फर्म द्वारा गड़बड़ी किए जाने पर इस फर्म के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए तत्कालीन डीएम हेफेड राजेश कुमार को निर्देश दिया गया था। साथ ही उसके गारंटर्स के खिलाफ केस दर्ज करवाने व उसकी परिसंपत्तियों को जब्त करके रिकवरी के लिए केस दायर करने के लिए कहा गया था। लेकिन डीएम ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। अपनी शिकायत में डीएम वीपी मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन डीएम राजेश कुमार ने विभाग की पॉलिसी के अनुसार मिलों से जो गारंटी केलिए 5 लाख रुपये की राशि ली जानी थी, वह भी कम ली गई। इसके साथ-साथ डीएम राजेश कुमार ने वरदान राइस मिल को एनओसी जारी कर दी। जबकि यह मिल श्रीराम राइस मिल की गारंटर थी। जबकि श्री राम राइस मिल डिफॉल्टर हो चुकी थी। इसके बावजूद डीएम राजेश कुमार ने वरदान राइस मिल को एनओसी जारी कर दी। इसी प्रकार से हेफेड को हरियाणा एग्रो फूड भी पिछले साल मिल अलॉट की गई। जो श्री राम राइस मिल के गारंटर थे। इन्हें भी धान अलॉट नहीं किया जाना था। जांच के दौरान इस मिल में भी 2683 एमटी धान कम पाया गया। इसी प्रकार से एमएस गुरुनानक एग्रो इंडस्ट्रीज राइस मिल को भी डीएम राजेश कुमार ने एनओसी जारी कर दी। जो डिफॉल्टर फर्म आरएल फूड प्रोडक्ट लिमिटिड की गारंटर थी। बाद में इस फर्म को 6996 एमटी धान अलॉट किया गया। जब जांच की गई तो उसके परिसर में 2342 एमटी धान कम पाया गया था। इसी प्रकार से गणपति राइस मिल सीवन को भी डीएम द्वारा धान अलॉट किया गया। जिसके खिलाफ भी पूरा धान ना देने के कारण सीवन थाने में 3 मार्च को केस दर्ज किया गया था। साथ ही आरएस राइस मिल सीवन का भी 1178 एमटी धान कम पाया गया था। यह सब तत्कालीन डीएम राजेश कुमार द्वारा सरकार की निर्धारित पॉलिसी का उल्लंघन करने के कारण होने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इन पूरे मामलों के कारण एजेंसी करीब 16 करोड़ रुपये का नुकसान का आरोप था।
एसपी विरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस ने फतेहाबाद के कन्हड़ी गांव में छापा मार कर आरोपी डीएम रहे राजेश कुमार को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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27 मार्च को दर्ज मामले में ये था आरोप:पुलिस में दी शिकायत में डीएम हेफेड वीपी मलिक ने कहा था कि हेफेड के पूर्व डीएम राजेश कुमार, जो इस समय सस्पेंड चल रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018-19 के दौरान कस्टम मिलिंग के लिए निजी राइस मिलों में कुछ ऐसे राइस मिलों धान अलॉट कर दिया, जो पहले से ही डिफॉल्टर थे। जिसके कारण हैफेड को 16 करोड़ करोड़ रुपये की वित्तीय हानि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में अलॉट हुई धान की मिलिंग में एमएस श्रीरामजी राइस लैंड नामक फर्म द्वारा गड़बड़ी किए जाने पर इस फर्म के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए तत्कालीन डीएम हेफेड राजेश कुमार को निर्देश दिया गया था। साथ ही उसके गारंटर्स के खिलाफ केस दर्ज करवाने व उसकी परिसंपत्तियों को जब्त करके रिकवरी के लिए केस दायर करने के लिए कहा गया था। लेकिन डीएम ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। अपनी शिकायत में डीएम वीपी मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन डीएम राजेश कुमार ने विभाग की पॉलिसी के अनुसार मिलों से जो गारंटी केलिए 5 लाख रुपये की राशि ली जानी थी, वह भी कम ली गई। इसके साथ-साथ डीएम राजेश कुमार ने वरदान राइस मिल को एनओसी जारी कर दी। जबकि यह मिल श्रीराम राइस मिल की गारंटर थी। जबकि श्री राम राइस मिल डिफॉल्टर हो चुकी थी। इसके बावजूद डीएम राजेश कुमार ने वरदान राइस मिल को एनओसी जारी कर दी। इसी प्रकार से हेफेड को हरियाणा एग्रो फूड भी पिछले साल मिल अलॉट की गई। जो श्री राम राइस मिल के गारंटर थे। इन्हें भी धान अलॉट नहीं किया जाना था। जांच के दौरान इस मिल में भी 2683 एमटी धान कम पाया गया। इसी प्रकार से एमएस गुरुनानक एग्रो इंडस्ट्रीज राइस मिल को भी डीएम राजेश कुमार ने एनओसी जारी कर दी। जो डिफॉल्टर फर्म आरएल फूड प्रोडक्ट लिमिटिड की गारंटर थी। बाद में इस फर्म को 6996 एमटी धान अलॉट किया गया। जब जांच की गई तो उसके परिसर में 2342 एमटी धान कम पाया गया था। इसी प्रकार से गणपति राइस मिल सीवन को भी डीएम द्वारा धान अलॉट किया गया। जिसके खिलाफ भी पूरा धान ना देने के कारण सीवन थाने में 3 मार्च को केस दर्ज किया गया था। साथ ही आरएस राइस मिल सीवन का भी 1178 एमटी धान कम पाया गया था। यह सब तत्कालीन डीएम राजेश कुमार द्वारा सरकार की निर्धारित पॉलिसी का उल्लंघन करने के कारण होने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इन पूरे मामलों के कारण एजेंसी करीब 16 करोड़ रुपये का नुकसान का आरोप था।
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एसपी विरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस ने फतेहाबाद के कन्हड़ी गांव में छापा मार कर आरोपी डीएम रहे राजेश कुमार को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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