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चूरापोस्त तस्कर को 10 साल की कैद
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कैथल। 119 किलोग्राम चूरापोस्त तस्करी मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश कैथल विवेक नासिर की अदालत ने दिया है। अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के अनुसार जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
एसपी वसीम अकरम ने बताया कि दिनांक 19 दिसंबर 2015 को तत्कालीन थाना प्रबंधक गुहला सब इंस्पेक्टर मंदीप सिंह व एएसआई भीम सिंह अन्य कर्मचारियों के साथ सायंकालीन गश्त के दौरान गांव रत्ताखेड़ा क्षेत्र में मौजूद थी। सहयोगी सूत्रों से पुलिस को गुप्त जानकारी मिली कि सुखदेव सिंह तथा मेजर सिंह दोनों निवासी रत्ताखेड़ा चूरापोस्त तस्करी का धंधा करते है, जिन्होंने सुखदेव सिंह द्वारा ठेका पर लिए खेत के ट्यूबवेल ट्रांसफार्मर नजदीक पराली के नीचे चूरापोस्त छिपाया हुआ है। पुलिस द्वारा मुस्तैदी का परिचय देते हुए की गई छापामारी दौरान पराली के नजदीक से सुखदेव उर्फ सुख्खा को काबू कर लिया, परंतु मेजर सिंह मौका से फरार हो गया। जांच के दौरान पराली के नीचे संदिग्ध 7 कट्टे मिले, जिनकी घटनास्थल पर डीएसपी मुख्यालय टेकनराज को बुलाकर तलाशी ली गई तो प्रत्येक कट्टे से 17 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद हुई। थाना गुहला में मामला दर्ज कर आरोपी सुखदेव को गिरफ्तार कर लिया, जांच के दौरान बाद में दिनांक 6 नवंबर 2016 को मेजर सिंह भी गिरफ्तार कर लिया गया। अभियोग का चालान तैयार कर न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया, जिसकी सुनवाई के दौरान 10 अप्रैल को अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश कैथल विवेक नासिर की अदालत द्वारा दोषी सुखदेव उर्फ सुख्खा को 10 वर्ष कारावास तथा एक लाख रुपये जुर्माना का सजायाब किया गया, परंतु आरोपी मेजर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है।
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एसपी वसीम अकरम ने बताया कि दिनांक 19 दिसंबर 2015 को तत्कालीन थाना प्रबंधक गुहला सब इंस्पेक्टर मंदीप सिंह व एएसआई भीम सिंह अन्य कर्मचारियों के साथ सायंकालीन गश्त के दौरान गांव रत्ताखेड़ा क्षेत्र में मौजूद थी। सहयोगी सूत्रों से पुलिस को गुप्त जानकारी मिली कि सुखदेव सिंह तथा मेजर सिंह दोनों निवासी रत्ताखेड़ा चूरापोस्त तस्करी का धंधा करते है, जिन्होंने सुखदेव सिंह द्वारा ठेका पर लिए खेत के ट्यूबवेल ट्रांसफार्मर नजदीक पराली के नीचे चूरापोस्त छिपाया हुआ है। पुलिस द्वारा मुस्तैदी का परिचय देते हुए की गई छापामारी दौरान पराली के नजदीक से सुखदेव उर्फ सुख्खा को काबू कर लिया, परंतु मेजर सिंह मौका से फरार हो गया। जांच के दौरान पराली के नीचे संदिग्ध 7 कट्टे मिले, जिनकी घटनास्थल पर डीएसपी मुख्यालय टेकनराज को बुलाकर तलाशी ली गई तो प्रत्येक कट्टे से 17 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद हुई। थाना गुहला में मामला दर्ज कर आरोपी सुखदेव को गिरफ्तार कर लिया, जांच के दौरान बाद में दिनांक 6 नवंबर 2016 को मेजर सिंह भी गिरफ्तार कर लिया गया। अभियोग का चालान तैयार कर न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया, जिसकी सुनवाई के दौरान 10 अप्रैल को अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश कैथल विवेक नासिर की अदालत द्वारा दोषी सुखदेव उर्फ सुख्खा को 10 वर्ष कारावास तथा एक लाख रुपये जुर्माना का सजायाब किया गया, परंतु आरोपी मेजर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है।
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