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नई गलियों के निर्माण में खुर्द-बुर्द किए गए पुराने ब्लॉक

Tue, 10 Sep 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2019 12:15 AM IST
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corruption
शहर में हर रोज 31 वार्डों में कहीं ना कहीं ब्लॉकों से गलियों का निर्माण किया जा रहा है। इन गलियों में से निकलने वाले पुराने ब्लाकों में बड़ा खेल चल रहा है। कहने को नंदीशालाओं व गोशालाओं मेें ब्लॉक भेजे जा रहे हैं। लेकिन ये किस नियम के तहत भेजे जा रहे हैं? इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पार्षद राकेश सरदाना ने इस संबंध में शिकायत भेजी है। जिसे सोमवार को रिसीविंग नहीं मिल सकी। पार्षद का कहना है कि इस मामले में जांच होनी चाहिए कि कितने ब्लॉक गलियों से निकाले जाते हैं और उन्हें कहां कहां, किस नियम के तहत भेजा जा रहा है।
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अच्छी ब्लॉकों की गलियां भी उखाड़ी जा रही : शहर में हर रोज विभिन्न वार्डों में गलियों का निर्माण चल रहा है। नगर परिषद सूत्रों ने बताया कि कई वार्डों में बिल्कुल अच्छी भली हालत में पड़ी गलियों को उखाड़कर उनकी जगह नए व पुराने ब्लॉकों से उसी गली को बनाया जा रहा है। गली से निकले पुराने ब्लॉकों को मिलीभगत करके इधर-उधर खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। पूछने पर अधिकारी एक ही जवाब देते हैं कि नंदीशाला या गोशाला में भेजा जा रहा है। परिषद सूत्रों ने बताया कि कई वार्डों में पार्षद व ठेकेदार की मिलीभगत से पुराने ब्लॉकों का प्रयोग अपने चहेते लोगों के घरों, गलियों के आगे किया जा रहा है। कौन सी गली उखाड़ी जानी है, इसमें कई बार तो जेई तक की तकनीकी सलाह नहीं ली जाती। कुछ लोग खुद फैसले लेकर बाद में कर्मचारियों व अधिकारियों से उस गली के निर्माण संबंधी कागजातों पर हस्ताक्षर करवाते हैं।
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पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि नगर परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों में जो पुराने ब्लॉक निकलते हैं। उन्हें बिना किसी आदेश या प्रस्ताव के नंदीशालाओं या फिर गोशालाओ में नहीं भेजा जा सकता। यहां सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जो पुराने ब्लॉक निकलते हैं, वह एक तरह से स्क्रैप है। ठेकेदार से इस स्क्रैप की पूरी जानकारी लेकर उसे टेंडर में एडजस्ट किया जाए या फिर नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों की अनुमति लेकर इन ब्लॉकों का सही जगह प्रयोग किया जाए। उन्होंने सोमवार को ईओ कार्यालय में शिकायत भेजी है, जिसे रिसीविंग नहीं मिल पाई है।
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इस संबंध में एमई राजकुमार शर्मा का कहना है कि सभी जेई के एमबी बुक में ब्लॉकों का रिकॉर्ड है। नंदीशाला व गोशालाओं में समाजसेवा की दृष्टि से ब्लॉक भेजे जा रहे हैं।
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