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दिल का दौरा पडने से आईआरबी सैनिक की हुई मौत
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:04 AM IST
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दिल का दौरा पड़ने से आईआरबी सैनिक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हरियाणा पुलिस की आईआरबी तीसरी बटालियन में सेवारत हवलदार रघुबीर सिंह की अकस्मात हुई मौत से नगर में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के पुत्र निशांत ने बताया कि उसके पिता 20 साल सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद इस समय हरियाणा पुलिस की इंडियन रिजर्व बटालियन में तैनात थे। इस बटालियन का हेडक्वार्टर सुनारिया रोहतक में स्थित है। उन्होंने बताया कि राम रहीम केस में उनके पिता को पंचकूला भेजा हुआ था। उनके पिता रविवार को घर आए थे। मंगलवार सुबह जब वे अपनी ड्यूटी के लिए पंचकूला को निकले तो उन्हें नही पता था कि वे कभी वापस ही नहीं आऐंगे। उन्हें पता चला कि उनके पिता का शव इस्माइलाबाद के पास पड़ा हुआ है। परिजनों के साथ वे लोग मौके पर पहुंचे तथा आईआरबी अधिकारियों के साथ मिल कर शव कुरुक्षेत्र के नागरिक अस्पताल में लेकर गए। वहां डॉक्टर ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया कलायत शमशान घाट में आईआरबी की ओर से मातमी धुन बजाई गई व दिवंगत का पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
जिस शेड को लगवा कर गए उसकी के नीचे हुआ रघुबीर का अंतिम संस्कार : शिवपुरी शमशान वेलफेयर सोसायटी के प्रधान आरएस भट्ट ने बताया कि रघुबीर सिंह उनकी संस्था में उपप्रधान थे। बहुत ही मृदुभाषी रघुबीर सिंह ने श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण में भरपूर सहयोग दिया। भट्ट ने बताया कि दिवंगत पिछले 10 वर्षों से श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण में लगे हुए थे। गत दिवस उन्होंने स्वयं खड़े होकर श्मशान घाट में शेड लगवाया था। पर यह नहीं पता था कि उस शेड के नीचे पहला संस्कार उन्हीं का होगा।
सामाजिक संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि
नगर की अनेक सामाजिक संस्थाओं ने दिवंगत को अपनी श्रद्धांजलि दी है। सतीश राणा व बिट्टू राणा ने कहा कि उनके शब्दकोश में असंभव शब्द नहीं था। हर असंभव को संभव बनाने में रघुबीर सिंह माहिर थे। उनका कहना था कि वे अन्याय को न कभी सहन करते थे तथा न ही होता देख सकते थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हरियाणा पुलिस की आईआरबी तीसरी बटालियन में सेवारत हवलदार रघुबीर सिंह की अकस्मात हुई मौत से नगर में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के पुत्र निशांत ने बताया कि उसके पिता 20 साल सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद इस समय हरियाणा पुलिस की इंडियन रिजर्व बटालियन में तैनात थे। इस बटालियन का हेडक्वार्टर सुनारिया रोहतक में स्थित है। उन्होंने बताया कि राम रहीम केस में उनके पिता को पंचकूला भेजा हुआ था। उनके पिता रविवार को घर आए थे। मंगलवार सुबह जब वे अपनी ड्यूटी के लिए पंचकूला को निकले तो उन्हें नही पता था कि वे कभी वापस ही नहीं आऐंगे। उन्हें पता चला कि उनके पिता का शव इस्माइलाबाद के पास पड़ा हुआ है। परिजनों के साथ वे लोग मौके पर पहुंचे तथा आईआरबी अधिकारियों के साथ मिल कर शव कुरुक्षेत्र के नागरिक अस्पताल में लेकर गए। वहां डॉक्टर ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया कलायत शमशान घाट में आईआरबी की ओर से मातमी धुन बजाई गई व दिवंगत का पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
जिस शेड को लगवा कर गए उसकी के नीचे हुआ रघुबीर का अंतिम संस्कार : शिवपुरी शमशान वेलफेयर सोसायटी के प्रधान आरएस भट्ट ने बताया कि रघुबीर सिंह उनकी संस्था में उपप्रधान थे। बहुत ही मृदुभाषी रघुबीर सिंह ने श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण में भरपूर सहयोग दिया। भट्ट ने बताया कि दिवंगत पिछले 10 वर्षों से श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण में लगे हुए थे। गत दिवस उन्होंने स्वयं खड़े होकर श्मशान घाट में शेड लगवाया था। पर यह नहीं पता था कि उस शेड के नीचे पहला संस्कार उन्हीं का होगा।
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सामाजिक संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि
नगर की अनेक सामाजिक संस्थाओं ने दिवंगत को अपनी श्रद्धांजलि दी है। सतीश राणा व बिट्टू राणा ने कहा कि उनके शब्दकोश में असंभव शब्द नहीं था। हर असंभव को संभव बनाने में रघुबीर सिंह माहिर थे। उनका कहना था कि वे अन्याय को न कभी सहन करते थे तथा न ही होता देख सकते थे।
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