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Kaithal News: घग्गर में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी
Sun, 31 Aug 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 31 Aug 2025 01:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं के बीच गुहला-चीका क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश और पंचकूला में लगातार बारिश से घग्गर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के किसानों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि पानी खेतों और निचले इलाकों में घुसने की कगार पर है।
शुक्रवार सुबह घग्गर नदी का जलस्तर 14,630 क्यूसेक दर्ज किया गया था, जो शनिवार दोपहर तक बढ़कर 29,768 क्यूसेक तक पहुंच गया। रात 8 बजे तक टटियाना पुल पर लगे सरकारी गेज के अनुसार नदी का जलस्तर 18 फीट रिकॉर्ड किया गया। अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल में बारिश रुकने पर जलस्तर में कमी आ सकती है, लेकिन फिलहाल बाढ़ का खतरा बरकरार है।
पिछले कुछ दिनों से 13-14 हजार क्यूसेक जलस्तर चल रहा था लेकिन शनिवार के दिन एकाएक जलस्तर बढ़कर 29,768 क्यूसेक हो गया। यह रात में और बढ़कर 32,772 क्यूसेक हो गया था। अधिकारियों के अनुसार हिमाचल में बारिश स्थिर होने पर जलस्तर कम हो सकता है, लेकिन फिलहाल तटवर्ती क्षेत्रों के लोग बाढ़ के डर से चिंतित हैं। गुहला-चीका के भूंसला, रत्ताखेड़ा, सिहाली, मैंगड़ा और भागल जैसे गांवों के आसपास पानी किनारों तक पहुंच गया है। यह वही गांव हैं, जिन्होंने 2023 की बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान झेला था।
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जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की दी गई सलाह
एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि हिमाचल और हरियाणा में लगातार बारिश के चलते अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी नदी या नाले के किनारे या पुल पर खड़े होकर पानी देखने और सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो बनाने से बचें। यह खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने गुहला तहसील कार्यालय में फ्लड कंट्रोल रूम बनाया है और हेल्पलाइन नंबर 01743-221555 जारी किया है।
प्रशासन करा रहा मुनादी
अभी तक किसी भी गांव में तटबंध नहीं टूटा है और न ही भूमि कटाव हुआ है। खेतों में पानी घुसने की संभावना जरूर है, लेकिन गांवों और बस्तियों में अभी पानी प्रवेश नहीं कर पाया है। प्रशासन ने करीब 20 डेरों और गांवों में मुनादी करवा दी है। सिंचाई विभाग भी जुटा है। बाढ़ से बचाव के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।
बाढ़ से निपटने के लिए विभाग रखें तैयारी : एसडीएम
गुहला-चीका। घग्गर नदी का जल स्तर बढ़ने पर एसडीएम अजय हुड्डा ने गुहला क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है। एसडीएम अजय हुड्डा ने अधिकारियों के साथ घग्गर टटियाना गेज, सारोला साइफन, रत्ता खेड़ा-लुकमान बंध और भाटिया घग्गर बंध का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि टटियाना गेज पर इस समय 26 हजार क्यूसिक पानी चल रहा है और जल स्तर 16 फीट पर है, जबकि खतरे का निशान 23 फीट पर है। सिंचाई विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। साइफन सारोला पर तटबंध मजबूत किए जा रहे हैं और रत्ता खेड़ा-लुकमान बंध पर पोकलेन मशीन पहले से तैनात कर दी गई है ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। संवाद
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गुहला-चीका/कैथल। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं के बीच गुहला-चीका क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश और पंचकूला में लगातार बारिश से घग्गर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के किसानों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि पानी खेतों और निचले इलाकों में घुसने की कगार पर है।
शुक्रवार सुबह घग्गर नदी का जलस्तर 14,630 क्यूसेक दर्ज किया गया था, जो शनिवार दोपहर तक बढ़कर 29,768 क्यूसेक तक पहुंच गया। रात 8 बजे तक टटियाना पुल पर लगे सरकारी गेज के अनुसार नदी का जलस्तर 18 फीट रिकॉर्ड किया गया। अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल में बारिश रुकने पर जलस्तर में कमी आ सकती है, लेकिन फिलहाल बाढ़ का खतरा बरकरार है।
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पिछले कुछ दिनों से 13-14 हजार क्यूसेक जलस्तर चल रहा था लेकिन शनिवार के दिन एकाएक जलस्तर बढ़कर 29,768 क्यूसेक हो गया। यह रात में और बढ़कर 32,772 क्यूसेक हो गया था। अधिकारियों के अनुसार हिमाचल में बारिश स्थिर होने पर जलस्तर कम हो सकता है, लेकिन फिलहाल तटवर्ती क्षेत्रों के लोग बाढ़ के डर से चिंतित हैं। गुहला-चीका के भूंसला, रत्ताखेड़ा, सिहाली, मैंगड़ा और भागल जैसे गांवों के आसपास पानी किनारों तक पहुंच गया है। यह वही गांव हैं, जिन्होंने 2023 की बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान झेला था।
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जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की दी गई सलाह
एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि हिमाचल और हरियाणा में लगातार बारिश के चलते अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी नदी या नाले के किनारे या पुल पर खड़े होकर पानी देखने और सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो बनाने से बचें। यह खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने गुहला तहसील कार्यालय में फ्लड कंट्रोल रूम बनाया है और हेल्पलाइन नंबर 01743-221555 जारी किया है।
प्रशासन करा रहा मुनादी
अभी तक किसी भी गांव में तटबंध नहीं टूटा है और न ही भूमि कटाव हुआ है। खेतों में पानी घुसने की संभावना जरूर है, लेकिन गांवों और बस्तियों में अभी पानी प्रवेश नहीं कर पाया है। प्रशासन ने करीब 20 डेरों और गांवों में मुनादी करवा दी है। सिंचाई विभाग भी जुटा है। बाढ़ से बचाव के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।
बाढ़ से निपटने के लिए विभाग रखें तैयारी : एसडीएम
गुहला-चीका। घग्गर नदी का जल स्तर बढ़ने पर एसडीएम अजय हुड्डा ने गुहला क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है। एसडीएम अजय हुड्डा ने अधिकारियों के साथ घग्गर टटियाना गेज, सारोला साइफन, रत्ता खेड़ा-लुकमान बंध और भाटिया घग्गर बंध का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि टटियाना गेज पर इस समय 26 हजार क्यूसिक पानी चल रहा है और जल स्तर 16 फीट पर है, जबकि खतरे का निशान 23 फीट पर है। सिंचाई विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। साइफन सारोला पर तटबंध मजबूत किए जा रहे हैं और रत्ता खेड़ा-लुकमान बंध पर पोकलेन मशीन पहले से तैनात कर दी गई है ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। संवाद