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Kaithal News: तेल न मिलने से बीपीएल परिवार नाखुश
Sat, 26 Aug 2023 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:14 AM IST
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कैथल। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय के नए निर्देश का खामियाजा तमाम बीपीएल धारक उठा रहे हैं। दरअसल, उन्हें 20 रुपये लीटर में सरसों का तेल नहीं मिल पा रहा। इससे नाखुश उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई है। नए आदेशों के तहत एक लाख रुपये तक सालाना आय वाले बीपीएल परिवारों को ही सरसों का तेल मिलना है। ऐसे में तमाम बीपीएल उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्हें चीनी और गेहूं तो डिपो से मिल जा रहा है लेकिन सरसों का तेल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। इसी वजह बताई गई कि उनकी सालाना आय मानक से ज्यादा है।
गौरतलब है कि बीपीएल श्रेणी में 1.80 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों को रखा है लेकिन योजना में बदलाव के कारण जिन परिवारों की परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है, केवल उन्हें ही सरसों का तेल लेने के लिए पात्र बनाया गया है। शहरवासी गुरमेल, चंद्र, रामनिवास, देबू, राजू ने बताया कि जब उन्हें तेल नहीं मिला तो उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग से पता किया तो जानकारी मिली कि परिवार पहचान पत्र में उनकी आय इससे ज्यादा लिखी है, इसी वजह से उन्हें तेल नहीं मिला।
दूसरी ओर सरकार की इस शर्त से डिपो वाले भी खुश नहीं है। डिपो संचालकों का कहना है कि जब योजना बीपीएल परिवारों के लिए है तो सभी पात्रों को इसका लाभ मिलना चाहिए। वितरण के समय लोगों की नाराजगी की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर परेशान बीपीएल धारक संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। कई का कहना है कि उनकी आय लिखी आय से कम है लेकिन वह कुछ नहीं कर सकते, केवल अनुरोध ही कर सकते हैं।
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गौरतलब है कि बाजार से तेल करीब 120-130 रुपये लीटर मिल रहा है। वहीं डिपो से एक लीटर तेल महज 20 रुपये लीटर में मिल जाता है। इस प्रकार बीपीएल उपभोक्ताओं को एक लीटर तेल में कम से कम 100 रुपये लीटर की बचत होती है। कई परेशान लोगों ने अपनी आय कम होने का हवाला देकर प्रशासन व सरकार से मांग की है कि उन्हें भी खाद्य तेल दिया जाए।
केस नंबर एक
शहरवासी गुरमेल ने बताया कि उसकी आय एक लाख 10 हजार रुपये है। उसको भी डिपो से सरसों का तेल नहीं मिला। इसी संदर्भ में वह खाद्य आपूर्ति विभाग में जानकारी लेने के लिए आया था। यहां से उसके यह जानकारी प्राप्त हुई है कि एक लाख रुपये आय तक ही सरसों का तेल मिलता है। इससे अधिक आय वाले लोगों को सरसों का तेल नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिन परिवारों की आय एक लाख 80 हजार से कम है। उन सबको सरसों को तेल वितरित किया जाए ताकि सभी बीपीएल परिवारों को लाभ पहुंच सके।
केस नंबर दो
शहरवासी रामनिवास ने कहा कि डिपो से उनको तेल नहीं मिल रहा। उनकी आय परिवार पहचान पत्र में एक लाख 20 हजार रुपये दर्ज है। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। वह डिपो से राशन लेने के लिए परिवार पहचान पत्र में आय कम करने के लिए अपील डलवाने के लिए सरल केंद्र पर आए हैं। डिपो से सरसों का तेल में सीधे 100 रुपये बचत होती है। बाहर से यही तेल 120 रुपये प्रति लीटर मिलता है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार परिवार पहचान पत्र में एक लाख रुपये आय तक के लोगों को डिपो से सरसों का खाद्य तेल मिल रहा है। इससे अधिक आय वाले किसी भी परिवार को तेल नहीं दिया जा सकता है।
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गौरतलब है कि बीपीएल श्रेणी में 1.80 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों को रखा है लेकिन योजना में बदलाव के कारण जिन परिवारों की परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है, केवल उन्हें ही सरसों का तेल लेने के लिए पात्र बनाया गया है। शहरवासी गुरमेल, चंद्र, रामनिवास, देबू, राजू ने बताया कि जब उन्हें तेल नहीं मिला तो उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग से पता किया तो जानकारी मिली कि परिवार पहचान पत्र में उनकी आय इससे ज्यादा लिखी है, इसी वजह से उन्हें तेल नहीं मिला।
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दूसरी ओर सरकार की इस शर्त से डिपो वाले भी खुश नहीं है। डिपो संचालकों का कहना है कि जब योजना बीपीएल परिवारों के लिए है तो सभी पात्रों को इसका लाभ मिलना चाहिए। वितरण के समय लोगों की नाराजगी की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर परेशान बीपीएल धारक संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। कई का कहना है कि उनकी आय लिखी आय से कम है लेकिन वह कुछ नहीं कर सकते, केवल अनुरोध ही कर सकते हैं।
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गौरतलब है कि बाजार से तेल करीब 120-130 रुपये लीटर मिल रहा है। वहीं डिपो से एक लीटर तेल महज 20 रुपये लीटर में मिल जाता है। इस प्रकार बीपीएल उपभोक्ताओं को एक लीटर तेल में कम से कम 100 रुपये लीटर की बचत होती है। कई परेशान लोगों ने अपनी आय कम होने का हवाला देकर प्रशासन व सरकार से मांग की है कि उन्हें भी खाद्य तेल दिया जाए।
केस नंबर एक
शहरवासी गुरमेल ने बताया कि उसकी आय एक लाख 10 हजार रुपये है। उसको भी डिपो से सरसों का तेल नहीं मिला। इसी संदर्भ में वह खाद्य आपूर्ति विभाग में जानकारी लेने के लिए आया था। यहां से उसके यह जानकारी प्राप्त हुई है कि एक लाख रुपये आय तक ही सरसों का तेल मिलता है। इससे अधिक आय वाले लोगों को सरसों का तेल नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिन परिवारों की आय एक लाख 80 हजार से कम है। उन सबको सरसों को तेल वितरित किया जाए ताकि सभी बीपीएल परिवारों को लाभ पहुंच सके।
केस नंबर दो
शहरवासी रामनिवास ने कहा कि डिपो से उनको तेल नहीं मिल रहा। उनकी आय परिवार पहचान पत्र में एक लाख 20 हजार रुपये दर्ज है। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। वह डिपो से राशन लेने के लिए परिवार पहचान पत्र में आय कम करने के लिए अपील डलवाने के लिए सरल केंद्र पर आए हैं। डिपो से सरसों का तेल में सीधे 100 रुपये बचत होती है। बाहर से यही तेल 120 रुपये प्रति लीटर मिलता है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार परिवार पहचान पत्र में एक लाख रुपये आय तक के लोगों को डिपो से सरसों का खाद्य तेल मिल रहा है। इससे अधिक आय वाले किसी भी परिवार को तेल नहीं दिया जा सकता है।