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Kaithal News: करवाचौथ पर पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी महिलाओं की भीड़
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करवा चौथ पर हाथों में मेंहदी लगवाती सुहागिन।
- फोटो : Samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। करवाचौथ पर सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखा। सायंकाल में शहर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवाचौथ की कथा सुनी। इस दौरान पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ रही।
बुजुर्ग महिलाओं ने सुहागिनों को करवाचौथ की कथा सुनाई। कथा के बाद महिलाओं ने परंपरा के अनुसार बाणा निकालकर अपने बड़ों को दिया और उनका आशीर्वाद लिया। इससे पहले महिलाओं ने ब्रह्ममुहूर्त में सूर्योदय से पूर्व सरगी खाकर व्रत की शुरुआत की। परंपरा के अनुसार सरगी सास की ओर से बहू को दी जाती है। इसमें विभिन्न पकवान शामिल होते हैं। सरगी को सास के स्नेह और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इसे खाने के बाद महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं।
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दोपहर तक पार्लरों में रही भीड़
करवाचौथ पर सजने-संवरने को लेकर महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिला। एक दिन पहले मेंहदी नहीं लगवा पाने वाली महिलाएं त्योहार के दिन भी दुकानों और ब्यूटी पार्लरों में पहुंचीं। दोपहर तक मेंहदी लगवाने और फेशियल करवाने के लिए पार्लरों में महिलाओं की भीड़ रही। ब्यूटी पार्लर संचालिका अनुराधा और मोनिका ने बताया कि इस साल अरेबिक और राजस्थानी मेंहदी डिजाइन महिलाओं की पहली पसंद रहीं। वहीं, मेंहदी डिजाइनर नेहा ने बताया कि महिलाएं अरेबिक के साथ भारतीय शैली की मेंहदी डिजाइन भी पसंद कर रही है।
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कलायत। करवाचौथ पर सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखा। सायंकाल में शहर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवाचौथ की कथा सुनी। इस दौरान पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ रही।
बुजुर्ग महिलाओं ने सुहागिनों को करवाचौथ की कथा सुनाई। कथा के बाद महिलाओं ने परंपरा के अनुसार बाणा निकालकर अपने बड़ों को दिया और उनका आशीर्वाद लिया। इससे पहले महिलाओं ने ब्रह्ममुहूर्त में सूर्योदय से पूर्व सरगी खाकर व्रत की शुरुआत की। परंपरा के अनुसार सरगी सास की ओर से बहू को दी जाती है। इसमें विभिन्न पकवान शामिल होते हैं। सरगी को सास के स्नेह और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इसे खाने के बाद महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं।
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दोपहर तक पार्लरों में रही भीड़
करवाचौथ पर सजने-संवरने को लेकर महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिला। एक दिन पहले मेंहदी नहीं लगवा पाने वाली महिलाएं त्योहार के दिन भी दुकानों और ब्यूटी पार्लरों में पहुंचीं। दोपहर तक मेंहदी लगवाने और फेशियल करवाने के लिए पार्लरों में महिलाओं की भीड़ रही। ब्यूटी पार्लर संचालिका अनुराधा और मोनिका ने बताया कि इस साल अरेबिक और राजस्थानी मेंहदी डिजाइन महिलाओं की पहली पसंद रहीं। वहीं, मेंहदी डिजाइनर नेहा ने बताया कि महिलाएं अरेबिक के साथ भारतीय शैली की मेंहदी डिजाइन भी पसंद कर रही है।

करवा चौथ पर हाथों में मेंहदी लगवाती सुहागिन।- फोटो : Samvad
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