फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   adhikari officer lagbhag aprox ,not

अधिकतर, लगभग, दो-तीन, तीन-चार... अब यह नहीं चलेगा

Sun, 12 Feb 2017 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत। Updated Sun, 12 Feb 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
adhikari officer lagbhag aprox ,not
कैथ्‍ाल - फोटो : कैथ्‍ाल
नसीब सैनी
विज्ञापन

कैथल। अधिकतर, लगभग, दो-तीन, तीन-चार... अब ये नहीं चलेगा। अगली मीटिंग में आएं तो शहर में सार्वजनिक शौचालयों की निश्चित संख्या हो कि कितने संचालित हैं और कितने खराब पड़े हैं। आप यदि अनमने ढंग से अपने ही प्रोग्राम चला रहे हैं और सरकार के कार्यक्रमों में रुचि लेकर काम नहीं करेंगे तो अब यह नहीं चलने दिया जाएगा। आप गली नालियों में अपने हित के लिए जो कुछ करते हैं। वह बंद कर दें। अन्यथा मैं खोजी व शिकारी कुत्ते छोड़ने में देर नहीं लगाऊंगा। ये निर्देश डीसी संजय जून ने स्वच्छ भारत मिशन की बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए दिए। बैठक में कलायत नगर पालिका अधिकारी को सार्वजनिक शौचालयों की संख्या ना बता पाने पर फटकार भी लगी। लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्वच्छ भारत मिशन की बैठक में कैथल, कलायत, पूंडरी व गुहला-चीका नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अधिकारियों सहित पार्षदों ने भाग लिया।
अभी भी खस्ताहल में हैं सार्वजनिक शौचालय
कैथल में 22 में से करीब 4 शौचालय खराब बताए गए। कलायत में 17 में से 4-4 शौचालय खराब बताए गए। पूंडरी में 18 में से 5 की रिपेयर चल रही है। राजौंद में महज 4 या 5 चल रहे हैं तो गुहला मेें 6 में से 6 सार्वजनिक शौचालय चल रहे हैं। बैठक में निर्देश दिए गए कि शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय बनाए जाने की संभावनाएं तलाशें। अधिकारियों को सार्वजनिक शौचालयों की खुद विजिट करनी होगी। साथ ही कलायत में शौचालयों के लिए आवेदन फार्म भरवाए जाने पर भी रोक लगाने के आदेश दिए।
विज्ञापन


बजट की कमी बताने पर मिली फटकार
बजट की कमी का बहाना बनाने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एडीसी ने कहा कि यदि मिशन की गाइडलाइन पढ़ी होती तो बजट का भी पता चल जाता। इसके लिए अलग से बजट की आवश्यकता नहीं है। आवेदन करें। बजट अपने आप मिल जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


तिथि निर्धारित कर दिए गए थे काम करने के आदेश, नहीं हो पाया काम
पिछली बैठक में अधिकारियों को तिथि निर्धारित कर सार्वजनिक शौचालय की दिशा में काम के आदेश दिए गए थे। लेकिन कैथल सहित कई शहरों में अभी काम प्रारंभिक स्थिति में है। जिस पर डीसी व एडीसी ने अधिकारियों को अगले सप्ताह बुधवार तक हर हाल में काम सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

बड़े संस्थानों व मार्केट एसोसिएशन की ली जा सकती है सहायता
सार्वजनिक शौचालयों के लिए मार्केट एसोसिएशन व बड़े संस्थानों की सहायता ली जा सकती है। यदि वे उसे संचालन में मदद करते हैं तो संस्थान शौचालय के एक तिहाई एरिया को छोड़कर अपना विज्ञापन उस पर पेंट करवा सकते हैं।

जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं सुनते साहब
स्वच्छ भारत मिशन में जनस्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष प्रकट करते हुए पार्षदों ने कहा कि विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते। उन्हें बार-बार फोन किया जाता है। लेकिन पार्षद लोगों की शिकायतों पर परेशान हो चुके हैं। जबकि सीवरेज व पानी की लीकेज बंद हो जाए तो मिशन सफल हो सकता है।

अधिकारियों व नेताओं के घरों पर काम करते हैं सफाई कर्मचारी
पार्षद मोहन लाल ने कहा कि बैठकों में अधिकारी चाय-नाश्ता करके चले जाते हैं। बस हो गया मिशन सफल। ऐसे नहीं होगा। जनभागीदारी एवं सरकारी मशीनरी के सदुपयोग से होगा। 80 प्रतिशत मजदूर रेलवे ट्रैक के दोनों ओर शौच जाते हैं। आज तक वहां किसी ने जाकर नहीं देखा। वार्डों में हालत खराब हैं। सफाई कर्मचारी अधिकारियों व नेताओं के घरों पर काम करते हैं। उन्हें वहां से हटाकर वार्डों में लगाया जाए तो आधी से अधिक समस्या का समाधान हो सकता है।

डीसी दिखे सख्त
डीसी ना केवल मिशन को लेकर सख्त दिखे बल्कि कहा कि अगली बैठक में यह चार्ट लेकर आएं कि किस कर्मचारी की ड्यूटी कहां है और अब वह कहां डेप्यूट है। उन्होंने कहा कि इस मिशन में कोताही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारी रुचि लेकर काम करें। बुधवार को दोबारा बैठक होगी। जिसमें काम की समीक्षा होगी। उन्होंने पार्षदों का आह्वान किया कि वे भी इस कार्य में सहयोग दें।

कूड़ेदान भरने पर टोल फ्री नंबर पर किया जा सकेगा फोन
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की अब बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगानी होगी। सभी अधिकारी अपने-अपने शहर के लिए ये मशीनें खरीद लें। साथ ही कूड़ेदान पर पेंट करवाकर टोलफ्री नंबर लिखवाया जाएगा। ताकि उसके भरने पर पड़ोस के लोग या दुकानदार नगर पालिका में फोन करके सूचना दे सकें। इसे तुरंत उठवाया जाएगा। वार्डों में पार्षदों के साथ निगरानी समितियां बनेंगी। जो लोगों को खुले से शौचमुक्ति के लिए प्रेरित करेंगी। 31 मार्च तक जिले को पूर्ण रुप से खुले में शौचमुक्त बनाया जाना है।


नगर परिषद चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि यह स्वच्छता अभियान शुरुआत है। जब तक पूर्ण स्वच्छता नहीं आ जाती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed