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मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यक्रम के विरोध की घोषणा
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Announcement of opposition to Chief Minister Manohar Lal's program
- फोटो : Kaithal
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किसान संगठनों ने शनिवार को कैथल में होने वाले महाराजा अग्रसेन जयंती में सीएम मनोहर लाल के पहुंचने का विरोध करने की घोषणा की है। किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे महाराजा अग्रसेन जयंती का विरोध नहीं करेंगे। केवल मुख्यमंत्री के आगमन का विरोध होगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। राज्य भर से किसान नेताओं व संगठनों के यहां पहुंचने की अपील की जा रही है।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिला अध्यक्ष होशियार गिल ने वीरवार को कलायत का दौरा किया। किसानों से बातचीत में गिल ने कहा कि कुछ नेताओं को अभी से आगामी चुनाव में टिकट पाने का बुखार चढ़ा है। इस स्वार्थ के लिए वे माहौल बिगाडऩे का प्रयास कर रहे हैं। परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री का कार्यक्रम का न्योता भावी टिकटार्थियों द्वारा दिया गया है। इनकी मंशा निजी फायदे के लिए समाज में तनाव का माहौल पैदा करवाना है। लोगों के बीच वजूद न होने के कारण ये लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इनकी कार्यप्रणाली से हर कोई वाकिफ है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों को लेकर देश-प्रदेश में भाजपा सरकार के विरोध का निर्णय लिया है। इसके तहत 9 अक्तूबर को कैथल में मुख्यमंत्री के आगमन का विरोध किया जाएगा। किसान नेता गुरुनाम सिंह सहारण ने कहा कि किसानों द्वारा केवल मुख्यमंत्री का विरोध किया जाएगा, लेकिन जयंती उत्सव का नहीं। उनकी जयंती पर प्रदेश का किसान भी उन्हें याद करते हुए पुष्पांजलि अर्पित करेगा।
होशियार गिल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन के प्रति किसानों की गहरी श्रद्धा है। इसके मद्देनजर कैथल में जयंती उपलक्ष्य में नीम साहब गुरुद्वारा से पिहोवा चौक स्थित महाराजा अग्रसेन चौक तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसको लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। अग्रसेन समाज इसको लेकर उत्साहित है। इस अवसर पर जिला संयोजक गुरुनाम सिंह सहारण, महेंद्र सिंह सहारण, कृष्ण मोर, रतिराम, गंगा दयाल, प्रीतम सिंह सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा व अग्रसेन जयंती आयोजक कमेटी की संयुक्त बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता किसान नेता भरत सिंह बैनीवाल ने की। बैठक में किसान मोर्चा ने अग्रवाल सभा से अपील की है कि मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में न बुलाने पर दोबारा विचार करें। अग्रसेन सभा के प्रधान अशोक गोयल व युवा प्रधान अश्वनी गोयल ने बताया कि वह अग्रसेन सभा की बैठक बुलाकर किसान मोर्चे की अपील पर विचार करेंगे। वहीं मोर्चे ने स्पष्ट किया कि वह अग्रसेन जयंती मनाने के पक्षधर हैं और अग्रसेन समाज तथा किसान वर्ग का हमेशा से ही चोली दामन का संबंध है। जिसका कोई विरोध नहीं होगा, परंतु मुख्यमंत्री का 9 अक्तूबर को कैथल आगमन पर किसान पूरा विरोध करेंगे। एसकेएम के सदस्य भरत सिंह बेनीवाल, जयप्रकाश शास्त्री, गुरनाम सहारण खरक, सतपाल बीकेयू प्रधान, ओमप्रकाश ढांडा व महेंद्र सिंह प्रधान किसान सभा ने भी चेतावनी दी है। 