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Kaithal News: सत्यापन न होने से सरसों बेचने में परेशानी
Thu, 06 Apr 2023 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 06 Apr 2023 01:06 AM IST
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कैथल। मंडी में सरसों लेकर पहुंचें कई किसानों की सरसों की खरीद एमएसपी पर नहीं हो पा रही है। इस कारण वे परेशान हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर उनकी सरसों की फसल का सत्यापन न होने की बात कहकर उन्हें टरका दिया जा रहा है। मजबूरी में उन्हें एमएसपी से छह से सात सौ रुपये प्रति क्विंटल तक कम कीमत पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है।
किसान सीवन निवासी गुरदेव सिंह, नैना से अंकुश, महीपाल नैन आदि किसानों ने बताया कि वे मंडी में सरसों लेकर पहुंचे थे। यहां आकर पता चला कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कई किसानों की फसल का सत्यापन नहीं है। किसान पहले मार्केट कमेटी कार्यालय में गए। फिर तहसीलदार तो फिर एसडीएम कार्यालय में गए। जहां सरसों की फसल को सत्यापित करवाने की मांग की लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। किसान तो केवल पोर्टल पर जानकारी दे सकता है। ऐसे में किसानों को यह समझ नहीं आ रहा कि उनकी फसल को सत्यापित कौन करेगा। इसके बिना मार्केट कमेटी कार्यालय से गेटपास नहीं कटते। बिना गेटपास के सरकारी खरीद एजेंसियां सरसों की एमएसपी पर खरीद नहीं कर सकतीं। ऐसे में किसान कहां जाएं। मजबूरन उन्हें अपनी फसल को एमएसपी से कम निजी व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। ऐसे में छह से सात सौ रुपये प्रति क्विंटल तक कम कीमत मिल रही है। किसानों से सरकार से मांग की है कि जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करवाया हुआ है, उनके पंजीकरण को सत्यापित करवाया जाए ताकि किसान अपनी फसल बेच सके।
इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने कहा कि इस बारे में आला अधिकारियों से बात की है। मार्केट कमेटी कार्यालय की इसमें कोई कमी नहीं है। संबंधित विभाग को इस बारे में अवगत करवा दिया है। जिन किसानों की फसल मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर सत्यापित है, उस किसान की फसल खरीद की जा रही है।
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किसान सीवन निवासी गुरदेव सिंह, नैना से अंकुश, महीपाल नैन आदि किसानों ने बताया कि वे मंडी में सरसों लेकर पहुंचे थे। यहां आकर पता चला कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कई किसानों की फसल का सत्यापन नहीं है। किसान पहले मार्केट कमेटी कार्यालय में गए। फिर तहसीलदार तो फिर एसडीएम कार्यालय में गए। जहां सरसों की फसल को सत्यापित करवाने की मांग की लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। किसान तो केवल पोर्टल पर जानकारी दे सकता है। ऐसे में किसानों को यह समझ नहीं आ रहा कि उनकी फसल को सत्यापित कौन करेगा। इसके बिना मार्केट कमेटी कार्यालय से गेटपास नहीं कटते। बिना गेटपास के सरकारी खरीद एजेंसियां सरसों की एमएसपी पर खरीद नहीं कर सकतीं। ऐसे में किसान कहां जाएं। मजबूरन उन्हें अपनी फसल को एमएसपी से कम निजी व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। ऐसे में छह से सात सौ रुपये प्रति क्विंटल तक कम कीमत मिल रही है। किसानों से सरकार से मांग की है कि जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करवाया हुआ है, उनके पंजीकरण को सत्यापित करवाया जाए ताकि किसान अपनी फसल बेच सके।
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इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने कहा कि इस बारे में आला अधिकारियों से बात की है। मार्केट कमेटी कार्यालय की इसमें कोई कमी नहीं है। संबंधित विभाग को इस बारे में अवगत करवा दिया है। जिन किसानों की फसल मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर सत्यापित है, उस किसान की फसल खरीद की जा रही है।
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