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कोर्ट परिसर में बंदी और पुलिस के बीच चले लात-घूंसे

Wed, 04 Nov 2015 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल Updated Wed, 04 Nov 2015 12:21 AM IST
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clashes between pollice and prisoner
चोरी की प्रॉपर्टी खरीदने के मामले में गिरफ्तार किए गए युवक ने मंगलवार दोपहर बाद न्यायिक परिसर में पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। युवक ने मारपीट से क्षुब्ध होकर बख्शीखाना के शीशे तोड़ डाले। हंगामे के चलते युवक समेत एक पुलिस कर्मचारी को चोटें आई हैं।
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करीब एक घंटे तक न्यायिक परिसर में हल्ला रहा। बाद में युवक ने वकील के माध्यम से न्यायालय में पुलिस कर्मियों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दी। वहीं पुलिस कर्मियों ने भी थाना सिविल लाइन में मारपीट के आरोप में शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है।
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पिहोवा निवासी प्रवीण कुमार ने बताया कि कबाड़ी की दुकान चला रहे उसके भाई ओमप्रकाश उर्फ विक्की को पुलिस ने अगस्त में ट्रांसफार्मर की चोरीशुदा संपत्ति खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह अपनी मां के साथ इस मामले में पेशी पर आया हुआ था।
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उसने आरोप लगाया कि जब पुलिस उसके भाई को अदालत में पेश करके नीचे ला रही थी तो एक पुलिस कर्मचारी ने उसे गाली दी। जिसका विरोध करने पर उसके भाई के साथ पुलिस कर्मचारी ने सीढ़ियों में ही मारपीट की। बाद में बख्शीखाना में ले जाकर उसके भाई के साथ मारपीट की।

उसने मुश्किल से वहां पहुंचकर भाई को छुड़वाया। उसके भाई को कई पुलिस कर्मियों ने उठाकर गाड़ी में डालना चाहा लेकिन उन्होंने वकील के माध्यम से न्यायालय में शिकायत दी। न्यायालय से पुलिस को इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

दूसरी ओर पुलिस कर्मचारी राजेश ने बताया कि वे ओमपकाश को पेश करके नीचे ला रहे थे। इसी बीच उसकी मां उससे मिलना चाहती थी जो मिल नहीं सकी। इसी बीच ओमप्रकाश ने उसे गाली दी। बाद में बख्शीखाने में पहुंचकर ओमप्रकाश ने उसके साथ मारपीट की तथा सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाई।

दस-दस पुलिस कर्मचारी काबू नहीं कर पाए
ओमप्रकाश को पुलिस ने दो-तीन बार जबरन गाड़ी में डालने का प्रयास किया लेकिन वह 10-10 पुलिस कर्मियों के भी काबू नहीं आया। इस दौरान चिल्लाता रहा कि मुझे किस जुर्म की सजा दी जा रही है। मारपीट क्यों की जा रही है। बख्शीखाना में पहुंचकर ओमप्रकाश ने शीशे तोड़ डाले। बाद में पुलिस कर्मियों ने उसे किसी तरह काबू किया। उसके वकील के अनुसार पहले सत्र न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायाधीश राजन वालिया की कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश राजन वालिया ने पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

बाहर बिलखती रही मां
न्यायिक परिसर में हंगामा चलता रहा। बाहर ओमप्रकाश की मां बिलखती रही। कभी पुलिस कर्मियों के आगे तो कभी वकीलों के आगे हाथ जोड़ती रही। बीच-बीच में दुखी होकर अपने बेटे को बचाने की गुहार लगाती रही तो कभी अपने ही बेटे को कोसती रही।


कोर्ट परिसर में उमड़ पड़ी भीड़
न्यायिक परिसर में करीब एक घंटे तक हंगामा चला। इस दौरान विभिन्न मामलों में पेश होने के लिए आए वकीलों, मुवक्किलों व अन्य लोगों की भीड़ उमड़ी रही।

न्यायालय द्वारा मामले में जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। दोनों ही पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस द्वारा पूरी छानबीन के बाद ही केस दर्ज किया जाएगा।
अशोक कुमार, थाना सिविल लाइन प्रभारी
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