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सवाल पूछना कमजोरी नहीं बल्कि बुद्धिमानी की निशानी : उपायुक्त

Fri, 13 Feb 2026 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 13 Feb 2026 12:26 AM IST
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Asking questions is not a sign of weakness but a sign of wisdom: Deputy Commissioner
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पूंडरी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेतीं उपायुक्त। - फोटो : नवनिर्वाचित अध्यक्ष को प्रमाण पत्र प्रदान करते चुनाव अ​धिकारी।
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पूंडरी का वीरवार को डीसी अपराजिता ने दौरा कर स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से जिज्ञासु बनने को कहा। साथ ही समझाया कि सवाल पूछना कमजोरी नहीं, बुद्धिमानी की निशानी है।

इस दौरान डीसी ने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्राओं से संवाद स्थापित कर उनकी पढ़ाई व गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। बच्चों के साथ जॉयफुल एक्टिविटी में भाग लेते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने और खुलकर सवाल पूछने के लिए प्रेरित भी किया।
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उन्होंने कहा कि सवाल पूछना बुद्धिमानी की निशानी है। इसलिए अपने अंदर क्यों और कैसे की भावना को हमेशा जीवित रखें। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे डर या झिझक के कारण सवाल नहीं पूछते और गलत उत्तर होने के भय से जवाब देने से भी कतराते हैं। विशेषकर गणित जैसे विषयों से बच्चों को अनावश्यक डर लगने लगता है।
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उन्होंने कहा कि जॉयफुल एक्टिविटी का उद्देश्य बच्चों के अंदर आत्मविश्वास विकसित करना और खेल-खेल में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने विज्ञान प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और छात्राओं द्वारा किए जा रहे प्रयोगों में रुचि दिखाई। विभिन्न रसायनों के नाम और उनके उपयोग को लेकर छात्राओं से सवाल-जवाब भी किए।

डीसी ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रायोगिक ज्ञान अधिक महत्वपूर्ण है। जब विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करते हैं, तो विषय की समझ और भी गहरी हो जाती है।

दौरे के दौरान उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच की तथा स्कूल परिसर में स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का भी अवलोकन किया। व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाते हुए डीसी ने स्कूल प्रबंधन की सराहना की। इसके उपरांत डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अध्यापकों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि कक्षा में कुछ चुनिंदा बच्चों के बजाय सभी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। जो बच्चे सवाल पूछने में झिझकते हैं, उन्हें प्रोत्साहित कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाया जाए।


शिक्षकों से कहा गया कि ऐसे बच्चों की पहचान कर विशेष संवाद के माध्यम से उन्हें आगे आने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता मैहर, जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार, प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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