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बड़ी देवी मंदिर... यहां स्वयं प्रकट हुई थीं हिंगलाज माता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Sep 2022 01:51 AM IST
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Badi Devi Temple... Hinglaj Mata herself had appeared here
2-कैथल। मंदिर में स्थापित मां भगवती की प्रतिमा व सैंकड़ों वर्षों से प्रज्जवलित अखंड ज्योत। - फोटो : Kaithal
कैथल। शहर के पुराना अस्पताल समीप स्थित बड़ी देवी मंदिर करीब 700 साल पुराना है। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर की स्थापना गांव बाबा लदाना के महंत बाबा राजपुरी ने की थी। बाबा राजपुरी ने मां के दर्शन पाने के लिए मंदिर के स्थान पर तपस्या की थी। इसके बाद मां हिंगलाज ने बाबा राजपुरी को तपस्या से प्रसन्न हो यहां विराजमान होने का वचन दिया था। गौरतलब है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मां हिंगलाज शक्तिपीठ है।
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मंदिर के महंत हीरा पुरी ने बताया कि जब बाबा राजपुरी ने यहां मां को प्रसन्न के लिए तपस्या की तो मां के दर्शनों के बाद बाबा ने उनसे यहां पर विराजमान होने का आग्रह किया। तब मां ने उनसे कहा था कि वे इस स्थान पर मेरे मंदिर की स्थापना करें, ताकि श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी हो सके। इसके बाद महंत ने यहां श्री बड़ी देवी माता के नाम से मंदिर स्थापित किया। गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी मठ की भी काफी मान्यता है। गांव बाबा लदाना में बाबा राजपुरी के मठ पर दशहरा पर्व पर तीन दिन तक विशाल मेला लगता है। यह मेला अष्टमी के दिन शुरू होकर दशहरा पर्व पर संपन्न होता है। यहां पर दूध चढ़ाने की विशेष परंपरा है।
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संतान की होती प्राप्ति
पुजारी पंडित शिव चरण शास्त्री ने बताया कि मंदिर में नवरात्र के त्योहार पर विशेष पूजा-अर्चना मंदिर की जाती है। यहां नवरात्र में पूजा-अर्चना करने वाले भक्त जो भी मन्नतें मांगते हैं, वह पूर्ण होती है। सुबह व शाम को आरती होती है। मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी आस्था है। नवरात्र पर्व के दिनों में यहां पर लगातार 41 दिन तक मां की ज्योति जलाने से संतान की प्राप्ति होती है। शास्त्री ने बताया कि नवरात्र पर्व पर सुबह पांच बजे से ही यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है।
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मंदिर की यह है विशेषता
श्री बड़ी देवी माता मंदिर को भव्य रूप दिया गया है। मंदिर को आंतरिक विधि से बनाया है। मंदिर के आगे तीर्थ बनाया गया है। इसके मुख्यद्वार को भी भव्य बनाया गया है। मंदिर छोटी ईंटों से बनाया गया है। देखने में काफी भव्य लगता है। मंदिर की सुंदरता देखते ही बनती है।
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