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विभाग की मेहरबानी से सड़क की जिम्मेदारी भूली एजेंसियां
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Agencies forgot the responsibility of the road due to the grace of the department
- फोटो : Kaithal
तीन साल रखरखाव की जिम्मेदारी के साथ तैयार की गई कैथल के तितरम मोड़ से राजौंद तक की सड़क दो साल में ही गड्ढों में तब्दील हो गई। कारण लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य देखनी वाली एजेंसियों पर मेहरबान हैं। दो साल पहले सितंबर 2019 में करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से इन सड़कों को दो टुकड़ों में बनाया गया था। तीन साल तक इन सड़कों की देखरेख की जिम्मेदारी भी इन्हीं एजेंसियों की थी, लेकिन महज दो साल में ही ये सड़कें हादसों का सबब बन चुकी हैं। किच्छाना कूई तक तो सड़क से गुजरना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।
दो साल पहले तितरम मोड़ से राजौंद तक सड़कों का निर्माण कार्य करीब 24 करोड़ रुपये में हुआ था। जिसमें तितरम मोड़ से देवबन कैंची चौक तक लगभग चार करोड़ रुपये में तो कैंची चौकी से राजौंद तक लगभग 20 करोड़ रुपये में सड़क का निर्माण कार्य हुआ था। वर्ष 2019 में हुए निर्माण कार्य के बाद तीन साल तक इन्हीं एजेंसियों द्वारा इन सड़कों की देखरेख की जानी है, लेकिन न तो एजेंसी और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से इस दिशा में काम किया जा रहा।
इस सड़क से हर रोज गुजरने वाले स्वयं जजपा नेता बलवान सिंह कोटड़ा, महेंद्र सिंह मलिक जाखौली, कर्ण सिंह मलिक जाखौली, पिरथी मलिक जाखौली, सतपाल कादियान जाखौली ने कहा कि सड़क की बुरी हालत हो गई है। करीब दो साल पहले ही इस सड़क का निर्माण कार्य हुआ था, लेकिन यह दो साल भी नहीं चल पाई। सड़कपर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। तितरम मोड़ से निकलते ही देवबन तक की सड़क खस्ताहाल है। इससे आगे किच्छाना कूई से राजौंद तक कुछ ठीक है। ज्यादा हालत तो तितरम मोड़ से किच्छाना कूई तक बदहाल है। गड्ढों के कारण कई बार हादसे होने का डर बना हुआ है। बार-बार मांग के बावजूद इस ओर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक्सईएन वरुण कंसल ने कहा कि उनकी जानकारी में तितरम मोड़ से कैंची चौक तक की सड़क को विभाग द्वारा ही ठीक करवाया जाएगा। तितरम मोड़ से राजौंद तक एजेंसी की जिम्मेवारी है। बारिश के कारण इस सड़क के मरम्मत का काम लेट हुआ है। जल्द ही इस सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी।
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दो साल पहले तितरम मोड़ से राजौंद तक सड़कों का निर्माण कार्य करीब 24 करोड़ रुपये में हुआ था। जिसमें तितरम मोड़ से देवबन कैंची चौक तक लगभग चार करोड़ रुपये में तो कैंची चौकी से राजौंद तक लगभग 20 करोड़ रुपये में सड़क का निर्माण कार्य हुआ था। वर्ष 2019 में हुए निर्माण कार्य के बाद तीन साल तक इन्हीं एजेंसियों द्वारा इन सड़कों की देखरेख की जानी है, लेकिन न तो एजेंसी और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से इस दिशा में काम किया जा रहा।
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इस सड़क से हर रोज गुजरने वाले स्वयं जजपा नेता बलवान सिंह कोटड़ा, महेंद्र सिंह मलिक जाखौली, कर्ण सिंह मलिक जाखौली, पिरथी मलिक जाखौली, सतपाल कादियान जाखौली ने कहा कि सड़क की बुरी हालत हो गई है। करीब दो साल पहले ही इस सड़क का निर्माण कार्य हुआ था, लेकिन यह दो साल भी नहीं चल पाई। सड़कपर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। तितरम मोड़ से निकलते ही देवबन तक की सड़क खस्ताहाल है। इससे आगे किच्छाना कूई से राजौंद तक कुछ ठीक है। ज्यादा हालत तो तितरम मोड़ से किच्छाना कूई तक बदहाल है। गड्ढों के कारण कई बार हादसे होने का डर बना हुआ है। बार-बार मांग के बावजूद इस ओर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक्सईएन वरुण कंसल ने कहा कि उनकी जानकारी में तितरम मोड़ से कैंची चौक तक की सड़क को विभाग द्वारा ही ठीक करवाया जाएगा। तितरम मोड़ से राजौंद तक एजेंसी की जिम्मेवारी है। बारिश के कारण इस सड़क के मरम्मत का काम लेट हुआ है। जल्द ही इस सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी।
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