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रविवार की छुट्टी के बाद मिली राहत, एटीएम पर लगी भीड़
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:09 AM IST
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एटीएम पर लगी रही भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंक खुलने पर बैंकों के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान अधिकतर बैंको में पर्याप्त नकदी आई। जिससे लोगों को पर्याप्त नकदी प्राप्त हुई। लोगों को नकदी के घंटो तक लाईन में लगना तो पड़ा। लेकिन उन्हें नकदी मिली। अंबाला रोड पीएनबी बैंक, एसबीआई मेन ब्रांच, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक में सुबह से काफी भीड़ रही।
इसी प्रकार से छ्ट्टी के बाद शहर के अधिकतर एटीएम चलने से भी लोगों को राहत मिली। हालांकि लोगों को नकदी के लिए एटीएम के बाहर बैठकर इंतजार तो करना पड़ा। लेकिन उन्हें नकदी मिली।
एसबीआई बैंक से रुपये निकलवाने आए तेंजिद्र भाटिया ने बताया कि वह बीमा कंपनी का एजेंट है। पिछले कुछ कुछ दिनों से एक ग्राहक को इंश्योरेंस के 25 हजार रुपये देने थे। लेकिन बैंकों में रुपये नहीं आने के कारण काफी दिक्कत आ रही थी। आज बैंक से रुपये मिले है। तो अब परेशानी दूर होगी।
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शहरवासी रिंकू ने बताया कि उसे किसी जरूरी काम के चंडीगढ़ जाना था। शुक्रवार को रुपये लेने के लिए बैंक गया तो शनिवार को रुपये देने के लिए कहा। लेकिन रुपये नहीं मिले। रविवार को छुट्टी के कारण एटीएम भी बंद रहे। आज रुपये मिल गए है।
बैंक आज भी हैं कैशलेस, लोग परेशान
देश में पुराने 500 व 1,000 के नोट बंद किए जहां 1 माह का समय होने को आ गया वहीं आज भी बैंकों में कैश न होने का भूत इनका पीछा ही नहीं छोड़ रहा। बैंक में कैश न होने के कारण जहां लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 9 नवंबर से लेकर सोमवार तक कलायत के ओबीसी का हाल बेहाल है। लोगों को पैसे मिलते ही नहीं। एटीएम मशीन तो स्थाई तौर पर बंद ही है। बैंक के मेन गेट पर अधिकांश समय बैंक में कैश न होने का बोर्ड ही लटका रहता है।
लोगों की समस्या को देखते हुए लगाया अटूट भंडारा
कलायत के जोगेंद्र सिंह राणा ने बैंकों के बाहर लाइन में लगे लोगों की तकलीफों को देखते हुए बाबा रूढ़ पुरी व सती माता के पीछे कपिल सरोवर के किनारे पर अटूट भंडारे की शुरूआत की है। जोगेंद्र ने बताया कि भगवान कपिल के आशीर्वाद व प्रेरणा से उसने यह कार्य शुरू किया है। अटूट भंडारे में सुबह की चाय व दोनों समय के भोजन का प्रबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि भंडारे में कोई भी व्यक्ति आकर भोजन ग्रहण कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस भंडारे को वे कई माह तक नियमित रखेंगे।
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इसी प्रकार से छ्ट्टी के बाद शहर के अधिकतर एटीएम चलने से भी लोगों को राहत मिली। हालांकि लोगों को नकदी के लिए एटीएम के बाहर बैठकर इंतजार तो करना पड़ा। लेकिन उन्हें नकदी मिली।
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एसबीआई बैंक से रुपये निकलवाने आए तेंजिद्र भाटिया ने बताया कि वह बीमा कंपनी का एजेंट है। पिछले कुछ कुछ दिनों से एक ग्राहक को इंश्योरेंस के 25 हजार रुपये देने थे। लेकिन बैंकों में रुपये नहीं आने के कारण काफी दिक्कत आ रही थी। आज बैंक से रुपये मिले है। तो अब परेशानी दूर होगी।
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शहरवासी रिंकू ने बताया कि उसे किसी जरूरी काम के चंडीगढ़ जाना था। शुक्रवार को रुपये लेने के लिए बैंक गया तो शनिवार को रुपये देने के लिए कहा। लेकिन रुपये नहीं मिले। रविवार को छुट्टी के कारण एटीएम भी बंद रहे। आज रुपये मिल गए है।
बैंक आज भी हैं कैशलेस, लोग परेशान
देश में पुराने 500 व 1,000 के नोट बंद किए जहां 1 माह का समय होने को आ गया वहीं आज भी बैंकों में कैश न होने का भूत इनका पीछा ही नहीं छोड़ रहा। बैंक में कैश न होने के कारण जहां लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 9 नवंबर से लेकर सोमवार तक कलायत के ओबीसी का हाल बेहाल है। लोगों को पैसे मिलते ही नहीं। एटीएम मशीन तो स्थाई तौर पर बंद ही है। बैंक के मेन गेट पर अधिकांश समय बैंक में कैश न होने का बोर्ड ही लटका रहता है।
लोगों की समस्या को देखते हुए लगाया अटूट भंडारा
कलायत के जोगेंद्र सिंह राणा ने बैंकों के बाहर लाइन में लगे लोगों की तकलीफों को देखते हुए बाबा रूढ़ पुरी व सती माता के पीछे कपिल सरोवर के किनारे पर अटूट भंडारे की शुरूआत की है। जोगेंद्र ने बताया कि भगवान कपिल के आशीर्वाद व प्रेरणा से उसने यह कार्य शुरू किया है। अटूट भंडारे में सुबह की चाय व दोनों समय के भोजन का प्रबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि भंडारे में कोई भी व्यक्ति आकर भोजन ग्रहण कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस भंडारे को वे कई माह तक नियमित रखेंगे।