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Kaithal News: सावन में नाग-नागिन के जोड़े के दर्शन करने आते हैं भक्त
Sun, 20 Jul 2025 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के ढांड रोड स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर आस्था का केंद्र है। इस मंदिर की स्थापना वर्ष 2009 में की गई थी। इस समय यह ढांड रोड स्थित सनसिटी का एकमात्र शिव मंदिर है। मान्यता है कि जब इस मंदिर में शिवलिंग स्थापित करने के लिए जगह को खोदा जा रहा था तो उस समय इसी स्थान से एक नाग व नागिन का जोड़ा निकला था। इसके बाद यहां पर मंदिर की स्थापना हुई। माना जाता है कि यह नाग व नागिन का जोड़ा सावन माह में श्रद्धालुओं को दर्शन जरूर देता है।
2012 में की गई शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा : मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2012 में इस मंदिर का निर्माण पूरा हुआ था। इसके बाद इस मंदिर में महाकाल की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। भगवान महाकाल के गले में नाग-नागिन का जोड़ा इस मंदिर की भव्य पहचान बन चुका है। उन्होंने बताया कि यह नाग-नागिन का जोड़ा सावन माह और सोमवार को दर्शन देने के लिए पहुंचता है। इस बार भी मंदिर में कांवड़ियों के लिए शिविर और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। शिवरात्रि के दिन भी यहां पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे।
मंदिर के अन्य पुजारी आलोक ने बताया कि इस शिव शक्ति धाम मंदिर से अनेक लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इस समय सावन माह में प्रतिदिन सुबह के समय काफी संख्या में श्रद्धालु महाकाल का अभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं। सनसिटी में यह एकमात्र शिव मंदिर है। ऐसे में सनसिटी के श्रद्धालु यहां पर प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं।
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कैथल। शहर के ढांड रोड स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर आस्था का केंद्र है। इस मंदिर की स्थापना वर्ष 2009 में की गई थी। इस समय यह ढांड रोड स्थित सनसिटी का एकमात्र शिव मंदिर है। मान्यता है कि जब इस मंदिर में शिवलिंग स्थापित करने के लिए जगह को खोदा जा रहा था तो उस समय इसी स्थान से एक नाग व नागिन का जोड़ा निकला था। इसके बाद यहां पर मंदिर की स्थापना हुई। माना जाता है कि यह नाग व नागिन का जोड़ा सावन माह में श्रद्धालुओं को दर्शन जरूर देता है।
2012 में की गई शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा : मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2012 में इस मंदिर का निर्माण पूरा हुआ था। इसके बाद इस मंदिर में महाकाल की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। भगवान महाकाल के गले में नाग-नागिन का जोड़ा इस मंदिर की भव्य पहचान बन चुका है। उन्होंने बताया कि यह नाग-नागिन का जोड़ा सावन माह और सोमवार को दर्शन देने के लिए पहुंचता है। इस बार भी मंदिर में कांवड़ियों के लिए शिविर और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। शिवरात्रि के दिन भी यहां पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे।
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मंदिर के अन्य पुजारी आलोक ने बताया कि इस शिव शक्ति धाम मंदिर से अनेक लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इस समय सावन माह में प्रतिदिन सुबह के समय काफी संख्या में श्रद्धालु महाकाल का अभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं। सनसिटी में यह एकमात्र शिव मंदिर है। ऐसे में सनसिटी के श्रद्धालु यहां पर प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं।
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