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तहसील में बिना एनओसी के प्लाटों की ही रजिस्ट्री, डीसी ने बैठाई जांच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 11:48 PM IST
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corrupation in tahsil
शहर में धारा 7-ए लगे एरिया सहित अवैध कालोनियों की धड़ल्ले से रजिस्ट्रियां हो रही है। जिससे शहर में अवैध कालोनियों का एरिया बढ़ता जा रहा है। जिला टाउन प्लानिंग विभाग ने इस बारे में गहरी चिंता प्रकट करते हुए तहसील कार्यालय की शिकायत डीसी से की है। शिकायत में शहर में डीटीपी के एरिया में बिना एनओसी के हर रोज रजिस्ट्री किए जाने की बात कही गई है। जिस पर डीसी ने डीआरओ कैथल को जांच के आदेश दिए हैं।
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शहर में अवैध कालोनियों में हर रोज हो रही हैं रजिस्ट्री : शहर में अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री प्रतिबंधित है। लेकिन तहसील कार्यालय में हर रोज इन कालोनियों में रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। लोगों ने इन रजिस्ट्रियों के लिए भ्रष्टाचार की भी शिकायतें दी हुई हैं। जिनकी जांच एसडीएम कैथल द्वारा भी की जा रही है। दूसरी ओर 7-ए धारा वाले एरिया में रजिस्ट्री रोकने के लिए खुद सरकारी विभाग को इस मामले में आगे आना पड़ा है।
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बिना एनओसी के नहीं की सकती रजिस्ट्री : जिला टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहर में जिस एरिया में धारा 7-ए लगी है। उसमें रजिस्ट्री प्रतिबंधित तो नहीं हैं। लेकिन इसके लिए डीटीपी कार्यालय से एनओसी ली जानी है। बाकायदा इसके लिए रजिस्ट्री में एनओसी का कॉलम भी है। जिसकी ओर तहसीलदार द्वारा रजिस्ट्री करते समय ध्यान ही नहीं दिया जा रहा।
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ये एरिया है 7-ए अर्बन में : डीटीपी कार्यालय के अनुसार शहर में पुराने व विस्तृत हो रहे पूरे शहर का एरिया, गांव पट्टी अफगान, ग्योंग, मूंदड़ी, चंदाना, प्यौदा, नरड़, सेगा, ढयोडखेड़ी, शेरगढ़, जगदीशपुरा, उझाना, कुल्तारण, खुराना, खानपुर, माघो माजरी, पट्टी डोगर, पट्टी गादड़, पट्टी कायस्थ, फ्रांसवाला अर्बन एरिया-7ए के तहत आता है। इन गांवों व शहर के इलाके में रजिस्ट्री से पूर्व डीटीपी की एनओसी अनिवार्य है। वर्ष 2006 व 2013 में इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी हो चुके हैं कि इन एरिया की यदि कोई रजिस्ट्री होगी तो उसके लिए डीटीपी कार्यालय से एनओसी लेनी होगी। लेकिन फिर भी इन एरिया में रजिस्ट्रियां बिना एनओसी के हो रही हैं।
शहर का पूरा एरिया इस धारा के तहत आता है। इससे भी अलग सरकार ने अवैध कालोनियों की रजिस्ट्री करने से इंकार किया है। लेकिन अवैध कालोनियों में भी धड़ल्ले से हर रोज रजिस्ट्री हो रही हैं।

बढ रहा अवैध कालोनी का एरिया : डीटीपी अनिल कुमार नरवाल ने कहा कि राजस्व विभाग रजिस्ट्री कर देता है। बिजली विभाग कनेक्शन दे देता है। जनस्वास्थ्य विभाग पानी का कनेक्शन दे देता है। तो फिर डीटीपी विभाग कैसे अवैध कालोनियों को बढ़ने से रोकेगा। अवैध कालोनियों को तुड़वाया जा रहा है। लेकिन जब उनके पास कागजात हो जाते हैं तो फिर सरकार को व जनता को ही नुकसान होता है। इसीलिए विभाग के आदेशानुसार डीसी को पत्र जारी कर इस संबंध में कहा गया है कि 7-ए के तहत नोटिफाइड एरिया में बिना एनओसी के रजिस्ट्री ना की जाएं। एनओसी के बाद ही संबंधित जमीन की रजिस्ट्री हो। ताकि अवैध कालोनियों ना पनप सकें।
इस संबंध में तहसीलदार छोटू राम का कहना है कि उनका तबादला चरखी दादरी हो गया है। वे कार्यालय में पत्र देखकर ही कुछ बता सकते हैं। अभी कुछ नहीं कह सकते।
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