{"_id":"69025f993a46b0ebe10390e4","slug":"awareness-is-a-powerful-means-of-protection-against-cyber-crimes-shubhranshu-kaithal-news-c-245-1-kht1012-139924-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर अपराधों से बचाव का सशक्त माध्यम है जागरूकता : शुभ्रांशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर अपराधों से बचाव का सशक्त माध्यम है जागरूकता : शुभ्रांशु
Thu, 30 Oct 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 30 Oct 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
29 ढांड 01 कौल साइबर अपराध के प्रति जागरुक करते एसएचओ शुभ्रांशु।
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड/कैथल। बाबू अनंतराम जनता कॉलेज, कौल और कैथल के इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय में साइबर क्राइम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य वक्ता के रूप में जनता कॉलेज पहुंचे अपराध शाखा कैथल के एसएचओ शुभ्रांशु ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम जागरूकता ही है।
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग सतर्कता के साथ करें। व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या ऐप पर विश्वास न करें। शुभ्रांशु ने बताया कि आजकल डिजिटल गिरफ्तारी, ऑनलाइन निवेश ठगी, वीपीएन के माध्यम से ठगी और नकली ऐप्स से डेटा चोरी जैसे अपराध तेजी से फैल रहे हैं। उन्होंने छात्रों को ‘टेलीकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन और ‘संचार साथी’ जैसे सरकारी पोर्टलों की जानकारी दी, जिनकी मदद से कोई भी व्यक्ति यह जांच सकता है कि उसके नाम पर कितने मोबाइल सिम कार्ड जारी किए गए हैं।
मुख्य वक्ता ने ई-केवाईसी और डी-केवाईसी प्रक्रियाओं की व्याख्या की तथा बताया कि एपीके एक्सटेंशन वाली फाइलें प्रायः मैलवेयर के रूप में कार्य करती हैं और डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकती हैं। प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने विद्यार्थियों को व्हाट्सऐप और ईमेल पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्षम करने की सलाह दी तथा अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
इस अवसर पर डॉ. कुसुम, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. ममता रानी, डॉ. कोमल रानी, डॉ. सुरभि, डॉ. मुकेश चाहल और डॉ. राजीव कुमार गाबा उपस्थित रहे।
उधर, इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय में एसएचओ पीएसआई शुभ्रांशु ने छात्राओं को साइबर अपराधों के बचाव के गुर सिखाए। पुलिस टीम ने मोबाइल फोन और इंटरनेट के दुरुपयोग से होने वाले खतरों की जानकारी देते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सलाह दी। एसएचओ ने कहा कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया, फेक कॉल, ऑनलाइन गेम, फिशिंग लिंक या फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, न ही ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दें।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकता और विविधता में निहित है, और हर नागरिक को जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र से ऊपर उठकर देश की अखंडता व भाईचारे को बनाए रखने में योगदान देना चाहिए।
विज्ञापन
ढांड/कैथल। बाबू अनंतराम जनता कॉलेज, कौल और कैथल के इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय में साइबर क्राइम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य वक्ता के रूप में जनता कॉलेज पहुंचे अपराध शाखा कैथल के एसएचओ शुभ्रांशु ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम जागरूकता ही है।
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग सतर्कता के साथ करें। व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या ऐप पर विश्वास न करें। शुभ्रांशु ने बताया कि आजकल डिजिटल गिरफ्तारी, ऑनलाइन निवेश ठगी, वीपीएन के माध्यम से ठगी और नकली ऐप्स से डेटा चोरी जैसे अपराध तेजी से फैल रहे हैं। उन्होंने छात्रों को ‘टेलीकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन और ‘संचार साथी’ जैसे सरकारी पोर्टलों की जानकारी दी, जिनकी मदद से कोई भी व्यक्ति यह जांच सकता है कि उसके नाम पर कितने मोबाइल सिम कार्ड जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता ने ई-केवाईसी और डी-केवाईसी प्रक्रियाओं की व्याख्या की तथा बताया कि एपीके एक्सटेंशन वाली फाइलें प्रायः मैलवेयर के रूप में कार्य करती हैं और डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकती हैं। प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने विद्यार्थियों को व्हाट्सऐप और ईमेल पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्षम करने की सलाह दी तथा अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
इस अवसर पर डॉ. कुसुम, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. ममता रानी, डॉ. कोमल रानी, डॉ. सुरभि, डॉ. मुकेश चाहल और डॉ. राजीव कुमार गाबा उपस्थित रहे।
उधर, इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय में एसएचओ पीएसआई शुभ्रांशु ने छात्राओं को साइबर अपराधों के बचाव के गुर सिखाए। पुलिस टीम ने मोबाइल फोन और इंटरनेट के दुरुपयोग से होने वाले खतरों की जानकारी देते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सलाह दी। एसएचओ ने कहा कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया, फेक कॉल, ऑनलाइन गेम, फिशिंग लिंक या फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, न ही ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दें।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकता और विविधता में निहित है, और हर नागरिक को जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र से ऊपर उठकर देश की अखंडता व भाईचारे को बनाए रखने में योगदान देना चाहिए।