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Kaithal News: महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए 23 जून तक करें आवेदन
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कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया वीरवार को शुरू हो गई है। विद्यार्थी दाखिले के लिए 23 जून तक आवेदन कर सकेंगे और 24 जून को दाखिले की पहली सूची जारी होगी। कुलपति आचार्य राजेंद्र कुमार अनायत के नेतृत्व में दाखिला प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एडमिशन कमेटी बनाई गई है जो प्रवेश प्रक्रिया को नियमानुसार संचालित करेगी। विश्वविद्यालय के टीक परिसर में अभ्यर्थी सुबह 9 से शाम 4 बजे तक प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा ऑनलाइन भी दाखिले के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। आचार्य अनायत ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय हरियाणा राज्य का एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं एवं शास्त्रों के संरक्षण और संवर्धन के लिए की गई थी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से पारंपरिक विषयों के साथ-साथ आधुनिक युगीन आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारोन्मुखी, प्रायोगिक एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों का भी समावेश किया जा रहा है।
विद्यार्थी इन कोर्स में ले सकेंगे दाखिला
विश्वविद्यालय में व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, वेद, धर्मशास्त्र विषयों में शास्त्री व आचार्य पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसके अतिरिक्त योग में बीए एवं एमए और हिन्दू अध्ययन, और फिलॉसफी में एमए कोर्स संचालित हैं। नवाचार एवं रोजगारोन्मुखी प्रायोगिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत वेद, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, वैदिक गणित, कर्मकाण्ड में डिप्लोमा एवं हिन्दी-अंग्रेजी-हिन्दी में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हैं। विश्वविद्यालय में शास्त्री पाठ्यक्रमों में 250 सीट हैं और आचार्य पाठ्यक्रमों में 280 सीटें है एवं सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 460 सीटें निर्धारित हैं।
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इसके अलावा ऑनलाइन भी दाखिले के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। आचार्य अनायत ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय हरियाणा राज्य का एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं एवं शास्त्रों के संरक्षण और संवर्धन के लिए की गई थी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से पारंपरिक विषयों के साथ-साथ आधुनिक युगीन आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारोन्मुखी, प्रायोगिक एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों का भी समावेश किया जा रहा है।
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विद्यार्थी इन कोर्स में ले सकेंगे दाखिला
विश्वविद्यालय में व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, वेद, धर्मशास्त्र विषयों में शास्त्री व आचार्य पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसके अतिरिक्त योग में बीए एवं एमए और हिन्दू अध्ययन, और फिलॉसफी में एमए कोर्स संचालित हैं। नवाचार एवं रोजगारोन्मुखी प्रायोगिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत वेद, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, वैदिक गणित, कर्मकाण्ड में डिप्लोमा एवं हिन्दी-अंग्रेजी-हिन्दी में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हैं। विश्वविद्यालय में शास्त्री पाठ्यक्रमों में 250 सीट हैं और आचार्य पाठ्यक्रमों में 280 सीटें है एवं सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 460 सीटें निर्धारित हैं।
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