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धान की सीधी बिजाई करें और लें प्रोत्साहन राशि
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कैथल। धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को कृषि व किसान कल्याण विभाग चार हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि देगा। इसे लेने के लिए किसानों को खेतों में डीएसआर मशीन से बिजाई करनी होगी। पिछले वर्ष भी 5500 एकड़ के करीब किसानों ने धान की सीधी बिजाई की थी। इससे धान की अच्छी पैदावार हुई थी।
गौरतलब है कि इस वर्ष जिला में धान की सीधी बिजाई के लिए 11 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए लगभग 4.40 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा गया है। किसान 25 मई से धान की सीधी बिजाई कर सकते हैं। इससे करीब 30 प्रतिशत तक पानी की बचत होगी। ऐसा करने वाले किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 30 जून तक है।
इसके बाद सीधी बिजाई का सत्यापन गठित कमेटी करेगी। इसमें गांव से संबंधित विभाग का एसडीओ, सुपरवाइजर, बीईओ, एटीएमे, बीटीएम, पटवारी नंबरदार शामिल होंगे। योजना के तहत धान की विभिन्न किस्मों जैसे पूसा-1718, पूसा-1509, तरावड़ी बासमती, बासमती सीएसआर 30, पूसा बासमती 1121 की भी सीधी बिजाई किसान कर सकते हैं। धान की सीधी बिजाई से बीमारियों एवं कीड़ों का प्रकोप भी कम होता है। फसल परंपरागत विधि से 10 दिन पहले फसल तैयार हो जाती है। साथ ही अगली फसल गेहूं की पैदावार में भी दो से तीन क्विंटल प्रति एकड़ तक की बढ़ोतरी होती है।
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वैकल्पिक फसल पर सात हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान
हरियाणा सरकार ने धान कोक छोड़कर दलहनी फसलें जैसे मूंग, अरहर, मोंठ, उड़द, सोयाबीन व ग्वार और तिलहनी फसलें जैसे तिल, अरंडी, मूंगफली व चारा उगाने वाले किसानों को सात हजार रुपये प्रति एकड़ देने की घोषणा की है। इसके लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत योजना’ पर पंजीकरण होना जरूरी है। इसकी समयावधि 15 मई से 30 जून निर्धारित है। इसका उद्देश्य दलहनी, तिलहनी व चारे की फसल लगाकर पानी की बचत करना है। यह स्कीम अपनाने वाले किसानों का संबंधित कृषि विकास अधिकारी, पटवारी तथा नंबरदार की संयुक्त टीम भौतिक सत्यापन करेगी।
धान की सीधी बिजाई के ये है फायदे
नर्सरी तैयार करने का खर्च बचेगा।
रोपाई का खर्च बचेगा।
खेत को कद्दू करने का खर्च व ट्रैक्टर घिसाई की बचत।
लेबर की बचत।
पानी की 30 प्रतिशत तक बचत।
पानी के वाष्पीकरण के बजाय भूजल संचयन प्रक्रिया तेज होती है।
जमीन में जल धारण करने की बढ़ती है क्षमता
पैदावार में नहीं आती कमी।
किसान 25 मई से कर सकते हैं सीधी बिजाई
धान की सीधी बिजाई किसान 25 मई से कर सकते हैं। धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को चार हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। किसान धान रोपाई की जगह धान की सीधी बिजाई करें। किसानों को धान की सीधी बिजाई में कम पानी देने की जरूरत पड़ेगी। वहीं धान की सीधी बिजाई फसल में बीमारियां भी बहुत कम आती है।
कर्मचंद, कृषि उपनिदेशक
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गौरतलब है कि इस वर्ष जिला में धान की सीधी बिजाई के लिए 11 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए लगभग 4.40 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा गया है। किसान 25 मई से धान की सीधी बिजाई कर सकते हैं। इससे करीब 30 प्रतिशत तक पानी की बचत होगी। ऐसा करने वाले किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 30 जून तक है।
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इसके बाद सीधी बिजाई का सत्यापन गठित कमेटी करेगी। इसमें गांव से संबंधित विभाग का एसडीओ, सुपरवाइजर, बीईओ, एटीएमे, बीटीएम, पटवारी नंबरदार शामिल होंगे। योजना के तहत धान की विभिन्न किस्मों जैसे पूसा-1718, पूसा-1509, तरावड़ी बासमती, बासमती सीएसआर 30, पूसा बासमती 1121 की भी सीधी बिजाई किसान कर सकते हैं। धान की सीधी बिजाई से बीमारियों एवं कीड़ों का प्रकोप भी कम होता है। फसल परंपरागत विधि से 10 दिन पहले फसल तैयार हो जाती है। साथ ही अगली फसल गेहूं की पैदावार में भी दो से तीन क्विंटल प्रति एकड़ तक की बढ़ोतरी होती है।
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वैकल्पिक फसल पर सात हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान
हरियाणा सरकार ने धान कोक छोड़कर दलहनी फसलें जैसे मूंग, अरहर, मोंठ, उड़द, सोयाबीन व ग्वार और तिलहनी फसलें जैसे तिल, अरंडी, मूंगफली व चारा उगाने वाले किसानों को सात हजार रुपये प्रति एकड़ देने की घोषणा की है। इसके लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत योजना’ पर पंजीकरण होना जरूरी है। इसकी समयावधि 15 मई से 30 जून निर्धारित है। इसका उद्देश्य दलहनी, तिलहनी व चारे की फसल लगाकर पानी की बचत करना है। यह स्कीम अपनाने वाले किसानों का संबंधित कृषि विकास अधिकारी, पटवारी तथा नंबरदार की संयुक्त टीम भौतिक सत्यापन करेगी।
धान की सीधी बिजाई के ये है फायदे
नर्सरी तैयार करने का खर्च बचेगा।
रोपाई का खर्च बचेगा।
खेत को कद्दू करने का खर्च व ट्रैक्टर घिसाई की बचत।
लेबर की बचत।
पानी की 30 प्रतिशत तक बचत।
पानी के वाष्पीकरण के बजाय भूजल संचयन प्रक्रिया तेज होती है।
जमीन में जल धारण करने की बढ़ती है क्षमता
पैदावार में नहीं आती कमी।
किसान 25 मई से कर सकते हैं सीधी बिजाई
धान की सीधी बिजाई किसान 25 मई से कर सकते हैं। धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को चार हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। किसान धान रोपाई की जगह धान की सीधी बिजाई करें। किसानों को धान की सीधी बिजाई में कम पानी देने की जरूरत पड़ेगी। वहीं धान की सीधी बिजाई फसल में बीमारियां भी बहुत कम आती है।
कर्मचंद, कृषि उपनिदेशक