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Haryana: कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, रजिस्ट्री क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Tue, 18 Feb 2025 06:30 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Tue, 18 Feb 2025 06:30 PM IST
सार
कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी मुकेश और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में की गई। शिकायतकर्ता ने एसीबी को रिश्वत की सूचना दी थी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर रजिस्ट्री क्लर्क को रंगे हाथों पकड़ा।
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आरोपी
- फोटो : संवाद
विस्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुहला तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। क्लर्क ने रजिस्ट्री करने की एवज में 10 हजार रुपये की मांग की थी। प्लाट की रजिस्ट्री करवाने की एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गुहला तहसील के रजिस्ट्री कलर्क को एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने रंगे हाथों काबू किया है। विजिलेंस की टीम का नेतृत्व डीएसपी मुकेश जाखड़ कर रहे थे और जिला कृषि उप निदेशक कैथल बाबू लाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया था।
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शिकायतकर्ता चीका निवासी विजय कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी उमा के नाम अमर सिटी कालोनी में एक प्लाट की रजिस्ट्री करवाना चाहता था। इसके लिए विजय कुमार ने 23 जनवरी को रजिस्ट्री की सरकारी फीस जमा करवा रजिस्ट्री के टोकन लगवाए थे। जब वह रजिस्ट्री करवाने तहसील कार्यालय में गया तो वहां पर मौजूद रजिस्ट्री कलर्क प्रदीप कुमार ने 10 हजार रुपये की मांग की।
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विजय ने बताया कि कलर्क प्रदीप ने यह रिश्वत तहसीलदार के नाम से मांगी थी। जब बार बार चक्कर लगाने के बाद भी कलर्क प्रदीप रजिस्ट्री करने का तैयार नहीं हुआ तो आखिर में उसने विजिलेंस अंबाला से संपर्क करना पड़ा। मंगलवार को एसीबी अधिकारियों ने रंग लगे 10 हजार रुपये के नोट देकर विजय को तहसील कार्यालय गुहला में भेजा जहां पर विजय ने जैसे ही ये रुपये रजिस्ट्री कलर्क प्रदीप कुमार को दिए उसी समय एसीबी की टीम ने कलर्क प्रदीप को रंगे हाथों काबू कर लिया।
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तहसीलदार पर भी भ्रष्टाचार का आरोप
मामले में तहसीलदार गुहला पर भी क्लर्क का साथ देने का आरोप लगा है। गुहला बार एसोसिएशन ने तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पहले ही धरना दिया था।
डीएसपी मुकेश की अगुवाई में कार्रवाई
यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी मुकेश और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में की गई। शिकायतकर्ता ने एसीबी को रिश्वत की सूचना दी थी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर रजिस्ट्री क्लर्क को रंगे हाथों पकड़ा।
तहसीलदार पहले भी रहे हैं विवादों में
तहसीलदार गुहला इससे पहले अपनी निजी गाड़ी पर लाल और नीली बत्ती लगाकर चलने और चालान काटे जाने को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं।
बार एसोसिएशन ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
बता दें कि गुहला तहसील भ्रष्टाचार को लेकर पिछले काफी समय से सुर्खियों में है। तहसील कार्यालय में पनप रहे भ्रष्टाचार के विरोध में पिछले दिनों गुहला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने दो दिनों तक तहसील के सामने धरना दे प्रदर्शन भी किया था। बार एसोसिएशन के सदस्यों का आरोप था कि तहसील कार्यालय में कोई भी काम पैसे दिए बिना नहीं होता। आज एक रजिस्ट्री कलर्क के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर बार एसोसिएशन के सदस्य ने इसे सरकार की अच्छी पहल बताया है।
डीएसपी मुकेश का बयान
डीएसपी मुकेश ने कहा, "रजिस्ट्री क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। तहसीलदार की भूमिका की भी जांच की जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।"