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बस सेवा को बंद करने से हो रही है लोगों को परेशानियां
ब्यूरो कैथल
Updated Sat, 06 Aug 2016 12:18 AM IST
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नरवाना पाई बस सेवा शुरू करने की मांग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लोगों ने नरवाना-पाई बस सेवा वाया सौंगल, पाई, जखौली, कसान, बालू गांवों के रुट पर फिर से बस सेवा बहाल करने की मांग की है। पूर्व जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य मास्टर मियां सिंह, सुरेश सौंगल, प्रदीप सौंगल, दीपक, बलिंद्र, राजबीर, सुभाष, कृष्ण आदि का आरोप है कि इस बस सेवा के बंद हो जाने से 1 दर्जन से भी अधिक गांवों के लोगों को इस रूट पर आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सौंगल गांव में वर्ष 2012 में पूर्व डीसी चंद्रशेखर द्वारा लगाए गए खुले दरबार में नरवाना-पाई के इस रूट पर बस सेवा शुरू करने की मांग की थी। इस रूट पर कुल 17 गांव पड़ते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर पूर्व उपायुक्त द्वारा ग्रामीणों की मांग को स्वीकारते हुए इस रूट पर कलायत होते हुए नरवाना से पाई के लिए सहकारी समिति की दो बसें चलना शुरू की गई थी।
पूर्व जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य ने बताया कि यह रूट रोडवेज की बसों का होने के कारण सहकारी समिति की ये दोनों बसें 9 महीने के बाद चलना बंद हो गई थी। जो तीन वर्ष बीतने के बाद आज तक बंद पड़ी हुई हैं। अब तो इस रूट पर पाई से कसान तक सड़क नये सिरे से बनने के बाद सारी की सारी सड़क चौड़ी भी हो गई है। इस रूट पर बसों के चलने से पाई, बालू, जखौली की अनाज मंडियों में ग्रामीणों के माल बेचने व लेनदेन का संपर्क काफी अच्छा हो गया था। स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रामीण बच्चों को भी इस रूट पर बसें चलने से काफी राहत मिली थी।
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ग्रामीणों ने मांग की है कि जनता की समस्या एवं भावनाओं को देखते हुए नरवाना-पाई के इस रूट पर हरियाणा राज्य परिवहन कैथल की बसें चलाई जाएं। उधर अपनी मांग के संदर्भ में ग्रामीण भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल शर्मा से भी मिले। उन्होंने ग्रामीणों को समस्या पर पंचायत को एक प्रस्ताव तैयार करवाने के लिए कहा है ताकि इसे पूरा करने में सहूलियत हो।
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ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सौंगल गांव में वर्ष 2012 में पूर्व डीसी चंद्रशेखर द्वारा लगाए गए खुले दरबार में नरवाना-पाई के इस रूट पर बस सेवा शुरू करने की मांग की थी। इस रूट पर कुल 17 गांव पड़ते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर पूर्व उपायुक्त द्वारा ग्रामीणों की मांग को स्वीकारते हुए इस रूट पर कलायत होते हुए नरवाना से पाई के लिए सहकारी समिति की दो बसें चलना शुरू की गई थी।
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पूर्व जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य ने बताया कि यह रूट रोडवेज की बसों का होने के कारण सहकारी समिति की ये दोनों बसें 9 महीने के बाद चलना बंद हो गई थी। जो तीन वर्ष बीतने के बाद आज तक बंद पड़ी हुई हैं। अब तो इस रूट पर पाई से कसान तक सड़क नये सिरे से बनने के बाद सारी की सारी सड़क चौड़ी भी हो गई है। इस रूट पर बसों के चलने से पाई, बालू, जखौली की अनाज मंडियों में ग्रामीणों के माल बेचने व लेनदेन का संपर्क काफी अच्छा हो गया था। स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रामीण बच्चों को भी इस रूट पर बसें चलने से काफी राहत मिली थी।
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ग्रामीणों ने मांग की है कि जनता की समस्या एवं भावनाओं को देखते हुए नरवाना-पाई के इस रूट पर हरियाणा राज्य परिवहन कैथल की बसें चलाई जाएं। उधर अपनी मांग के संदर्भ में ग्रामीण भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल शर्मा से भी मिले। उन्होंने ग्रामीणों को समस्या पर पंचायत को एक प्रस्ताव तैयार करवाने के लिए कहा है ताकि इसे पूरा करने में सहूलियत हो।