{"_id":"681bbb7c9ace09f29f0b02e1","slug":"anil-became-a-referee-in-khelo-india-kaithal-news-c-18-1-knl1004-641337-2025-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: खेलो इंडिया में रेफरी बने अनिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: खेलो इंडिया में रेफरी बने अनिल
Thu, 08 May 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 08 May 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बिहार में आयोजित हो रहे खेलो इंडिया में कैथल के डीपीई अनिल दलाल रेफरी बने हैं। खेलो इंडिया के इस कार्यक्रम में ग्योंग निवासी अनिल दलाल खो-खो खेल में रेफरी कम तकनीकी सहायक की भूमिका निभा रहे।
अनिल दलाल सीवन के राजकीय मॉडल संस्कृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीपीई के पद पर कार्यरत हैं। अनिल दलाल जिले के ग्योंग गांव में युवाओं को खो-खो व कबड्डी का प्रशिक्षण देते हैं। रेफरी व तकनीकी सहायक के रूप में उनका चयन खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से किया गया है। उन्होंने बताया कि बिहार में खेलो इंडिया के तहत प्रतिस्पर्धाएं चल रही हैं। वह खो-खो खेल के रेफरी कम तकनीकी सहायक के रूप में काम कर रहे हैं।
डीपीई ने बताया कि वैसे तो खेल 15 मई तक जारी रहेंगे, लेकिन उनकी ड्यूटी 10 मई तक है। इस समय वे बिहार के गया में अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। अनिल ने कहा कि खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें जो मौका दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वह एक दिन में तीन से चार मैच में रेफरी कम तकनीकी सहायक की भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन
कैथल। बिहार में आयोजित हो रहे खेलो इंडिया में कैथल के डीपीई अनिल दलाल रेफरी बने हैं। खेलो इंडिया के इस कार्यक्रम में ग्योंग निवासी अनिल दलाल खो-खो खेल में रेफरी कम तकनीकी सहायक की भूमिका निभा रहे।
अनिल दलाल सीवन के राजकीय मॉडल संस्कृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीपीई के पद पर कार्यरत हैं। अनिल दलाल जिले के ग्योंग गांव में युवाओं को खो-खो व कबड्डी का प्रशिक्षण देते हैं। रेफरी व तकनीकी सहायक के रूप में उनका चयन खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से किया गया है। उन्होंने बताया कि बिहार में खेलो इंडिया के तहत प्रतिस्पर्धाएं चल रही हैं। वह खो-खो खेल के रेफरी कम तकनीकी सहायक के रूप में काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
डीपीई ने बताया कि वैसे तो खेल 15 मई तक जारी रहेंगे, लेकिन उनकी ड्यूटी 10 मई तक है। इस समय वे बिहार के गया में अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। अनिल ने कहा कि खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें जो मौका दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वह एक दिन में तीन से चार मैच में रेफरी कम तकनीकी सहायक की भूमिका निभा रहे हैं।