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Kaithal News: नाराज किसानों ने जुलूस निकाल कर किया प्रदर्शन

Tue, 12 Sep 2023 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 12 Sep 2023 01:15 AM IST
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Angry farmers took out a procession and demonstrated
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हनुमान वाटिका में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के सदस्यों की बैठक हुई। इसके बाद डीसी कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए नाराज किसानों नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम को मांगों के संदर्भ में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

बैठक में जिलेभर से सैंकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई। इसमें युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने कहा कि मेहनत कर देश की जनता का पेट पालने वाला किसान विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। आरोप लगाया कि उनकी तरफ सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही तथा इसी अनदेखी के चलते अन्नदाताओं के समक्ष समस्याओं का पहाड़ खड़ा होता जा रहा है। भाकियू जिला प्रधान महावीर चहल नरड़ ने बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करवाने, बाढ़ से प्रभावित बर्बाद फसलों का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने, मुआवजा को लेकर लगाई गई पांच एकड़ की शर्त हटाए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि गुहला चीका क्षेत्र में बाढ़ से किसानों की फसल खराब होने पर 32 प्रतिशत मुआवजा दिखाया गया है, जबकि फसल 100 प्रतिशत खराब हो चुकी है। मांग की कि इसे ठीक कराकर किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण खराब हुए ट्यूबवेल को दो लाख रुपये तथा मोटर के लिए तीन लाख रुपये मुआवजा, बाढ़ के कारण खेतों में चढ़ी रेत को बिना शर्त बेचे जाने की अनुमति देन, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जिन किसानों ने अपनी फसल पोर्टल पर दर्ज नहीं करवाई उनकी फसल पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के लिए पोर्टल को दोबारा जल्द खोला जाए। साथ ही कहा कि गन्ने व पापुलर की फसल की मुआवजा राशि घोषित करने, गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए जाने, 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने, एमएसपी का कानून व किसान व मजदूरों को कर्जमुक्त किए जाने, तेलंगाना सरकार की तर्ज पर किसानों को 12 हजार रुपये प्रत्येक वर्ष सब्सिडी दिए जाने, छह लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के मुखियाओं का 10 लाख रुपये का बीमा किए जाने, किसानों की खेती लागत कम करने के लिए कृषि यंत्र खरीद कर सोसायटियों द्वारा किसानों को उपलब्ध करवाने, किलोमीटर के आधार पर किसानों के वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के फैसले को वापस लेने की मांग की गई।
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इसके अलावा किसानों के वाहनों की उम्र को 10 वर्ष का आधार मानकर रजिस्ट्रेशन के फैसले को वापस लेने, बेरोजगार युवाओं को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर सकें। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। बैठक का संचालन जिला कार्यकारी अध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल व प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह औजला ने किया।


इसके बाद किसानों का जत्था जुलूस की शक्ल में डीसी कार्यालय तक नारेबाजी करता हुआ पहुंचा। वहां पर युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना, जिलाध्यक्ष महावीर चहल नरड़ के नेतृत्व में एसडीएम कपिल कुमार को मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष भागल, जसविनदर हरसौला, केवल सिंह सिद्ध, नरेंद्र मागो माजरी, जसवंत संधू, पिरथी कौल, सुरेश शर्मा बंदराणा, कृष्ण मालखेडी, नरेंद्र बराड, जैली चीका, नरेंद्र चदलाना, कृष्ण कौल, रामपाल मुदडी, राजेश कालीरमणा, नरेश मलिक, रवि बडैच, किनदर ठेकेदार, महिपाल नैन, केशा राम प्यौदा, बलकार मलिक, विक्रम दुसैण, गुरुमुख फरल, अनिल ग्योंग, हरजिनदर हाबडी व गुरुमुख सिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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