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क्राइम शाखा ने ठगी के 51 हजार करवाए वापस
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कैथल। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के 51 हजार रुपये से ज्यादा वापस करवाए हैं। साइबर क्राइम थाना के कर्मचारी एएसआई सुरेंद्र कुमार व हेड कांस्टेबल विनोद कुमार की तत्परता से ऐसा हो सका।
कैथल निवासी प्रवीन कुमार ने एयू स्माल फाइनेंस बैंक का क्रेडिट कार्ड बनवाया हुआ है। क्रेडिट कार्ड का 1712 रुपये का बिल भरने की 13 मई अंतिम तारीख थी तो प्रवीन ने 1715 रुपये पे कर दिए। जब उसने पेमेंट कन्फर्म करने के लिए गूगल से एयू बैंक का कस्टमर केयर नंबर ढूंढा। उस जो नंबर मिला, उस पर बात करने पर एक एप डाउनलोड करवाई गई। इसके बाद उसके खाते से मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड 51,178 रुपये डेबिट होने का मैसेज आया।
उसके खाते से भुगतान नहीं कट पाया क्योंकि उसने बीच में ही फोन काट दिया था। इसके बाद वह तुरंत संबंधित बैंक में गया। जहां मैनेजर से उसे कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद वह सेक्टर 21 में स्थित साइबर क्राइम थाने में पहुंचा। जहां टीम ने मैसेज करके तुरंत एक कंपनी को मेल किया। उस मेल से उसके खाते से पैसे कटने का जो शेड्यूल बना था, वह रुक गया। इसके दो दिन बाद उसके खाते में पेमेंट वापसी का मैसेज आ गया।
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साइबर क्राइम थाना इंस्पेक्टर हितेंद्र सिंह ने कहा कि समय रहते पुलिस को सूचना मिल जाए तो कई बार ठगी रुक भी जाती है। लोगों को चाहिए कि ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्प लाइन 1930 पर कॉल करें।
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कैथल निवासी प्रवीन कुमार ने एयू स्माल फाइनेंस बैंक का क्रेडिट कार्ड बनवाया हुआ है। क्रेडिट कार्ड का 1712 रुपये का बिल भरने की 13 मई अंतिम तारीख थी तो प्रवीन ने 1715 रुपये पे कर दिए। जब उसने पेमेंट कन्फर्म करने के लिए गूगल से एयू बैंक का कस्टमर केयर नंबर ढूंढा। उस जो नंबर मिला, उस पर बात करने पर एक एप डाउनलोड करवाई गई। इसके बाद उसके खाते से मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड 51,178 रुपये डेबिट होने का मैसेज आया।
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उसके खाते से भुगतान नहीं कट पाया क्योंकि उसने बीच में ही फोन काट दिया था। इसके बाद वह तुरंत संबंधित बैंक में गया। जहां मैनेजर से उसे कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद वह सेक्टर 21 में स्थित साइबर क्राइम थाने में पहुंचा। जहां टीम ने मैसेज करके तुरंत एक कंपनी को मेल किया। उस मेल से उसके खाते से पैसे कटने का जो शेड्यूल बना था, वह रुक गया। इसके दो दिन बाद उसके खाते में पेमेंट वापसी का मैसेज आ गया।
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साइबर क्राइम थाना इंस्पेक्टर हितेंद्र सिंह ने कहा कि समय रहते पुलिस को सूचना मिल जाए तो कई बार ठगी रुक भी जाती है। लोगों को चाहिए कि ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्प लाइन 1930 पर कॉल करें।