{"_id":"6629af83b04822418c01ca15","slug":"councilor-became-vocal-again-in-city-square-issue-kaithal-news-c-18-1-knl1004-375513-2024-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सिटी स्क्वेयर मामले में फिर मुखर हुए पार्षद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सिटी स्क्वेयर मामले में फिर मुखर हुए पार्षद
Thu, 25 Apr 2024 06:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 25 Apr 2024 06:48 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पुराना बस स्टैंड पर निर्माणाधीन सिटी स्क्वेयर मामले में शहर के पार्षद एक बार फिर से मुखर हो गए हैं। अबकी शहर के छह से सात पार्षदों ने इसका निर्माण कार्य धीमा होने का आरोप लगाया है। इस आरोपों के तहत संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग कर उससे जुर्माना वसूलने के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक को ज्ञापन सौंपा है।
नाराज पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुआ कार्य छह साल बाद वर्ष 2024 में भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे न केवल पार्षद, बल्कि शहर के लोगों में भी रोष है। पार्षदों ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वेयर का निर्माण नियमों को ताक पर रख कर किया जा रहा है। इतना ही नई सिटी स्क्वेयर में
करवाया जा रहा निर्माण कार्य पूरी तरह से अवैध है।
पार्षदों का यह भी कहना है कि यह नगर परिषद की ओर से जारी किए गए वर्क आर्डर के अनुसार नहीं हो रहा है। इस कारण नगर परिषद अधिकारियों ने ठेकेदार के विरुद्ध पांच करोड़ 26 लाख रुपये का जुर्माना भी किया था, लेकिन उसे आज तक नहीं वसूला गया है।
विज्ञापन
पार्षद मोहन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्य की गति काफी धीमी है और चिंताजनक है। वर्ष 2018 से लेकर 2024 तक निर्माण कार्य केवल 30 प्रतिशत ही हो पाया है। जबकि पिछले वर्ष तक निर्माण केवल पांच प्रतिशत ही हुआ है। ठेकेदार, जिला स्तर के अधिकारियों व उच्च अधिकारियों सहित पार्षदों को
गुमराह करके केवल अपनाउल्लू सीधा कर रहा है।
पार्षद सुशीला शर्मा ने कि यह ठेकेदार पूरे प्रदेश में 100 से अधिक कार्य कर रहा है। इनमें भी यह ब्लैक लिस्ट हो चुका है। इतना ही नहीं आरोपी ठेकेदार ने जीएसटी घोटाले में जेल की सजा भी काट रहा है। मामला उच्च न्यायालय में विचारधीन है ठेकेदार की धीमी गति से कार्य गलत नियत को देखते हुए इसका निविदा सूचना जल्द रद्द की जानी चाहिए और जुर्माने की राशि भी वसूलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि इसकी निविदा सूचना तत्काल रूप से रद्द नहीं की तो पार्षद अधिकारियों के विरुद्ध जनता के साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे। बताया कि इससे पहले 18 जनवरी 2024 को हुई हाउस की बैठक में पार्षदों ने रोष भी जताया था। इसके बावजूद स्थिति वही ढाक के तीन पात है।
इस मौके पर पार्षछ महेश गोगिया, बलजीत, ज्योति व प्रीति रानी मौजूद थी। इस मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक ने बताया कि पार्षदों की मांग को आला अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।
विज्ञापन
कैथल। पुराना बस स्टैंड पर निर्माणाधीन सिटी स्क्वेयर मामले में शहर के पार्षद एक बार फिर से मुखर हो गए हैं। अबकी शहर के छह से सात पार्षदों ने इसका निर्माण कार्य धीमा होने का आरोप लगाया है। इस आरोपों के तहत संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग कर उससे जुर्माना वसूलने के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक को ज्ञापन सौंपा है।
नाराज पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुआ कार्य छह साल बाद वर्ष 2024 में भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे न केवल पार्षद, बल्कि शहर के लोगों में भी रोष है। पार्षदों ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वेयर का निर्माण नियमों को ताक पर रख कर किया जा रहा है। इतना ही नई सिटी स्क्वेयर में
विज्ञापन
करवाया जा रहा निर्माण कार्य पूरी तरह से अवैध है।
पार्षदों का यह भी कहना है कि यह नगर परिषद की ओर से जारी किए गए वर्क आर्डर के अनुसार नहीं हो रहा है। इस कारण नगर परिषद अधिकारियों ने ठेकेदार के विरुद्ध पांच करोड़ 26 लाख रुपये का जुर्माना भी किया था, लेकिन उसे आज तक नहीं वसूला गया है।
विज्ञापन
पार्षद मोहन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्य की गति काफी धीमी है और चिंताजनक है। वर्ष 2018 से लेकर 2024 तक निर्माण कार्य केवल 30 प्रतिशत ही हो पाया है। जबकि पिछले वर्ष तक निर्माण केवल पांच प्रतिशत ही हुआ है। ठेकेदार, जिला स्तर के अधिकारियों व उच्च अधिकारियों सहित पार्षदों को
गुमराह करके केवल अपनाउल्लू सीधा कर रहा है।
पार्षद सुशीला शर्मा ने कि यह ठेकेदार पूरे प्रदेश में 100 से अधिक कार्य कर रहा है। इनमें भी यह ब्लैक लिस्ट हो चुका है। इतना ही नहीं आरोपी ठेकेदार ने जीएसटी घोटाले में जेल की सजा भी काट रहा है। मामला उच्च न्यायालय में विचारधीन है ठेकेदार की धीमी गति से कार्य गलत नियत को देखते हुए इसका निविदा सूचना जल्द रद्द की जानी चाहिए और जुर्माने की राशि भी वसूलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि इसकी निविदा सूचना तत्काल रूप से रद्द नहीं की तो पार्षद अधिकारियों के विरुद्ध जनता के साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे। बताया कि इससे पहले 18 जनवरी 2024 को हुई हाउस की बैठक में पार्षदों ने रोष भी जताया था। इसके बावजूद स्थिति वही ढाक के तीन पात है।
इस मौके पर पार्षछ महेश गोगिया, बलजीत, ज्योति व प्रीति रानी मौजूद थी। इस मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक ने बताया कि पार्षदों की मांग को आला अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।