9 अक्तूबर को मुख्यमंत्री के विरोध के लिए दोपहर 3 बजे हनुमान वाटिका कैथल में भारी संख्या में एकत्रित होंगे और वहां से शाम को 6 बजे सीएम का विरोध करने आरकेएसडी कॉलेज में पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री को कॉलेज में नहीं घुसने देंगे। उसके लिए चाहे गोली ही क्यों न खानी पड़े। इस अवसर पर ओम प्रकाश करोड़ा, अश्वनी हृतवाल, सत्यवान, ईशम सिंह तंवर, महेंद्र सिंह गुर्जर, रमेश खुराना, राधा कृष्ण शर्मा, महेंद्र रामगढ़, रामकला बालू, अनिल गुर्जर व साहब सिंह संधू चीका मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिला अध्यक्ष होशियार गिल ने वीरवार को कलायत का दौरा किया। किसानों से बातचीत में गिल ने कहा कि कुछ नेताओं को अभी से आगामी चुनाव में टिकट पाने का बुखार चढ़ा है। इस स्वार्थ के लिए वे माहौल बिगाडऩे का प्रयास कर रहे हैं। परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री का कार्यक्रम का न्योता भावी टिकटार्थियों द्वारा दिया गया है। इनकी मंशा निजी फायदे के लिए समाज में तनाव का माहौल पैदा करवाना है। लोगों के बीच वजूद न होने के कारण ये लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इनकी कार्यप्रणाली से हर कोई वाकिफ है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों को लेकर देश-प्रदेश में भाजपा सरकार के विरोध का निर्णय लिया है। इसके तहत 9 अक्तूबर को कैथल में मुख्यमंत्री के आगमन का विरोध किया जाएगा। किसान नेता गुरुनाम सिंह सहारण ने कहा कि किसानों द्वारा केवल मुख्यमंत्री का विरोध किया जाएगा, लेकिन जयंती उत्सव का नहीं। उनकी जयंती पर प्रदेश का किसान भी उन्हें याद करते हुए पुष्पांजलि अर्पित करेगा।
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होशियार गिल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन के प्रति किसानों की गहरी श्रद्धा है। इसके मद्देनजर कैथल में जयंती उपलक्ष्य में नीम साहब गुरुद्वारा से पिहोवा चौक स्थित महाराजा अग्रसेन चौक तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसको लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। अग्रसेन समाज इसको लेकर उत्साहित है। इस अवसर पर जिला संयोजक गुरुनाम सिंह सहारण, महेंद्र सिंह सहारण, कृष्ण मोर, रतिराम, गंगा दयाल, प्रीतम सिंह सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा व अग्रसेन जयंती आयोजक कमेटी की संयुक्त बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता किसान नेता भरत सिंह बैनीवाल ने की। बैठक में किसान मोर्चा ने अग्रवाल सभा से अपील की है कि मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में न बुलाने पर दोबारा विचार करें। अग्रसेन सभा के प्रधान अशोक गोयल व युवा प्रधान अश्वनी गोयल ने बताया कि वह अग्रसेन सभा की बैठक बुलाकर किसान मोर्चे की अपील पर विचार करेंगे। वहीं मोर्चे ने स्पष्ट किया कि वह अग्रसेन जयंती मनाने के पक्षधर हैं और अग्रसेन समाज तथा किसान वर्ग का हमेशा से ही चोली दामन का संबंध है। जिसका कोई विरोध नहीं होगा, परंतु मुख्यमंत्री का 9 अक्तूबर को कैथल आगमन पर किसान पूरा विरोध करेंगे। एसकेएम के सदस्य भरत सिंह बेनीवाल, जयप्रकाश शास्त्री, गुरनाम सहारण खरक, सतपाल बीकेयू प्रधान, ओमप्रकाश ढांडा व महेंद्र सिंह प्रधान किसान सभा ने भी चेतावनी दी है। 9 अक्तूबर को मुख्यमंत्री के विरोध के लिए दोपहर 3 बजे हनुमान वाटिका कैथल में भारी संख्या में एकत्रित होंगे और वहां से शाम को 6 बजे सीएम का विरोध करने आरकेएसडी कॉलेज में पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री को कॉलेज में नहीं घुसने देंगे। उसके लिए चाहे गोली ही क्यों न खानी पड़े। इस अवसर पर ओम प्रकाश करोड़ा, अश्वनी हृतवाल, सत्यवान, ईशम सिंह तंवर, महेंद्र सिंह गुर्जर, रमेश खुराना, राधा कृष्ण शर्मा, महेंद्र रामगढ़, रामकला बालू, अनिल गुर्जर व साहब सिंह संधू चीका मौजूद रहे।