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प्रशासन और बार एसोसिएशन में टकराव बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
Updated Sat, 17 Sep 2016 01:25 AM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : कैथ्ाल
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कैथल। जिला बार एसोसिएशन व प्रशासन के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। डीसी की ओर से जारी विज्ञप्ति की अधिकतर बातों को आधारहीन बताते हुए जिला बार एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि डीसी व एसडीएम के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। मुख्यमंत्री को भी जानकारी दी जाएगी।
बार रूम में मीडिया से बातचीत में बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक गौतम ने कहा कि वे डीसी सेे अपने खाते में पैसे मांगने नहीं गए थे। बल्कि प्रक्रिया बताने गए थे कि पहले भी बार एसोसिएशन के लिए कोई भी ग्रांट मिलती थी तो उसे बार एसोसिएशन के खाते में देकर एसोसिएशन के माध्यम से काम करवाए जाने के बाद यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट दे दिया जाता था। केवल खाते में पैसे मांगने की बात गलत है। यदि डीसी बार को भी पैसा नहीं देना चाहते तो किसी भी एजेंसी से काम शुरू करवा सकते थे, लेकिन आज तक कोई काम शुरू नहीं किया गया। रही बात 142 की बजाए 306 चेंबर निर्माण की तो इन चेंबरों का निर्माण हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी की मंजूरी से हुआ है। इन पर वकीलों ने अपनी राशि खर्च की है। किराये जैसी कोई बात थी तो नियमानुसार नोटिस देकर किराया लिया जा सकता है। वर्ष 2002 से लेकर आज तक करीब 15 से 16 अधिकारी डीसी रह चुके हैं। क्या कभी उन्हें यह बात पता नहीं चली?
गौतम ने कहा कि एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव की प्रति उन्हें भेज दी थी। वकीलों को किसी विशेष व्यवहार की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि कानून के जानकारों के साथ यह व्यवहार है तो आम आदमी को कितनी परेशानी हो रही होगी। प्रधान ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए कोर्ट को ताला लगाने की बात कहने के आरोप निराधार हैं। वकीलों ने राजस्व कोर्टों का बहिष्कार किया हुआ है। इसीलिए उनकी ओर से तो इन पर ताले लग ही गए हैं।
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उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन हाईकोर्ट की अनुमति से बनें चैंबरों पर सवाल उठाने पर डीसी व कोर्ट में रीडर के फैसला सुनाए जाने के चलते एसडीएम के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेगी। प्रधान ने कहा कि उन्हें यह भी अंदेशा है कि प्रशासन वकीलों पर झूठे मुकदमे दर्ज करा सकता है। शीघ्र ही इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए 800 बार सदस्य जाएंगे।
गुहला एमएलए को दिया ज्ञापन, मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं
एसोसिएशन प्रधान ने गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री तक उनकी बात पहुंचाने की मांग की। विधायक ने कहा कि लोगों की पहले भी कई शिकायतें आई हैं। इसलिए वे पहले ही डीसी के तबादले के लिए सीएम से मांग कर चुके हैं।
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बार रूम में मीडिया से बातचीत में बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक गौतम ने कहा कि वे डीसी सेे अपने खाते में पैसे मांगने नहीं गए थे। बल्कि प्रक्रिया बताने गए थे कि पहले भी बार एसोसिएशन के लिए कोई भी ग्रांट मिलती थी तो उसे बार एसोसिएशन के खाते में देकर एसोसिएशन के माध्यम से काम करवाए जाने के बाद यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट दे दिया जाता था। केवल खाते में पैसे मांगने की बात गलत है। यदि डीसी बार को भी पैसा नहीं देना चाहते तो किसी भी एजेंसी से काम शुरू करवा सकते थे, लेकिन आज तक कोई काम शुरू नहीं किया गया। रही बात 142 की बजाए 306 चेंबर निर्माण की तो इन चेंबरों का निर्माण हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी की मंजूरी से हुआ है। इन पर वकीलों ने अपनी राशि खर्च की है। किराये जैसी कोई बात थी तो नियमानुसार नोटिस देकर किराया लिया जा सकता है। वर्ष 2002 से लेकर आज तक करीब 15 से 16 अधिकारी डीसी रह चुके हैं। क्या कभी उन्हें यह बात पता नहीं चली?
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गौतम ने कहा कि एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव की प्रति उन्हें भेज दी थी। वकीलों को किसी विशेष व्यवहार की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि कानून के जानकारों के साथ यह व्यवहार है तो आम आदमी को कितनी परेशानी हो रही होगी। प्रधान ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए कोर्ट को ताला लगाने की बात कहने के आरोप निराधार हैं। वकीलों ने राजस्व कोर्टों का बहिष्कार किया हुआ है। इसीलिए उनकी ओर से तो इन पर ताले लग ही गए हैं।
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उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन हाईकोर्ट की अनुमति से बनें चैंबरों पर सवाल उठाने पर डीसी व कोर्ट में रीडर के फैसला सुनाए जाने के चलते एसडीएम के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेगी। प्रधान ने कहा कि उन्हें यह भी अंदेशा है कि प्रशासन वकीलों पर झूठे मुकदमे दर्ज करा सकता है। शीघ्र ही इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए 800 बार सदस्य जाएंगे।
गुहला एमएलए को दिया ज्ञापन, मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं
एसोसिएशन प्रधान ने गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री तक उनकी बात पहुंचाने की मांग की। विधायक ने कहा कि लोगों की पहले भी कई शिकायतें आई हैं। इसलिए वे पहले ही डीसी के तबादले के लिए सीएम से मांग कर चुके हैं।