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Kaithal News: कैथल में बढ़ा वायु प्रदूषण, 172 पहुंचा एक्यूआई
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कैथल। शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। वीरवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 172 दर्ज किया गया। यह स्तर खराब श्रेणी में आता है, जो संवेदनशील लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा कर सकता है।
धान सीजन में मंडियों और सड़कों पर बढ़ी गतिविधियों के कारण धूल और अन्य प्रदूषक तत्वों का असर भी हवा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार खराब श्रेणी का एक्यूआई सांस संबंधी बीमारियों वाले लोगों और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में उन्हें बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वायु प्रदूषण के बढ़ने से आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहने पर गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों का कारण बन सकती है। प्रदूषण के इस स्तर पर स्वस्थ लोगों को भी हल्की असुविधा महसूस हो सकती है।
शहर में अब मौसम में बदलाव महसूस होने लगा है। सुबह के समय हल्की ठंड जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बना हुआ है। वीरवार को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 सितंबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। 27 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाने के साथ हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। बारिश होने पर हवा में मौजूद धूल के कण कम होने से वायु गुणवत्ता में बदलाव आ सकता है।
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आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि तापमान में आने वाले दिनों में गिरावट आएगी। 142 से 172 के बीच एक्यूआई रहा है। सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से खुले में अधिक देर तक रहने से बचें।
डॉक्टर जितेंद्र गिल के अनुसार सांस संबंधी परेशानी वाले लोग बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें। बाहर से आने के बाद चेहरा और हाथ साफ पानी से धोएं। धूल वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें। आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण अधिक होने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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धान सीजन में मंडियों और सड़कों पर बढ़ी गतिविधियों के कारण धूल और अन्य प्रदूषक तत्वों का असर भी हवा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार खराब श्रेणी का एक्यूआई सांस संबंधी बीमारियों वाले लोगों और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में उन्हें बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वायु प्रदूषण के बढ़ने से आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहने पर गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों का कारण बन सकती है। प्रदूषण के इस स्तर पर स्वस्थ लोगों को भी हल्की असुविधा महसूस हो सकती है।
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शहर में अब मौसम में बदलाव महसूस होने लगा है। सुबह के समय हल्की ठंड जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बना हुआ है। वीरवार को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 सितंबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। 27 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाने के साथ हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। बारिश होने पर हवा में मौजूद धूल के कण कम होने से वायु गुणवत्ता में बदलाव आ सकता है।
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आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि तापमान में आने वाले दिनों में गिरावट आएगी। 142 से 172 के बीच एक्यूआई रहा है। सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से खुले में अधिक देर तक रहने से बचें।
डॉक्टर जितेंद्र गिल के अनुसार सांस संबंधी परेशानी वाले लोग बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें। बाहर से आने के बाद चेहरा और हाथ साफ पानी से धोएं। धूल वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें। आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण अधिक होने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।