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Kaithal News: सड़कों पर गोवंश बन रहे हादसों का सबब, तीन मौतों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार
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कैथल। शहर की सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। गर्मी शुरू होने के बाद शहर की अधिकतर सड़कों पर रात के समय गोवंशों का जमावड़ा रहता है, जिससे शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन कोई न कोई वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। शहर में पिछले डेढ़ साल में बेसहारा गोवंश के कारण तीन मौतें भी हो चुकी हैं। इसमें एक महिला व दो युवक शामिल हैं।
शहर की सड़कों पर इस समय 700 से अधिक बेसहारा गोवंश हैं। पिछले महीने ही नगर परिषद ने बेसहारा गोवंशों को गोशालाओं में रेडियम टैग लगाकर छोड़ा था। इस दौरान करीब 100 से अधिक गोवंश को सड़कों से हटाया गया था, लेकिन यह अभियान कुछ समय के बाद बंद कर दिया गया। फिलहाल स्थिति यह है कि सड़कों पर आपस में गाय व नंदी लड़ते रहते हैं, जो वाहन चालकों सहित अन्य राहगीरों के लिए हादसों का कारण बनते हैं। उधर, नगर परिषद की ओर से गोवंशों को पकड़ने के लिए पुख्ता कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस कारण यह समस्या कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है।
हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार
शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं, जहां गोवंश दिखाई न देते हों। अंधेरा होते ही सड़कों पर बेसहारा गोवंश की संख्या बढ़ने लगती है। अधिकतर काले रंग के सांड हादसे का कारण बनते हैं। कारण की अंधेरे में वे वाहन चालकों को नजर नहीं आते हैं। पिछले वर्ष भी शहर की नई सब्जी मंडी में एक महिला को सांड ने पटककर मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसी प्रकार से डोगरा गेट निवासी 20 साल का बाइक सवार युवक लड़ रहे गाेवंशों की चपेट में आ गया था और उसकी मौत हुई थी। इसी प्रकार प्रताप गेट पर छह माह पहले 19 वर्षीय एक स्कूटी सवार छात्र ट्यूशन से लौट रहा था तो आगे अचानक साड़ आने से हादसे का शिकार हो गया था।
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- राजू शर्मा, पदाधिकारी, जीवन रक्षक दल।
सड़कों पर बेसहारा गोवंशाें काहोने लगा जमावड़ा
अब गर्मी शुरू हो चुकी है तो रात के समय बेसहारा गोवंशों का सड़कों पर आना शुरू हो गया है। इस कारण अब रात के समय बेसहारा गोवंश के कारण हादसों की संभावना बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद कदम तो उठाती है, लेकिन कारगर साबित नहीं हो पाता है। संबंधित विभाग से मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- राजेश कुमार, शहरवासी।
कुछ दिन पहले ही सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत 100 से अधिक गाेवंशों को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया है। यदि सड़कों पर इस समय अधिक गोवंश हैं तो उसका समाधान भी जल्द करवा दिया जाएगा।
- कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, कैथल।
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शहर की सड़कों पर इस समय 700 से अधिक बेसहारा गोवंश हैं। पिछले महीने ही नगर परिषद ने बेसहारा गोवंशों को गोशालाओं में रेडियम टैग लगाकर छोड़ा था। इस दौरान करीब 100 से अधिक गोवंश को सड़कों से हटाया गया था, लेकिन यह अभियान कुछ समय के बाद बंद कर दिया गया। फिलहाल स्थिति यह है कि सड़कों पर आपस में गाय व नंदी लड़ते रहते हैं, जो वाहन चालकों सहित अन्य राहगीरों के लिए हादसों का कारण बनते हैं। उधर, नगर परिषद की ओर से गोवंशों को पकड़ने के लिए पुख्ता कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस कारण यह समस्या कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है।
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हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार
शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं, जहां गोवंश दिखाई न देते हों। अंधेरा होते ही सड़कों पर बेसहारा गोवंश की संख्या बढ़ने लगती है। अधिकतर काले रंग के सांड हादसे का कारण बनते हैं। कारण की अंधेरे में वे वाहन चालकों को नजर नहीं आते हैं। पिछले वर्ष भी शहर की नई सब्जी मंडी में एक महिला को सांड ने पटककर मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसी प्रकार से डोगरा गेट निवासी 20 साल का बाइक सवार युवक लड़ रहे गाेवंशों की चपेट में आ गया था और उसकी मौत हुई थी। इसी प्रकार प्रताप गेट पर छह माह पहले 19 वर्षीय एक स्कूटी सवार छात्र ट्यूशन से लौट रहा था तो आगे अचानक साड़ आने से हादसे का शिकार हो गया था।
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- राजू शर्मा, पदाधिकारी, जीवन रक्षक दल।
सड़कों पर बेसहारा गोवंशाें काहोने लगा जमावड़ा
अब गर्मी शुरू हो चुकी है तो रात के समय बेसहारा गोवंशों का सड़कों पर आना शुरू हो गया है। इस कारण अब रात के समय बेसहारा गोवंश के कारण हादसों की संभावना बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद कदम तो उठाती है, लेकिन कारगर साबित नहीं हो पाता है। संबंधित विभाग से मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- राजेश कुमार, शहरवासी।
कुछ दिन पहले ही सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत 100 से अधिक गाेवंशों को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया है। यदि सड़कों पर इस समय अधिक गोवंश हैं तो उसका समाधान भी जल्द करवा दिया जाएगा।
- कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, कैथल।