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शिफ्ट होगा सीएमओ कार्यालय, बेड की कमी से मिलेगी मुक्ति
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Wed, 02 Dec 2015 11:32 PM IST
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जिला अस्पताल में मरीजों को बेड की कमी से होने वाली परेशानी से जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी। अस्पताल से सीएमओ कार्यालय शिफ्ट हो रहा है जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऑफिस के शिफ्ट होने से अस्पताल में करीब 10 वार्ड और एक बड़ा हॉल खाली हो जाएगा जिसमें 50 नए बेड लगाए जा सकेंगे।
100 बेड के अस्पताल में इस समय करीब 150 बेड लगाए हुए हैं फिर भी अधिकतर मरीजों को बेड नहीं मिल पाते। अकसर यहां करीब 200 मरीज दाखिल रहते हैं। महिला वार्ड में मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। यहां कई बार तो एक बेड पर दो-दो गर्भवती को रहना पड़ता है।
इसके अलावा तीमारदारों को भी परेशानी होती है। सामान्य वार्डों में भी कई बार हालात खराब हो जाते हैं। अस्पताल में आईं राजवंती, संतरो, कविता ने बताया कि उन्हें रात को कई बार नीचे ही सोना पड़ता है। यहां मरीजों को भी पूरे बेड नहीं मिल पा रहे हैं। सरकार अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाए।
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दूसरी मंजिल पर 10 वार्डों में सीएमओ कार्यालय चल रहा है जिसके शिफ्ट हो जाने के बाद ये सभी दस वार्ड खाली हो जाएंगे। इन 10 वार्डों में एक बड़ा हॉल भी शामिल है। सभी में 50 से अधिक बेड लगाए जा सकेंगे। बीच में तीन छोटे कमरे भी हैं। जहां स्टाफ सहित अन्य जरूरत के लिए भी कमरों की व्यवस्था हो सकेगी।
इस समय जिला अस्पताल में दूसरी मंजिल पर सीएमओ कार्यालय चल रहा है जिस कारण ज्यादा बेड भी नहीं लगाए जा सकते। सरकार ने इस अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 200 बेड का किए जाने का एलान किया है लेकिन जगह की कमी के कारण बेड नहीं बढ़ाए जा पा रहे थे।
वर्ष, 2011 में सीएमओ कार्यालय के शिफ्ट होने के बाद पुराने अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ही एक-दो परियोजनाओं के लिए कार्यालय चल रहे हैं लेकिन बजट के अभाव में यह भवन जर्जर होता जा रहा है।
चालीस लाख में यह होगा काम
पुराने अस्पताल भवन में चालीस लाख रुपये से कई वार्डों की छत की मरम्मत होगी। दरवाजों, खिड़कियों की मरम्मत, शौचालयों के नवीनीकरण समेत रास्ते को दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही बिजली की फिटिंग सहित रंग-रोगन भी किया जाएगा।
जब मरीजों की संख्या 175 से पार हो जाती है तो एक बेड पर दो मरीज रखने पड़ते हैं। सर्दी में मरीजों की संख्या में कमी आने पर यह समस्या कुछ कम हो जाती है। एक बेड पर दो मरीज होने पर मरीज भी परेशान रहते हैं।
प्रमोद, मेटर्न
सीएमओ कार्यालय को पुराने अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए पंचायतीराज विभाग को 40 लाख रुपये भेजे जा चुके हैं। जैसे ही वे मरम्मत का कार्य पूरा कर देंगे तो कार्यालय को शिफ्ट कर लिया जाएगा।
डा. नीलम कक्कड़, सीएमओ, कैथल।
स्वास्थ्य विभाग की राशि मिलने के बाद टेंडर आमंत्रित किए गए थे जिसमें 14 लोगों ने आवेदन किया है। सबसे कम राशि में यह काम करने का दावा करने वाले ठेकेदार का दावा विभाग मुख्यालय भिजवा दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही इसी सप्ताह काम शुरू करवा दिया जाएगा।
राकेश कुमार, एक्सईएन पंचायतीराज, कैथल।
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100 बेड के अस्पताल में इस समय करीब 150 बेड लगाए हुए हैं फिर भी अधिकतर मरीजों को बेड नहीं मिल पाते। अकसर यहां करीब 200 मरीज दाखिल रहते हैं। महिला वार्ड में मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। यहां कई बार तो एक बेड पर दो-दो गर्भवती को रहना पड़ता है।
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इसके अलावा तीमारदारों को भी परेशानी होती है। सामान्य वार्डों में भी कई बार हालात खराब हो जाते हैं। अस्पताल में आईं राजवंती, संतरो, कविता ने बताया कि उन्हें रात को कई बार नीचे ही सोना पड़ता है। यहां मरीजों को भी पूरे बेड नहीं मिल पा रहे हैं। सरकार अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाए।
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दूसरी मंजिल पर 10 वार्डों में सीएमओ कार्यालय चल रहा है जिसके शिफ्ट हो जाने के बाद ये सभी दस वार्ड खाली हो जाएंगे। इन 10 वार्डों में एक बड़ा हॉल भी शामिल है। सभी में 50 से अधिक बेड लगाए जा सकेंगे। बीच में तीन छोटे कमरे भी हैं। जहां स्टाफ सहित अन्य जरूरत के लिए भी कमरों की व्यवस्था हो सकेगी।
इस समय जिला अस्पताल में दूसरी मंजिल पर सीएमओ कार्यालय चल रहा है जिस कारण ज्यादा बेड भी नहीं लगाए जा सकते। सरकार ने इस अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 200 बेड का किए जाने का एलान किया है लेकिन जगह की कमी के कारण बेड नहीं बढ़ाए जा पा रहे थे।
वर्ष, 2011 में सीएमओ कार्यालय के शिफ्ट होने के बाद पुराने अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ही एक-दो परियोजनाओं के लिए कार्यालय चल रहे हैं लेकिन बजट के अभाव में यह भवन जर्जर होता जा रहा है।
चालीस लाख में यह होगा काम
पुराने अस्पताल भवन में चालीस लाख रुपये से कई वार्डों की छत की मरम्मत होगी। दरवाजों, खिड़कियों की मरम्मत, शौचालयों के नवीनीकरण समेत रास्ते को दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही बिजली की फिटिंग सहित रंग-रोगन भी किया जाएगा।
जब मरीजों की संख्या 175 से पार हो जाती है तो एक बेड पर दो मरीज रखने पड़ते हैं। सर्दी में मरीजों की संख्या में कमी आने पर यह समस्या कुछ कम हो जाती है। एक बेड पर दो मरीज होने पर मरीज भी परेशान रहते हैं।
प्रमोद, मेटर्न
सीएमओ कार्यालय को पुराने अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए पंचायतीराज विभाग को 40 लाख रुपये भेजे जा चुके हैं। जैसे ही वे मरम्मत का कार्य पूरा कर देंगे तो कार्यालय को शिफ्ट कर लिया जाएगा।
डा. नीलम कक्कड़, सीएमओ, कैथल।
स्वास्थ्य विभाग की राशि मिलने के बाद टेंडर आमंत्रित किए गए थे जिसमें 14 लोगों ने आवेदन किया है। सबसे कम राशि में यह काम करने का दावा करने वाले ठेकेदार का दावा विभाग मुख्यालय भिजवा दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही इसी सप्ताह काम शुरू करवा दिया जाएगा।
राकेश कुमार, एक्सईएन पंचायतीराज, कैथल।