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स्वच्छता सर्वेक्षण : दीवारें बोलेंगी स्वच्छता की भाषा, बोर्ड देंगे सख्ती का संदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:26 AM IST
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Cleanliness Survey: Walls will speak the language of cleanliness, boards will give the message of strictness
कैथल। नगर परिषद पर पिछले सर्वेक्षण में देश भर में 502वें स्थान पर पिछड़ने का दाग का धोने का दबाव है। इसमें सुधार के लिए इस बार रणनीति केवल कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की फिजा बदलने के लिए कला और कड़े संदेशों का मिश्रण तैयार किया गया है। शहर की मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की बदरंग दीवारों को अब कैनवास में बदले जाने की योजना है। नगर परिषद की टीम ने योजना बनाई है कि शहर की प्रमुख दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग बनाई जाएगी। इन पेंटिंग्स के माध्यम से न केवल स्थानीय संस्कृति को दर्शाया जाएगा, बल्कि स्वच्छता के प्रति लोगों को प्रेरित करने वाले स्लोगन भी लिखे जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि जब शहर सुंदर दिखेगा, तो नागरिक भी उसे गंदा करने से हिचकिचाएंगे। इसके लिए स्थानीय कलाकारों की मदद ली जाएगी, जो स्वच्छ शहर, स्वस्थ शहर जैसे संदेशों को कलाकृतियों के जरिए जनता तक पहुंचाएंगे। वहीं जगह-जगह कूड़ा फैलाने पर जुर्माना लगाने के सख्ती देते बोर्ड लगाए जाएंगे। ये सख्ती केवल संदेश तक नहीं बल्कि धरातल पर जुर्माना कर दिखाई जाएगी।
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यहां कूड़ा न डालें: चेतावनी के साथ संदेश

अक्सर देखा जाता है कि खाली प्लॉट या सड़कों के किनारे डंपिंग पॉइंट बन जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद अब उन संवेदनशील जगहों पर विशेष बोर्ड लगाने जा रही है जहाँ लोग अक्सर कचरा फेंकते हैं। कई जगह पर लगा भी दिए गए हैं। इन बोर्ड्स पर यहां कूड़ा डालना सख्त मना है और उल्लंघन करने पर जुर्माने की चेतावनी स्पष्ट शब्दों में लिखी गई है। वहीं केवल मुख्य सड़कों ही नहीं, बल्कि शहर के हर कोने को चमकाने के लिए वार्ड स्तर पर विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
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ये भी किया जा रहा
- डोर-टू-डोर कलेक्शन: कचरा संग्रहण की गाड़ियों की मॉनिटरिंग सख्त की गई है।
- गीला और सूखा कचरा: नागरिकों को कचरा अलग-अलग देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

- वार्ड स्तर पर बैठकें: स्वच्छता दूत और वार्ड पार्षद मिलकर मोहल्लों में जागरूकता रैलियां निकालेंगे।




नगर परिषद की हुई थी किरकरी
गत बार स्वच्छता सर्वेक्षण में 502वें नंबर पर आने के बाद नगर परिषद की काफी किरकिरी हुई थी। उस समय मुख्य रूप से कचरा निस्तारण और सार्वजनिक फीडबैक में कमी पाई गई थी। इस बार टीम एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है ताकि रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई जा सके। प्रशासन का पूरा ध्यान अब थ्री-आर (कम उपयोग करें, पुन: उपयोग करें, और पुनर्चक्रण) मॉडल और शहर के सौंदर्यीकरण पर है।
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जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने बताया कि हमारा लक्ष्य केवल कागजों पर सुधार करना नहीं है, बल्कि जमीन पर बदलाव दिखाना है। पेंटिंग और स्लोगन के जरिए हम स्वच्छता को एक जन-आंदोलन बनाना चाहते हैं। उम्मीद है कि इस बार जनता के सहयोग से हम टॉप रैंकिंग में जगह बनाएंगे।
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