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जिले में नहीं बंट सकीं 50 हजार चिट्ठियां, कर्मचारियों की हड़ताल से दिनभर भटकते रहे लोग

Thu, 16 Mar 2017 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल Updated Thu, 16 Mar 2017 11:28 PM IST
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नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एंपलाइज यूनियन के आह्वान पर वीरवार को डाकघर के लगभग 100 से ज्यादा कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। जिससे डाकघरों का काम काज पूरी तरह से ठप रहा। वहीं करीब 50 हजार चिट्ठियां भी नहीं बंट सकीं। जिससे लोग दिन भर परेशान रहे। दरअसल कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर हड़ताल पर रहे और पोस्ट ऑफिस के बाहर धरना दिया।
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सुबह से हड़ताल पर रहे कर्मचारी:-
सुबह कर्मचारी पोस्ट ऑफिस में पहुंचते ही हड़ताल पर चले गए। जिससे काम-काज पूरी तरह से ठप हो गया। वहीं उपभोक्ता तो परेशान रहे ही साथ ही जिला में एक भी डाक की सप्लाई न होने के कारण सभी विभागों में परेशानी रही। इसके साथ ही रोजाना पोस्ट ऑफिस में होने वाला लेन देन भी नहीं हो सका।  
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 10 करोड़ का लेन-देन प्रभावित:-
जिले में एक दिन में 50 हजार से अधिक चिट्ठियां बंटती हैं। वीरवार को हड़ताल के कारण ये चिट्ठियां नहीं बंट सकीं। जिससे लोगों को आवश्यक संदेश मिलने में भी देरी होगी। कई लोगों को इस हड़ताल का नुकसान भी हो सकता है।
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पोस्टमास्टर विजय सिंगला ने बताया कि जिला के कुल 12 पोस्ट ऑफिस के माध्यम से करीब 50 हजार डाक रोजाना सप्लाई किये जाते है। जिला के डाकघरों में 10 करोड़ का लेन देन होता है जो हड़ताल के कारण नहीं हो सका।
ये है प्रमुख मांगे:-
डाकघर कर्मचारियों की मांगो में सातवें वेतन के कमीशन को 2.57 से 3.0 प्रतिशत करना।
जीडीएस व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना।
एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन की नीति को लागू करना।
निजीकरण और ठेकेदारी प्रथा को बंद करना।
नोटबंदी के दौरान किये गये कार्य का वेतन देना।
खाली पड़े पदो को भरना जैसी अन्य मांगे शामिल है।

आज था अंतिम दिन, अब लगेगा जुर्माना:-
धर्मपुर के समरपाल कुमार ने बताया कि वह डाकघर में स्कीम के तहत एफडी करवा रखी है। जिसे लेकर वह अपनी मासिक किस्त जमा करवाने के लिए आया था। लेकिन उसे यह मालूम नहीं था कि आज डाकघर के कर्मचारियों की हड़ताल है। वीरवार को उसकी किस्त भरने का अंतिम दिन है। अब उसके 10 प्रतिशत जुर्माना देना पड़ेगा। हड़ताल से काफी परेशानी हुई है।

भरने थे फार्म, डीएमसी के कारण खराब होगें छह माह:-
डाकघर कर्मियों के हड़ताल के कारण डाक की सप्लाई न होने पर डीएमसी का पता करने आए गांव कुतुबपुर वासी बलविंद्र कुमार को परेशानी हुई। उसने बताया कि उसे री-अपीयर को लेकर फार्म भरने थे, जिस पर वह डाकघर में पता करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन दोपहर के समय डाकघर बंद मिला। यहां न कोई अधिकारी मिला। डीएमसी के नहीं मिलने के कारण वह फार्म भी नहीं भर सकता। अब अगले छह माह तक इंतजार करना पड़ेगा।

कर्मचारी हड़ताल से पहले दें सूचना:-
डाकघर में रुपये जमा करवाने के लिए पहुंचे लाजपत सिंगला ने बताया कि उसे किसी जरूरी काम को लेकर डाक घर के खाते में रुपये जमा करवाने थे। कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने की किसी को भी सूचना नहीं दी गई है। ऐसा नहीं होना चाहिए। कर्मचारियों को हड़ताल की लोगों को पहले ही सूचना दे देनी चाहिए। जिससे लोगों को परेशान न होना पड़े।

पोस्ट ऑफिस के बाहर दिया गया धरना:-
सुबह सभी कर्मचारी डाकघर में कामकाज को बंद करके धरने पर बैठे। धरने की अध्यक्षता पोस्टमास्टर विजय सिंगला ने की। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल सातवें वेतन आयोग की विसंगतियो को दूर करने, कर्मचारियों की नियुक्ति सहित अन्य मांग को लेकर की है। इस मौके पर प्रदीप, तरुण, रवि, सुनिल, राकेश, बलजीत, नीतू, कमलेश, मनजीत सहित पोस्ट ऑफिस के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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