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Kaithal: नगर परिषद में सरगर्मी तेज, उपप्रधान चुनाव में खींचतान के बाद भाजपा पार्षदों का हिमाचल प्रस्थान
Sat, 07 Jan 2023 10:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 07 Jan 2023 10:02 PM IST
सार
नगर परिषद में सरगर्मी तेज है। समर्थन जुटाने के लिए दलों में जोर आजमाइश हो रही है। बहुमत के बाद भी भाजपाइयों को टूट का डर है। राह कांग्रेस के लिए भी मुश्किल है। दोनों ही राजनीतिक दलों की ओर से नप में जीत का दावा किया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
हरियाणा में कैथल नगर परिषद उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथि नजदीक आते ही भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों में खींचतान तेज हो गई है। अपने-अपने पाले में अधिक से अधिक पार्षदों का समर्थन जुटाने के लिए जोरआजमाइश चल रही है। खास बात यह है कि नगर परिषद में भाजपा का बहुमत होने के बाद भी उसे टूट का डर सता रहा है।
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शायद यही कारण है कि शनिवार को भाजपा के पार्षदों को बस में सवार कर हिमाचल की वादियों में सैर के लिए भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि अब सोमवार को नप उपाध्यक्ष चुनाव के समय ही पार्षद लौटेंगे।
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कैथल नगर परिषद में 31 पार्षद एवं एक अध्यक्ष समेत कुल 32 वोट हैं। ऐसे में जिसके पास 17 पार्षदों का समर्थन होगा, वहीं नप का उपप्रधान चुना जाएगा। भाजपा ने तीन दिन पूर्व बैठक की थी, जिसमें 22 पार्षदों के समर्थन का दावा किया गया था, लेकिन चुनाव से पहले कई पार्षदों के पाला बदलने की आशंका को देखते हुए भाजपा सतर्क हो गई है।
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सूत्रों के अनुसार भाजपा की ओर से जिन 22 पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा था, उनमें पांच लापता हो गए हैं, यानी उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद ही भाजपा समर्थित अन्य पार्षदों को बस में सवार कर हिमाचल के लिए रवाना कर दिया गया है।
दूसरी ओर कांग्रेसी खेमा भाजपा के संभावित नाराज पार्षदों का समर्थन जुटाने में लगा है, लेकिन फिलहाल यह आसान नहीं लग रहा है। कारण कि कांग्रेस के पास सिर्फ 10 पार्षद हैं। ऐसे में उसे उपप्रधान के लिए कम से कम सात और पार्षदों का समर्थन हासिल करना होगा।
यदि दो से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में आते हैं तो जिसके पास सबसे ज्यादा पार्षदों का समर्थन हासिल होगा, वह उपाध्यक्ष निर्वाचित होगा। ऐसी स्थिति में अगर भाजपा की ओर से दो पार्षदों ने उपप्रधान के लिए दावेदारी की तो कांग्रेस की लाटरी लग सकती है।
चुनाव से पहले दोनों ही दल अपने उपप्रधान जिताने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सोमवार को कौन सी पार्टी उपाध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने में सफल होती है। इस संबंध में ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि इस चुनाव में सांसद या विधायक का वोट नहीं होता है।
नप अध्यक्ष के अलावा 31 पार्षद चुनाव में भाग ले सकेंगे। चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ईवीएम सहित पुलिस सुरक्षा के लिए लिखा गया है। सोमवार को सीटीएम गुलजार अहमद की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे से चुनाव होगा। विदित हो कि नगर परिषद अध्यक्ष के लिए इस बार सीधा मतदान हुआ था, जिसमें सुरभि गर्ग विजयी हुई थीं। जून माह में हुए इस चुनाव के बाद से लेकर अब तक उप-प्रधान का चुनाव लंबित है।
बहुमत से ज्यादा पार्षद घूमने गए हैं : सुरभि
नप अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि भाजपा का पार्षद ही उप-प्रधान बनेगा। सभी पार्षद एकजुट हैं। बहुमत से भी ज्यादा पार्षद हिमाचल घूमने के लिए गए हैं। सोमवार को सभी बहुमत के साथ लौटेंगे।
कल पता चल जाएगा किसके पास बहुमत : सुदीप
उधर, कांग्रेस नेता सुदीप सुरजेवाला ने कहा कि सोमवार को पता चल जाएगा कि किस के पास बहुमत है, किसके पास नहीं। कांग्रेस के सभी पार्षद एकजुट हैं और उन्हें कहीं घूमने जाने की आवश्यकता नहीं है।