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अप्रैल 2021 तक शून्य कचरा होगा डंपिंग यार्ड में
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शहर में कचरा डंप करने की समस्या के निदान को नगर परिषद ने 5.54 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर टेंडर छोड़ दिया है। जिसमें परिषद की ओर से एक एजेंसी को कचरा एकत्रित करने के लिए अत्याधुनिक मशीनरी युक्त प्लांट लगाए जाने का काम दिया है। जिसमें डंपिंग यार्ड में एकत्रित कचरे को वैज्ञानिक विधि से व्यवस्थित किया जाएगा। ताकि अप्रैल 2021 तक डंपिंग यार्ड में शून्य कचरा हो सके।
एनजीटी ने दिए हैं शून्य कचरा करने के निर्देश-शहर में से निकलने वाले कचरे को शून्य करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार आगामी अप्रैल 2021 से पहले शहर में से निकलने वाले कचरे को शून्य किया जाना है। इसी दिशा में नगर परिषद द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
5.54 करोड़ रुपये में सौंपा एजेंसी को काम- नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट के लिए 5.54 करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ा गया है। जिसमें एजेंसी द्वारा डंपिंग यार्ड में एकत्रित कचरे को व्यवस्थित करना है। इसमें मिट्टी, प्लास्टिक, कांच, धातु व कपड़े को अलग करना है। मिट्टी का प्रयोग भराव के लिए किया जाएगा। कांच व प्लास्टिक का रि-यूज किया जा सकता है। प्लास्टिक का प्रयोग सड़क निर्माण में भी हो सकता है। इसी प्रकार से कपड़े का भी जो भी संभव प्रयोग होगा, वह किया जाएगा। इस तरह से कचरा शून्य का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
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डंपिंग यार्ड में लगाया जाएगा प्लांट- योजना के अनुसार खुराना रोड पर डंपिंग यार्ड में यह प्लांट लगाया जाएगा। जिसके लिए अत्याधुनिक मशीनरी जल्द ही पहुंचने वाली है। फर्म द्वारा प्लांट में जगह फाइनल कर ली गई है। शहर से एक दिन में 80 टन कचरा निकलता है। जिसे डोर टू डोर कलेक्शन सहित कर्मचारियों द्वारा एकत्रित किए जाने वाले कचरे को नगर परिषद द्वारा डंपिंग यार्ड में पहुंचाया जाता है।
ईओ नगर परिषद अशोक कुमार ने कहा कि एनजीटी ने शून्य कचरा किए जाने के लिए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों की पालना में आगामी अप्रैल 2021 तक शून्य कचरे के आदेश की पालना में डंपिंग यार्ड में वैज्ञानिक विधि से कचरे का प्रबंधन किया जाएगा।
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एनजीटी ने दिए हैं शून्य कचरा करने के निर्देश-शहर में से निकलने वाले कचरे को शून्य करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार आगामी अप्रैल 2021 से पहले शहर में से निकलने वाले कचरे को शून्य किया जाना है। इसी दिशा में नगर परिषद द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
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5.54 करोड़ रुपये में सौंपा एजेंसी को काम- नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट के लिए 5.54 करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ा गया है। जिसमें एजेंसी द्वारा डंपिंग यार्ड में एकत्रित कचरे को व्यवस्थित करना है। इसमें मिट्टी, प्लास्टिक, कांच, धातु व कपड़े को अलग करना है। मिट्टी का प्रयोग भराव के लिए किया जाएगा। कांच व प्लास्टिक का रि-यूज किया जा सकता है। प्लास्टिक का प्रयोग सड़क निर्माण में भी हो सकता है। इसी प्रकार से कपड़े का भी जो भी संभव प्रयोग होगा, वह किया जाएगा। इस तरह से कचरा शून्य का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
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डंपिंग यार्ड में लगाया जाएगा प्लांट- योजना के अनुसार खुराना रोड पर डंपिंग यार्ड में यह प्लांट लगाया जाएगा। जिसके लिए अत्याधुनिक मशीनरी जल्द ही पहुंचने वाली है। फर्म द्वारा प्लांट में जगह फाइनल कर ली गई है। शहर से एक दिन में 80 टन कचरा निकलता है। जिसे डोर टू डोर कलेक्शन सहित कर्मचारियों द्वारा एकत्रित किए जाने वाले कचरे को नगर परिषद द्वारा डंपिंग यार्ड में पहुंचाया जाता है।
ईओ नगर परिषद अशोक कुमार ने कहा कि एनजीटी ने शून्य कचरा किए जाने के लिए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों की पालना में आगामी अप्रैल 2021 तक शून्य कचरे के आदेश की पालना में डंपिंग यार्ड में वैज्ञानिक विधि से कचरे का प्रबंधन किया जाएगा।