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Kaithal News: आढ़तियों का प्रदर्शन जारी, नहीं पहुंचा गेहूं
Wed, 03 Apr 2024 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 03 Apr 2024 01:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की सभी अनाज मंडियों में मांगों के समर्थन में आढ़तियों का प्रदर्शन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान दूसरे दिन भी किसी भी अनाज मंडी में गेहूं की कोई ढेरी नहीं पहुंची।
इस दौरान आढ़तियों ने शाम चार बजे धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जताया। आढ़तियों ने पूरी आढ़त देने की मांग को लेकर पांच अप्रैल तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया है।
इसके तहत ही यह प्रदर्शन किया जा रहा है। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार गर्ग प्रधान ने की। आढ़तियों ने फिर से अपनी मांग को दोहरा कहा कि यदि सरकार ने समय रहते हैं उनकी मांगे नहीं मानी तो चुनाव से 10 दिन पहले प्रदेश सरकार के खिलाफ व्यापारी बड़ा निर्णय लेंगे। प्रधान राजकुमार गर्ग ने कहा कि सरकार सरसों व कॉटन की फसलें हैफेड और कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे किसानों से खरीद रही है।
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इससे आढ़ती का कोई कमीशन नहीं बन रहा। यह उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति अनुसार, आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में किया जाना चाहिए। धान सीजन 2019 में खरीद एजेंसियों द्वारा छह महीने देरी से भुगतान किया गया था और देरी से भुगतान का ब्याज अभी तक मंडियों में नहीं दिया गया है। मांगे ना माने जाने तक उनका धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर अतिरिक्त अनाज मंडी के प्रधान सोहन ढुल, धर्मपाल कठवाड़, प्रवेश क्योड़क आढती व रमेश गर्ग आढ़ती सहित अन्य आढ़ती मौजूद थे।
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कैथल। जिले की सभी अनाज मंडियों में मांगों के समर्थन में आढ़तियों का प्रदर्शन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान दूसरे दिन भी किसी भी अनाज मंडी में गेहूं की कोई ढेरी नहीं पहुंची।
इस दौरान आढ़तियों ने शाम चार बजे धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जताया। आढ़तियों ने पूरी आढ़त देने की मांग को लेकर पांच अप्रैल तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया है।
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इसके तहत ही यह प्रदर्शन किया जा रहा है। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार गर्ग प्रधान ने की। आढ़तियों ने फिर से अपनी मांग को दोहरा कहा कि यदि सरकार ने समय रहते हैं उनकी मांगे नहीं मानी तो चुनाव से 10 दिन पहले प्रदेश सरकार के खिलाफ व्यापारी बड़ा निर्णय लेंगे। प्रधान राजकुमार गर्ग ने कहा कि सरकार सरसों व कॉटन की फसलें हैफेड और कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे किसानों से खरीद रही है।
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इससे आढ़ती का कोई कमीशन नहीं बन रहा। यह उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति अनुसार, आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में किया जाना चाहिए। धान सीजन 2019 में खरीद एजेंसियों द्वारा छह महीने देरी से भुगतान किया गया था और देरी से भुगतान का ब्याज अभी तक मंडियों में नहीं दिया गया है। मांगे ना माने जाने तक उनका धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर अतिरिक्त अनाज मंडी के प्रधान सोहन ढुल, धर्मपाल कठवाड़, प्रवेश क्योड़क आढती व रमेश गर्ग आढ़ती सहित अन्य आढ़ती मौजूद थे।