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शिकायतों की होगी रैंडम जांच, लापरवाही पर कार्रवाई : डीसी

Thu, 21 May 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 21 May 2026 12:59 AM IST
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Complaints will be randomly checked, action will be taken against negligence: DC
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। सीएम विंडो पर निस्तारित दिखाई गई, लेकिन शिकायतकर्ता की असंतुष्टि वाली शिकायतों की अब रैंडम जांच की जाएगी। विभागवार 10-10 ऐसी शिकायतों का चयन किया जाएगा और जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह निर्देश डीसी अपराजिता ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।

डीसी ने बताया कि जिले में अब तक कुल 20,413 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 20,106 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। जिले का कुल डिस्पोजल रेट 98.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो संतोषजनक है, लेकिन इसमें और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले। जो शिकायतें अभी तक ऑनलाइन स्वीकार नहीं की गई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत स्वीकार कर निस्तारित किया जाए। साथ ही लंबित मामलों पर विशेष फोकस करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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डीसी ने कहा कि सीटीएम कार्यालय सभी विभागों को निर्देश जारी करे कि वे रैंडम आधार पर ऐसी 10 शिकायतों का चयन करें, जिन्हें विभागों द्वारा ‘निस्तारित’ दिखाया गया है, लेकिन शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं हैं। इन मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सीएम विंडो केवल एक ऑनलाइन पोर्टल नहीं, बल्कि जनता का सरकार पर विश्वास है। इसलिए किसी भी शिकायत को बंद करने से पहले संबंधित शिकायतकर्ता से सीधे संवाद करना अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश समस्या का समाधान संभव नहीं है तो शिकायतकर्ता को स्पष्ट और संतोषजनक कारण बताया जाए।


इससे पूर्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एसपी मनप्रीत सिंह, एडीसी डा. सुशील कुमार, सहायक आयुक्त (प्रशिक्षणाधीन) एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, एचएसवीपी ईओ वकील अहमद, एसडीएम संजय कुमार मौजूद रहे।
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